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हुनर हाट में बिके 3 करोड़ के उत्पाद, सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने बांधा समां


अवध शिल्प ग्राम में लगे हुनर हाट में रविवार को अंतिम दिन खूब रही भीड़।

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लखनऊ। अवध शिल्पग्राम में चल रहे हुनर हाट में तीन करोड़ रुपये कीमत की बिक्री हुई, जिससे हुनरमंदों के चेहरे खिल उठे। इतना ही नहीं शिल्पकारों को 70 लाख रुपये के ऑर्डर भी मिले हैं। वहीं, अंतिम दिन शाम को सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने भी मनमोहक प्रस्तुतियां देकर शाम को यादगार बना दिया। हालांकि रविवार को भारी संख्या में खरीदारों के पहुंचने की वजह से जाम की समस्या भी रही।
लखनऊ में ‘वोकल फॉर लोकल’ की थीम पर आयोजित हुए हुनर हाट’ में 75 जिलों के बेहतरीन कारीगरों और शिल्पकारों ने अपने हुनर से सभी का दिल जीत लिया। रविवार तक ओडीओडीपी स्टॉलों पर लगभग तीन करोड़ की बिक्री दर्ज की गई। 500 से अधिक कारीगरों और शिल्पकारों को कोरोना संकट के बाद भी मंच प्रदान किया गया. ‘हुनर हाट’ में लखनऊ की चिकनकारी, भदोही की कालीन, वाराणसी का सिल्क, गोरखपुर का टेराकोटा, फिरोजाबाद का ग्लास, मुरादाबाद का पीतल, आगरा-कानपुर की लेदर, पीलीभीत की बांसुरी, अयोध्या का गुड़, अमेठी का मूंज, बंदायू की जरी जरदोजी, बलिया की बिंदी, मिर्जापुर की कालीन, कुशीनगर के केले से बने उत्पाद समेत अन्य 65 जिलों के उत्पादों की लोगों ने जमकर खरीदारी की।
70 लाख के ऑर्डर शिल्पकारों को मिले
हुनर हाट में ओडीओपी स्टॉलों पर रविवार को एक और जहां खरीदारों का तांता लगा रहा, वहीं दूसरी तरफ लोगों ने शिल्पकारों को 70 लाख रुपये के आर्डर भी दिए। लोगों को उत्पाद बेहद पसंद आए। स्टॉलों में जालौन का पेपर, मिर्जापुर की कालीन, अयोध्या का गुड़, बनारस की सिल्क साड़ी, भदोही के कालीन समेत फर्नीचर के ढेर सारे ऑर्डर मिलने से शिल्पकारों के चेहरे खुशी से दमक उठे। इतना ही नहीं कश्मीर से कन्याकुमारी के कारीगरों ने योगी सरकार की ओडीओपी योजना की प्रशंसा की। ओडीओपी के तहत उनके उत्पाद सरकार द्वारा दूसरे देशों में अब दोगुनी रफ्तार से निर्यात हो रहे हैं।
अंतिम दिन उमड़ी भीड़, लगा जाम, रेंगते रहे वाहन
हुनर हाट के अंतिम दिन बड़ी संख्या में खरीदार पहुंचे। खरीदारों की भीड़ की वजह से अर्जुनगंज के रस्ते अंसल गोल्फ सिटी होते हुए शिल्पग्राम जाने वाले रास्ते, शिल्पग्राम से वृंदावन होते हुए तेलीबाग वाले रास्ते और पीजीआई मार्ग पर जाम की समस्या लगी रही। ट्रैफिक पुलिस लगातार वाहनों की आवाजाही बनाए रखने के लिए मशक्कत करती नजर आई। देर शाम तक वाहन रेंगते रहे।
अंत्याक्षरी से कलाकारों ने बांधा समां
रविवार को सांस्कृतिक संध्या में अंत्याक्षरी का कार्यक्रम हुआ, जहां कलाकारों ने सुरीली आवाज से चार चांद लगा दिए। मंच पर जब कलाकारों ने गीतों की महफिल सजाई तो पूरा पंडाल सुरीली आवाजों से गुलजार हो गया। हुनर हाट के सांस्कृतिक शाम में आयोजित अंत्याक्षरी में कलाकारों के साथ दर्शकों ने भी सहभागिता दिखाई। एंकर और अभिनेता अभिनव चतुर्वेदी ने अंत्याक्षरी में पुराने गीतों से दर्शकों का दिल जीत लिया। अंत्याक्षरी में चार सदस्यों की चार टीम हुनरमंद, वोकल फॉर लोकल, आत्मनिर्भर भारत, एक भारत श्रेष्ठ भारत रही, जिसमें पिया तू अब तो आजा…, ये दुनिया ये महफिल, रंग बरसे भीगे…, मेरे पिया गए रंगून.., ओ मेरे दिल के चैन सरीखे गीतों से श्रोताओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
अवध शिल्पग्राम में हुनर को मिला मुकाम
लखनऊ। हुनर हाट काफी सफल रहा। उत्तर प्रदेश सहित 31 राज्यों के 500 हुनरमंद इसमें शामिल हुए और लोगों ने स्वदेशी हस्तनिर्मित वस्तुओं की खरीदारी के साथ साथ पारंपरिक पकवानों का भी लुत्फ उठाया। लखनऊ के हुनर हाट के ई प्लेटफॉर्म पर विदेशों तक से लोग जुड़े। इसके अलावा जेम पोर्टल पर भी हुनर हाट उपलब्ध है। ये बातें केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने रविवार को हुनर हाट के समापन अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि हुनर हाट में आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, चंडीगढ़, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, झारखण्ड, कर्नाटक, केरल, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय आदि जगहों से लोग हुनर के उस्ताद लेकर शामिल हुए। इन दस्तकारों ने एप्लिक, अजरख, आर्ट मेटल, बाघ प्रिंट, बाटिक, बंधेज, बस्तर की जड़ी बूटियां, ड्राई फ्लावर्स, पश्मीना, रामपुरी वायलिन वुड आदि के उत्पाद बिक्री के लिए लगाए थे। हाट में प्रतिदिन शाम को कलाकारों द्वारा आत्मनिर्भर भारत थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी कराए गए। साथ ही पिछले छह वर्षों में हुनर हाट के जरिए पांच लाख कारीगरों को एक प्लेटफॉर्म मुहैया कराया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि आगे के हुनर हाट कर्नाटक, दिल्ली, कोटा आदि जगहों पर होंगे।

