आईपीएस मणिलाल पाटीदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज, 3 और अफसर अभी जाँच की चपेट में !

लखनऊ- यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दो दिन में दो आईपीएस अफसर को निलंबित करने के बाद जहाँ उनकी विजिलेंस जांच शुरू करा दी है वहीँ एक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा दिया है। अब तीन और आईपीएस अफसर जांच के दायरे में है जिनके बारे में गोपनीय रूप से शिकायत मिली हुई है।

भ्र्ष्टाचार मुक्त सरकार का दावा करने वाली योगी सरकार में ज़बरदस्त लूट-खसोट की बढ़ रही शिकायत के बाद अब सीएम योगी सख्ती के मूड में आ गए है, उन्होंने पिछले दो दिन में प्रयागराज और महोबा के पुलिस कप्तान को सस्पेंड करने के बाद आज उन दोनों आईपीएस अफसरों के खिलाफ विजिलेंस जांच के आदेश दे दिए, जिसमे इन दोनों की संपत्ति की भी जांच कराई जायेगी। सूत्रों के अनुसार अभी तीन और आईपीएस अफसर कार्यवाही की जद में आ सकते है जिनके बारे में शिकायत मिली हुई है। मुख्यमंत्री अब किसी को बख्शने के मूड में नहीं लग रहे है।

आज मुख्यमंत्री के आदेश पर डीजीपी ने लखनऊ के हज़रत गंज थाने में मणिलाल पाटीदार और दो कोतवालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है, इन पर आर्थिक अपराध के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया है। आपको बता दें कि महोबा के कबरई निवासी इंद्रकांत त्रिपाठी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री व केंद्रीय गृहमंत्री को पत्र लिखने के साथ ही एक वीडियो जारी किया था जिसमे त्रिपाठी ने महोबा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार पर आरोप लगाया था कि वह क्रेशर चलाने के एवज में हर महीने छह लाख रुपये मांग रहे हैं। उन्हें जून व जुलाई की रकम दे दी गई थी लेकिन जब उन्होंने एसपी को बताया कि वह घाटा होने के कारण आगे रुपये नहीं दे सकेंगे तो उन्हें डराया धमकाया गया। उन्होंने खुद एसपी को बताया कि वह आगे रकम नहीं दे सकेंगे। इस पर एसपी के कहने पर उनके कार्यालय में तैनात सिपाहियों ने डराया धमकाया। उन्होंने वीडियो वायरल कर मुख्यमंत्री से निवेदन किया था कि पुलिस अधीक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। वह छोटी-छोटी बातों पर रकम मांगते हैं। इसके बाद 8 सितंबर को रात में जब इंद्रकांत त्रिपाठी बांदा जा रहे थे तभी गौहरी खेड़ा के पास उन्हें गोली मार दी गई। त्रिपाठी ने पहले ही आशंका व्यक्त की थी कि एसपी उन्हें गोली लगवा सकते है। मणिलाल पाटीदार के खिलाफ पहले भी लगातार धन उगाही की शिकायतें मिल रही थीं। एक अन्य मामले में बांदा के सिपाही राज कुमार कश्यप ने लखनऊ स्थित पीपी पाण्डेय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लिमिटेड के मैनेजर अमित तिवारी को फोन कर धमकाया कि वह महोबा के एसपी से तुरंत मिल लें वर्ना उनकी गाड़ियां महोबा में चलने नहीं दी जाएंगी। यह कंपनी बुदेलखंड एक्सप्रेस वे में गिट्टी सप्लाई का काम कर रही है। शासन के निर्देश पर चित्रकूट रेंज के आईजी द्वारा अमित पाण्डेय के आरोपों की जांच की गई, तो उन्हें सही पाया गया। यही नहीं,एसपी के आदेश पर अमित तिवारी की कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ फर्जी ढंग से एफआईआर दर्ज की गई। आईजी चित्रकूट रेंज की जांच में पाया गया कि ऐसा एसपी को रकम न देने के कारण द्वेषवश किया गया। आईजी की रिपोर्ट पर शासन ने एसपी महोबा मणिलाल पाटीदार को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दे दिए थे।

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