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Amar Ujala Organise A Seminar Of Youth Business Person – हम सीखना बंद कर देंगे तो हमारा विकास रुक जाएगा


अमर उजाला दफ्तर में आयोजित संवाद में आए युवा।
– फोटो : ??? ?????

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हम सीखना बंद कर देंगे तो हमारा विकास रुक जाएगा। युवाओं से हमेशा बहुत कुछ सीखने को मिलता है। युवाओं को भी हमेशा बेहतर सोचना चाहिए। उनके लिए चुनौती जैसा कोई शब्द नहीं होता है।
उनके लिए हर चुनौती एक अवसर होती है। ये बातें भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के सीजीएम अजय खन्ना ने शनिवार को डालीबाग स्थित अमर उजाला कार्यालय में युवाओं से ‘कोरोना काल और बैंकिंग’ विषय पर संवाद के दौरान कहीं।
इस दौरान युवाओं के सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के साथ-साथ बैंक भी युवाओं के स्किल डवलपमेंट के लिए योजना चलाता है।
हमारे बेलापुर सेंटर में आईटी के 5000 लोग डिजिटल काम के लिए लगे हैं। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी भी स्टार्टअप के लोन के लिए डिग्री जरूरी नहीं है।
स्किल और अनुभव ही काफी है। हमारी 51 ब्रांच एमएसएमई स्पेशल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिजिटलाइजेशन का असर कभी भी मैन पावर पर नहीं पड़ेगा। उनकी जरूरत पहले से ज्यादा बनी हुई है।
10 लाख तक के लोन पर छह से आठ माह तक कोई ब्याज नहीं
अजय खन्ना ने बताया कि स्किल्ड लोगों को छोटे स्तर पर काम शुरू करने के लिए बैंक लोन देता है। 10 लाख तक के लोन पर छह से आठ महीने तक कोई ब्याज व ईएमआई भी नहीं देनी होती है। होम लोन में भी एक निर्धारित निर्माण होने तक कोई बाध्यता ईएमआई की नहीं होती है। बस हम लोन देने वाले की रिपेमेंट कैपिसिटी देखते हैं। उन्होंने बताया कि महिलाओं को आरक्षण नहीं बल्कि काम के बेहतर अवसर और वातावरण देने की जरूरत है। बैंक ने अपनी महिला कर्मचारियों के लिए सखी योजना शुरू की है। हम उनको काम का बेहतर अवसर देते हैं। साथ ही 10वीं, 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों के लिए प्रोफेशनल कंसलटेंसी की भी सुविधा शुरू करने जा रहे हैं, जिसका कोई चार्ज नहीं होगा।
डिमांड ड्राफ्ट कभी इनवैलिड नहीं होता
एक सवाल के जवाब में सीजीएम ने बताया कि डिमांड ड्राफ्ट कभी इनवैलिड नहीं होता है। अगर उसका तीन माह पूरा हो गया है तो इसकी अवधि बढ़वाई जा सकती है। किंतु यह पैनल करेंसी है, इसके प्रयोग होने तक हमें डेटा मेंटेन करना होता है। इसलिए इसके लिए तीन महीने का समय निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि बैंक बच्चों को देश के बाहर उच्च शिक्षा के लिए भी लोन देता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल साक्षरता बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।
सेल्फ हेल्प ग्रुप लाएगा बड़ा बदलाव
महिलाओं के अपना काम शुरू करने में बैंक क्या सहयोग कर सकता है? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि सेल्फ हेल्प ग्रुप इसके लिए काफी कारगर होगा। यूपी में अभी इसे लेकर जागरूकता कम है। इसके तहत कुछ महिलाएं एकत्र होकर एक संयुक्त खाता खोलकर उसमें छह महीने तक अपनी छोटी-छोटी सेविंग जमा करें। इसके बाद इसी के आधार पर 10 गुणा तक लोन मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि अवसाद ग्रस्त महिलाओं के लिए काम करने के लिए सीएसआर फंड के तहत बैंक सहयोग करेगा।