शहीद पथ स्थित अवध शिल्प ग्राम में लगे हुनर हाट में चाय का आनंद लेते मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी।

शहीद पथ स्थित अवध शिल्प ग्राम में लगे हुनर हाट में चाय का आनंद लेते मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी।

लखनऊ। अवध शिल्पग्राम में चल रहे हुनर हाट में तीन करोड़ रुपये कीमत की बिक्री हुई, जिससे हुनरमंदों के चेहरे खिल उठे। इतना ही नहीं शिल्पकारों को 70 लाख रुपये के ऑर्डर भी मिले हैं। वहीं, अंतिम दिन शाम को सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने भी मनमोहक प्रस्तुतियां देकर शाम को यादगार बना दिया। हालांकि रविवार को भारी संख्या में खरीदारों के पहुंचने की वजह से जाम की समस्या भी रही।

लखनऊ में ‘वोकल फॉर लोकल’ की थीम पर आयोजित हुए हुनर हाट’ में 75 जिलों के बेहतरीन कारीगरों और शिल्पकारों ने अपने हुनर से सभी का दिल जीत लिया। रविवार तक ओडीओडीपी स्टॉलों पर लगभग तीन करोड़ की बिक्री दर्ज की गई। 500 से अधिक कारीगरों और शिल्पकारों को कोरोना संकट के बाद भी मंच प्रदान किया गया. ‘हुनर हाट’ में लखनऊ की चिकनकारी, भदोही की कालीन, वाराणसी का सिल्क, गोरखपुर का टेराकोटा, फिरोजाबाद का ग्लास, मुरादाबाद का पीतल, आगरा-कानपुर की लेदर, पीलीभीत की बांसुरी, अयोध्या का गुड़, अमेठी का मूंज, बंदायू की जरी जरदोजी, बलिया की बिंदी, मिर्जापुर की कालीन, कुशीनगर के केले से बने उत्पाद समेत अन्य 65 जिलों के उत्पादों की लोगों ने जमकर खरीदारी की।

70 लाख के ऑर्डर शिल्पकारों को मिले

हुनर हाट में ओडीओपी स्टॉलों पर रविवार को एक और जहां खरीदारों का तांता लगा रहा, वहीं दूसरी तरफ लोगों ने शिल्पकारों को 70 लाख रुपये के आर्डर भी दिए। लोगों को उत्पाद बेहद पसंद आए। स्टॉलों में जालौन का पेपर, मिर्जापुर की कालीन, अयोध्या का गुड़, बनारस की सिल्क साड़ी, भदोही के कालीन समेत फर्नीचर के ढेर सारे ऑर्डर मिलने से शिल्पकारों के चेहरे खुशी से दमक उठे। इतना ही नहीं कश्मीर से कन्याकुमारी के कारीगरों ने योगी सरकार की ओडीओपी योजना की प्रशंसा की। ओडीओपी के तहत उनके उत्पाद सरकार द्वारा दूसरे देशों में अब दोगुनी रफ्तार से निर्यात हो रहे हैं।

अंतिम दिन उमड़ी भीड़, लगा जाम, रेंगते रहे वाहन

हुनर हाट के अंतिम दिन बड़ी संख्या में खरीदार पहुंचे। खरीदारों की भीड़ की वजह से अर्जुनगंज के रस्ते अंसल गोल्फ सिटी होते हुए शिल्पग्राम जाने वाले रास्ते, शिल्पग्राम से वृंदावन होते हुए तेलीबाग वाले रास्ते और पीजीआई मार्ग पर जाम की समस्या लगी रही। ट्रैफिक पुलिस लगातार वाहनों की आवाजाही बनाए रखने के लिए मशक्कत करती नजर आई। देर शाम तक वाहन रेंगते रहे।

अंत्याक्षरी से कलाकारों ने बांधा समां

रविवार को सांस्कृतिक संध्या में अंत्याक्षरी का कार्यक्रम हुआ, जहां कलाकारों ने सुरीली आवाज से चार चांद लगा दिए। मंच पर जब कलाकारों ने गीतों की महफिल सजाई तो पूरा पंडाल सुरीली आवाजों से गुलजार हो गया। हुनर हाट के सांस्कृतिक शाम में आयोजित अंत्याक्षरी में कलाकारों के साथ दर्शकों ने भी सहभागिता दिखाई। एंकर और अभिनेता अभिनव चतुर्वेदी ने अंत्याक्षरी में पुराने गीतों से दर्शकों का दिल जीत लिया। अंत्याक्षरी में चार सदस्यों की चार टीम हुनरमंद, वोकल फॉर लोकल, आत्मनिर्भर भारत, एक भारत श्रेष्ठ भारत रही, जिसमें पिया तू अब तो आजा…, ये दुनिया ये महफिल, रंग बरसे भीगे…, मेरे पिया गए रंगून.., ओ मेरे दिल के चैन सरीखे गीतों से श्रोताओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।

अवध शिल्पग्राम में हुनर को मिला मुकाम

लखनऊ। हुनर हाट काफी सफल रहा। उत्तर प्रदेश सहित 31 राज्यों के 500 हुनरमंद इसमें शामिल हुए और लोगों ने स्वदेशी हस्तनिर्मित वस्तुओं की खरीदारी के साथ साथ पारंपरिक पकवानों का भी लुत्फ उठाया। लखनऊ के हुनर हाट के ई प्लेटफॉर्म पर विदेशों तक से लोग जुड़े। इसके अलावा जेम पोर्टल पर भी हुनर हाट उपलब्ध है। ये बातें केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने रविवार को हुनर हाट के समापन अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि हुनर हाट में आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, चंडीगढ़, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, झारखण्ड, कर्नाटक, केरल, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय आदि जगहों से लोग हुनर के उस्ताद लेकर शामिल हुए। इन दस्तकारों ने एप्लिक, अजरख, आर्ट मेटल, बाघ प्रिंट, बाटिक, बंधेज, बस्तर की जड़ी बूटियां, ड्राई फ्लावर्स, पश्मीना, रामपुरी वायलिन वुड आदि के उत्पाद बिक्री के लिए लगाए थे। हाट में प्रतिदिन शाम को कलाकारों द्वारा आत्मनिर्भर भारत थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी कराए गए। साथ ही पिछले छह वर्षों में हुनर हाट के जरिए पांच लाख कारीगरों को एक प्लेटफॉर्म मुहैया कराया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि आगे के हुनर हाट कर्नाटक, दिल्ली, कोटा आदि जगहों पर होंगे।

शहीद पथ स्थित अवध शिल्प ग्राम में लगे हुनर हाट में चाय का आनंद लेते मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी।

शहीद पथ स्थित अवध शिल्प ग्राम में लगे हुनर हाट में चाय का आनंद लेते मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी।



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