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At the age of just 7 years, he returned to India after conquering Africa’s highest peak, completed the journey of 4720 meters in 8 hours in Hyderabad. | अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी फतह कर भारत लौटे हैदराबाद के 7 साल के विराट; 4720 मी. का सफर 8 घंटे में पूरा किया


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25 मिनट पहले

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विराट ने बताया कि घने कोहरे और हवा में बाहर निकलते हुए वो काफी डरे हुए थे। विजिबिलिटी बहुत कम थी। - Dainik Bhaskar

विराट ने बताया कि घने कोहरे और हवा में बाहर निकलते हुए वो काफी डरे हुए थे। विजिबिलिटी बहुत कम थी।

हैदराबाद के 7 साल के पर्वातारोही विराट चंद्रा ने अफ्रीका के सबसे ऊंचे पर्वत पर फतह हासिल की है। विराट ने अफ्रीका के माउंट किलिमंजारो पर चढ़ाई कर तिरंगा फहराया है। विराट ने यह कीर्तिमान 6 मार्च को रचा था। इस सफर में उनके कोच भरत थम्मिननी मौजूद थे। वे हाल ही में भारत लौटे हैं।

विराट की मां मधु ने शेयर की अपने बेटे की स्टोरी
जब विराट पहाड़ों पर जाना चाहते थे, तब उनके माता-पिता उनके लेकर इतना आश्वस्त नहीं थे। विराट की मां मधु ने बताया कि शुरुआत में हमने विराट की बातों को नजरअंदाज किया, लेकिन उसके सर्मपण को देखने के बाद हमने भरत थम्मिननी से बात करने का फैसला किया, जो पहाड़ों के लिए विराट के चचेरे भाई के कोच थे।

विराट के गुरु ने बताया उनका संघर्ष
विराट के कोच भरत थम्मिननी जो कि बूट्स एंड क्रैम्पन्स, एक साहसिक और पर्वतारोहण कंपनी के संस्थापक हैं। उन्होंने बताया कि जब विराट मेरा पास आया तो वो काफी उत्साहित था । इसलिए मैंने विराट को प्रशिक्षित करने और उनकी क्षमता की जांच करने का फैसला किया। विराट अपने प्रशिक्षण के दौरान हर दिन समय पर आता था, अपने प्रशिक्षण के वक्त हर दिन छह किमी दौड़ना पहाड़ियों पर चढ़ना और योग करना शामिल था उन्होंने 28 फरवरी को दार-एस-सलाम के लिए रवाना होने से पहले 5K मैराथन में भी भाग लिया था।

विराट ने शेयर किया अपना अनुभव
दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले विराट अपने अनुभवों के बारे में बताते हुए कहते हैं कि 5 मार्च को मुझे होरोम्बो हट्स पर छोड़ने के लिए मेरे पैरेंट्स आए थे। मैं सुबह 9 बजे भरत सर के साथ किबु के लिए रवाना हुआ। मुझे 4,720 मीटर की ऊंचाई का सफर तय करना था। बहुत चैलेंजिग टास्क था। क्लाइमेट भी सही नहीं था। वहां पहुंचने के बाद हमने जल्दी डिनर किया और फिर सो गए। अगले दिन सुबह 3.40 बजे हमने अफ्रीका के सबसे ऊंची चोटी उरी पर चढ़ना शुरू किया।

विराट ने बताया कि घने कोहरे और हवा में बाहर निकलते हुए वो काफी डरे हुए थे। विजिबिलिटी बहुत कम थी। मैं डर गया था क्योंकि यह अभी भी अंधेरा था और बर्फ के साथ तेज हवाएं चल रही थीं। शिखर तक पहुंचने में लगभग आठ घंटे लगे। मैंने जिस मिशन के बारे में सोचा था, उसे पूरा करके खुश हूं।

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