फोन में रखें जरूरी एप, साझा न करें जानकारी
साइबर क्राइम पर सीजीएम ने कहा कि बिना किसी सूचना के साझा किए कोई डिजिटल फ्रॉड नहीं हो सकता है। तकनीकी के साथ-साथ खतरे बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि अपने कार्ड की डिटेल किसी से साझा न करें। बहुत जरूरी ऐप ही अपने फोन में रखें। एप में किसी भी चीज की एक्सेस देने से पहले पढ़ लें, समझ लें। इसके माध्यम से भी कई लोग आपकी जानकारी प्राप्त कर लेते हैं और फिर आगे दिक्कत हो सकती है।
युवाओं ने ये मुद्दे भी उठाए
1. गांव के बच्चों में काफी हुनर है, लेकिन पैसा व संसाधन नहीं है। उनको कैसे स्किल्ड करके आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। उनको स्टार्ट अप शुरू के लिए भी सहयोग की व्यवस्था नहीं है। इसकी तरफ ध्यान देना चाहिए। – अनुज आनंद
2. जिनके पास डिग्री नहीं है, लेकिन स्किल्ड हैं। ऐसे लोगों को स्टार्ट अप शुरू करने के लिए बैंक की कोई योजना है क्या? इसके लिए उन्हें कैसे लोन मिलेगा? कई बार आर्थिक सहयोग के अभाव में उनका काम आगे नहीं बढ़ पाता है। ऐसे युवाओं के लिए भी बैंक को योजना तैयार करनी चाहिए। – पल्लवी शर्मा
3. बहुत सारे स्किल्ड लोग हैं, जो अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास करते हैं। किंतु शुरुआत के महीने से ही ब्याज व ईएमआई लगने के कारण वे सफल नहीं हो पाते हैं। उन्हें छह महीने तक लोन पर ईएमआई या ब्याज मुक्त मिलना चाहिए। – शेफ जुल्फिकार हुसैन
4. आज हर जगह पर महिला सशक्तीकरण की बात होती है। अस्पताल, रेलवे, पोस्ट ऑफिस में महिलाओं के लिए अलग काउंटर या लाइन होती है, किंतु बैंक में ऐसी व्यवस्था नहीं दिखती है। बैंक में उनके लिए अलग लाइन की व्यवस्था होनी चाहिए। – डॉ. सृष्टि श्रीवास्तव
5. डिमांड ड्राफ्ट सिर्फ 3 महीने तक ही वैलिड होता है, जबकि ग्राहक इसको बनवाने के लिए पैसा बैंक को देते हैं। कई बार इसके प्रयोग न कर पाने के कारण लोगों का पैसा इसमें वेस्ट हो जाता है। – गौरी शर्मा
6. काफी महिलाएं ऐसी हैं, जोे अपना खुद का काम, अपना स्टार्ट अप शुरू करना चाहती हैं लेकिन उनको आर्थिक सहयोग नहीं मिल पाता है। मैंने मशरूम का स्टार्ट अप शुरू किया है। कई बार महिलाएं अवसाद ग्रस्त भी हो जाती हैं। उनकी बेहतरी के लिए योजना होनी चाहिए। – कामिनी श्रीवास्तव
7. ज्वेलरी सेक्टर में काफी लोग काम करने के इच्छुक हैं, किंतु यह काफी इनवेस्टमेंट मांगता है। इससे काफी लोग हिचकते हैं। मेरी 18 साल की बेटी बाहर जाकर पढ़ाई करना चाहती है। इसके लिए किस तरह की लोन की सुविधा मिलती है? – श्रुति केसरवानी
8. साइबर क्राइम आज की बड़ी समस्या बन गया है। इसके द्वारा लोगों की जीवन भर की पूंजी एक झटके में गंवा देते हैं। हमको इसके रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूकता एक अच्छा माध्यम है। – गोधूलि शर्मा
9. किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर गांवों में जागरूकता कम है और बिचौलिये ज्यादा है। वह भोले भाले लोगों को ठगने का काम करते हैं। हमें बैंकों के आपस में विलय का कोई विकल्प खोजना चाहिए। लोगों में इसे लेकर काफी भ्रम की स्थिति है। – सर्वजीत सिंह

