Most Popular

Social Media

Get The Latest Updates

Subscribe To Our Weekly Newsletter

No spam, notifications only about new products, updates.

Amarinder Singh Delhi visit news, possible to meet PM Narendra Modi; Harish Chaudhary stays in Punjab to take the next bet of Captain | PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात संभव; कैप्टन का अगला दांव संभालने हरीश चौधरी पंजाब में डटे


  • Hindi News
  • Local
  • Punjab
  • Jalandhar
  • Amarinder Singh Delhi Visit News, Possible To Meet PM Narendra Modi; Harish Chaudhary Stays In Punjab To Take The Next Bet Of Captain

जालंधर35 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

पंजाब के सियासी दिग्गज कैप्टन अमरिंदर सिंह गुरूवार को भी दिल्ली में हैं। एक हफ्ते में यह दिल्ली का उनका दूसरा दौरा है। पहले दिन उन्होंने सांसद पत्नी परनीत कौर के निवास पर श्री आनंदपुर साहिब से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी से भी मुलाकात की। गुरूवार को उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हो सकती है। पिछले दौरे में अमरिंदर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से मिले थे। अमरिंदर के दिल्ली दौरे को पंजाब में उनकी नई सियासी पारी से जोड़कर देखा जा रहा है। अमरिंदर के अगले दांव से कांग्रेस हाईकमान भी चिंतित है। इसलिए राजस्थान के मंत्री हरीश चौधरी पंजाब में ही डटे हैं।

कांग्रेस प्रचारित कर रही है कि वह नवजोत सिद्धू और CM चरणजीत चन्नी की कलह सुलझाने आए हैं। हालांकि हकीकत यह है कि वो अमरिंदर का अगला दांव संभालने के लिए डटे हुए हैं। अमरिंदर की गतिविधि और उनसे मिलने वाले नेताओं के रूख के बारे में हाईकमान को सूचना दे रहे हैं।

कांग्रेस की चिंता, विधायक टूटकर जा सकते हैं

पंजाब कांग्रेस को लेकर हाईकमान की चिंता खत्म नहीं हो रही। खासकर, कैप्टन अमरिंदर सिंह के कांग्रेस छोड़ने के ऐलान के बाद पार्टी का डर बढ़ गया है। इसकी बड़ी वजह उनका पंजाब में सियासी रसूख है। अमरिंदर 52 साल से पंजाब की राजनीति में हैं। कांग्रेस को डर है कि कैप्टन जब भी अपने अगले सियासी संगठन की शुरूआत करेंगे तो उनके विधायक टूट सकते हैं। सूत्रों की मानें तो करीब 15 विधायक अमरिंदर के संपर्क में हैं। जिनमें अच्छी परफॉर्मेंस के बावजूद सिर्फ कैप्टन के करीबी की वजह से मंत्रीपद से हटाए गए विधायक भी शामिल हैं। ऐसी सूरत में पंजाब में कांग्रेस बहुमत में रहे और सरकार रहते ही चुनाव का सामना करने, इसको लेकर हरीश चौधरी विधायकों के भी संपर्क में हैं।

अमरिंदर ने CM रहते गन्ने की कीमतें बढ़ाईं तो किसान नेताओं ने उनका मुंह मीठा कराया था।

अमरिंदर ने CM रहते गन्ने की कीमतें बढ़ाईं तो किसान नेताओं ने उनका मुंह मीठा कराया था।

किसान आंदोलन समाधान के मध्यस्थ बनेंगे अमरिंदर

पंजाब में चर्चा इसी बात को लेकर है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह किसान आंदोलन के मध्यस्थ बनेंगे। कृषि कानूनों के विरोध करीब 10 महीने से दिल्ली के सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर आंदोलन चल रहा है। इसके बाद अमरिंदर सियासी पार्टी का आगाज कर सकते हैं। अमरिंदर के लिए यह मुश्किल काम नहीं। जितने अच्छे रिश्ते उनके PM नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से हैं, उतने ही किसान नेताओं से भी हैं। किसान आंदोलन का हल निकले, यह किसान नेता भी चाहते हैं। सरकार और किसानों में बातचीत भी बंद है। यह भी चर्चा है कि अमरिंदर को राज्यसभा के रास्ते सांसद बना केंद्र में कृषि मंत्री बना कानून वापसी या संयुक्त किसान मोर्चा की सहमति से इसका हल निकाला जा सकता है।

कांग्रेस के पर्यवेक्षक हरीश चौधरी के साथ नवजोत सिद्धू।

कांग्रेस के पर्यवेक्षक हरीश चौधरी के साथ नवजोत सिद्धू।

कांग्रेस जिस सिद्धू के भरोसे, उसी से टक्कर लेंगे अमरिंदर

बड़ी बात यह है कि कांग्रेस ने नवजोत सिद्धू पर भरोसा कर ही कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाया। कांग्रेस को उम्मीद है कि 2022 में सिद्धू के दम पर पंजाब चुनाव में जीत मिलेगी। हालांकि अमरिंदर ने सीधे सिद्धू को ही टक्कर दे दी। अमरिंदर ने कहा कि सिद्धू पंजाब के लिए सही व्यक्ति नहीं हैं। उनकी पाक PM इमरान खान और सेना प्रमुख बाजवा से दोस्ती है। सिद्धू को वो चुनाव नहीं जीतने देंगे। सिद्धू के खिलाफ मजबूत कैंडिडेट उतारेंगे। अमरिंदर ने यह भी कहा था कि वो अगला चुनाव जीत राजनीति छोड़ रहे थे लेकिन अब हारकर मैदान नहीं छोड़ेंगे। इससे स्पष्ट है कि अमरिंदर का हर दांव विरोधियों से ज्यादा कांग्रेस की मुसीबत बढ़ाएगा।

खबरें और भी हैं…



Source link

Share:

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on linkedin
Share on whatsapp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *