नौ साल बाद नासा ने फिर रचा इतिहास,एलन मस्क (Elon Musk) की निजी कंपनी SpaceX के रॉकेट से दो अंतरिक्ष यात्रियों को ISS पर भेजा

Elon Musk Space X

मशहूर उद्योगपति एलन मस्क की कंपनी SpaceX ने इतिहास रच दिया है। दरअसल कंपनी के रॉकेट से दो अंतरिक्षयात्रियों ने शनिवार को अन्तरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) की उड़ान भरी। इसके साथ ही दुनिया में कमर्शियल स्पेस ट्रैवल की ऐतिहासिक शुरुआत हो गई। वहीं अमेरिका की धरती से करीब एक दशक बाद अंतरिक्षयात्रियों को स्पेस में भेजा गया है, जिसके चलते अमेरिका के लिए यह लॉन्चिंग बेहद खास रही।

नासा के डग हार्ले और बॉब बेनकेन ने स्पेस एक्स कंपनी के रॉकेट Falcon 9 के आगे लगे कैप्सूल में बैठकर शनिवार शाम 3.22 बजे आसमान के लिए उड़ान भरी। गौरतलब है कि यह लॉन्चिंग उसी लॉन्च पैड से की गई थी, जहां से अपोलो मिशन के अंतरिक्षयात्रियों ने चंद्रमा के लिए ऐतिहासिक उड़ान भरी थी। दोनों अंतरिक्षयात्री रविवार को अन्तरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पहुंच जाएंगे और वहां करीब 4 माह तक रहने के बाद धरती पर वापस लौट आएंगे।

बता दें कि यह लॉन्च पैड पहले बुधवार को होना था लेकिन तकनीकी समस्या के चलते इसे बुधवार को टालना पड़ा था। शनिवार को भी फ्लोरिडा में मौसम खराब था और एक बारगी लग रहा था कि एक बार फिर लॉन्चिंग टालनी पड़ेगी लेकिन लॉन्चिंग से कुछ समय पहले ही मौसम साफ हो गया और लॉन्च का फैसला किया गया।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति माइक पेंस भी लॉन्चिंग के दौरान वहां मौजूद रहे। सफल लॉन्चिंग के बाद ट्रंप ने कहा कि “मुझे नासा के लोगों पर गर्व है, जिन्होंने साथ मिलकर काम किया, जब आप ऐसा दृश्य देखते हैं तो यह अतुल्नीय होता है।”

यह लॉन्चिंग इस मायने में भी बेहद खास रही कि पहली बार किसी प्राइवेट कंपनी ने अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक अंतरिक्षयात्रियों को पहुंचाया है। इससे पहले सिर्फ तीन देश अमेरिका, रूस और चीन ही ऐसा कर सके हैं। टेस्ला की इलेक्ट्रिक कार के बाद अब एलन मस्क की यह एक और बड़ी उपलब्धि है। नासा का 9 साल का लॉन्चिंग का सूखा भी खत्म हो गया है। साल 2011 में आखिरी बार अमेरिका में स्पेस शटल को लॉन्च किया था। उसके बाद से अमेरिका अपने अंतरिक्षयात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए रूस पर निर्भर था।

गौरतलब है कि नासा ने अपने नेक्स्ट जेनरेशन के स्पेशशिप के डिजाइन और निर्माण की जिम्मेदारी स्पेस एक्स और बोइंग जैसी निजी कंपनियों को दे दी है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर नासा ने इसके लिए 7 बिलियन डॉलर खर्च किए हैं। स्पेस एक्स के रॉकेट के सफलतापूर्वक लॉन्च के बाद अब लोगों की निगाहें बोइंग के स्पेसशिप पर लगी हैं, जिसकी मदद से 2021 में अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस में भेजने की योजना है। नासा की योजना प्राइवेट स्पेसशिप से अपने अंतरिक्षयात्रियों को अगले साल चांद पर और साल 2030 तक मंगल पर भी भेजने की है।

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