हम सीखना बंद कर देंगे तो हमारा विकास रुक जाएगा। युवाओं से हमेशा बहुत कुछ सीखने को मिलता है। युवाओं को भी हमेशा बेहतर सोचना चाहिए। उनके लिए चुनौती जैसा कोई शब्द नहीं होता है।

उनके लिए हर चुनौती एक अवसर होती है। ये बातें भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के सीजीएम अजय खन्ना ने शनिवार को डालीबाग स्थित अमर उजाला कार्यालय में युवाओं से ‘कोरोना काल और बैंकिंग’ विषय पर संवाद के दौरान कहीं।

इस दौरान युवाओं के सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के साथ-साथ बैंक भी युवाओं के स्किल डवलपमेंट के लिए योजना चलाता है।

हमारे बेलापुर सेंटर में आईटी के 5000 लोग डिजिटल काम के लिए लगे हैं। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी भी स्टार्टअप के लोन के लिए डिग्री जरूरी नहीं है।

स्किल और अनुभव ही काफी है। हमारी 51 ब्रांच एमएसएमई स्पेशल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिजिटलाइजेशन का असर कभी भी मैन पावर पर नहीं पड़ेगा। उनकी जरूरत पहले से ज्यादा बनी हुई है।

10 लाख तक के लोन पर छह से आठ माह तक कोई ब्याज नहीं

अजय खन्ना ने बताया कि स्किल्ड लोगों को छोटे स्तर पर काम शुरू करने के लिए बैंक लोन देता है। 10 लाख तक के लोन पर छह से आठ महीने तक कोई ब्याज व ईएमआई भी नहीं देनी होती है। होम लोन में भी एक निर्धारित निर्माण होने तक कोई बाध्यता ईएमआई की नहीं होती है। बस हम लोन देने वाले की रिपेमेंट कैपिसिटी देखते हैं। उन्होंने बताया कि महिलाओं को आरक्षण नहीं बल्कि काम के बेहतर अवसर और वातावरण देने की जरूरत है। बैंक ने अपनी महिला कर्मचारियों के लिए सखी योजना शुरू की है। हम उनको काम का बेहतर अवसर देते हैं। साथ ही 10वीं, 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों के लिए प्रोफेशनल कंसलटेंसी की भी सुविधा शुरू करने जा रहे हैं, जिसका कोई चार्ज नहीं होगा।

डिमांड ड्राफ्ट कभी इनवैलिड नहीं होता

एक सवाल के जवाब में सीजीएम ने बताया कि डिमांड ड्राफ्ट कभी इनवैलिड नहीं होता है। अगर उसका तीन माह पूरा हो गया है तो इसकी अवधि बढ़वाई जा सकती है। किंतु यह पैनल करेंसी है, इसके प्रयोग होने तक हमें डेटा मेंटेन करना होता है। इसलिए इसके लिए तीन महीने का समय निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि बैंक बच्चों को देश के बाहर उच्च शिक्षा के लिए भी लोन देता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल साक्षरता बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।

सेल्फ हेल्प ग्रुप लाएगा बड़ा बदलाव

महिलाओं के अपना काम शुरू करने में बैंक क्या सहयोग कर सकता है? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि सेल्फ हेल्प ग्रुप इसके लिए काफी कारगर होगा। यूपी में अभी इसे लेकर जागरूकता कम है। इसके तहत कुछ महिलाएं एकत्र होकर एक संयुक्त खाता खोलकर उसमें छह महीने तक अपनी छोटी-छोटी सेविंग जमा करें। इसके बाद इसी के आधार पर 10 गुणा तक लोन मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि अवसाद ग्रस्त महिलाओं के लिए काम करने के लिए सीएसआर फंड के तहत बैंक सहयोग करेगा।

फोन में रखें जरूरी एप, साझा न करें जानकारी

साइबर क्राइम पर सीजीएम ने कहा कि बिना किसी सूचना के साझा किए कोई डिजिटल फ्रॉड नहीं हो सकता है। तकनीकी के साथ-साथ खतरे बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि अपने कार्ड की डिटेल किसी से साझा न करें। बहुत जरूरी ऐप ही अपने फोन में रखें। एप में किसी भी चीज की एक्सेस देने से पहले पढ़ लें, समझ लें। इसके माध्यम से भी कई लोग आपकी जानकारी प्राप्त कर लेते हैं और फिर आगे दिक्कत हो सकती है।

युवाओं ने ये मुद्दे भी उठाए

1. गांव के बच्चों में काफी हुनर है, लेकिन पैसा व संसाधन नहीं है। उनको कैसे स्किल्ड करके आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। उनको स्टार्ट अप शुरू के लिए भी सहयोग की व्यवस्था नहीं है। इसकी तरफ ध्यान देना चाहिए। – अनुज आनंद

2. जिनके पास डिग्री नहीं है, लेकिन स्किल्ड हैं। ऐसे लोगों को स्टार्ट अप शुरू करने के लिए बैंक की कोई योजना है क्या? इसके लिए उन्हें कैसे लोन मिलेगा? कई बार आर्थिक सहयोग के अभाव में उनका काम आगे नहीं बढ़ पाता है। ऐसे युवाओं के लिए भी बैंक को योजना तैयार करनी चाहिए। – पल्लवी शर्मा

3. बहुत सारे स्किल्ड लोग हैं, जो अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास करते हैं। किंतु शुरुआत के महीने से ही ब्याज व ईएमआई लगने के कारण वे सफल नहीं हो पाते हैं। उन्हें छह महीने तक लोन पर ईएमआई या ब्याज मुक्त मिलना चाहिए। – शेफ जुल्फिकार हुसैन

4. आज हर जगह पर महिला सशक्तीकरण की बात होती है। अस्पताल, रेलवे, पोस्ट ऑफिस में महिलाओं के लिए अलग काउंटर या लाइन होती है, किंतु बैंक में ऐसी व्यवस्था नहीं दिखती है। बैंक में उनके लिए अलग लाइन की व्यवस्था होनी चाहिए। – डॉ. सृष्टि श्रीवास्तव

5. डिमांड ड्राफ्ट सिर्फ 3 महीने तक ही वैलिड होता है, जबकि ग्राहक इसको बनवाने के लिए पैसा बैंक को देते हैं। कई बार इसके प्रयोग न कर पाने के कारण लोगों का पैसा इसमें वेस्ट हो जाता है। – गौरी शर्मा

6. काफी महिलाएं ऐसी हैं, जोे अपना खुद का काम, अपना स्टार्ट अप शुरू करना चाहती हैं लेकिन उनको आर्थिक सहयोग नहीं मिल पाता है। मैंने मशरूम का स्टार्ट अप शुरू किया है। कई बार महिलाएं अवसाद ग्रस्त भी हो जाती हैं। उनकी बेहतरी के लिए योजना होनी चाहिए। – कामिनी श्रीवास्तव

7. ज्वेलरी सेक्टर में काफी लोग काम करने के इच्छुक हैं, किंतु यह काफी इनवेस्टमेंट मांगता है। इससे काफी लोग हिचकते हैं। मेरी 18 साल की बेटी बाहर जाकर पढ़ाई करना चाहती है। इसके लिए किस तरह की लोन की सुविधा मिलती है? – श्रुति केसरवानी

8. साइबर क्राइम आज की बड़ी समस्या बन गया है। इसके द्वारा लोगों की जीवन भर की पूंजी एक झटके में गंवा देते हैं। हमको इसके रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूकता एक अच्छा माध्यम है। – गोधूलि शर्मा

9. किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर गांवों में जागरूकता कम है और बिचौलिये ज्यादा है। वह भोले भाले लोगों को ठगने का काम करते हैं। हमें बैंकों के आपस में विलय का कोई विकल्प खोजना चाहिए। लोगों में इसे लेकर काफी भ्रम की स्थिति है। – सर्वजीत सिंह



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