Most Popular

Coronavirus Outbreak India Cases & Vaccination LIVE Updates; Maharashtra Pune Madhya Pradesh Indore Rajasthan Uttar Pradesh Haryana Punjab Bihar Novel Corona (COVID 19) Death Toll India Today Mumbai Delhi Coronavirus News | 42530 नए मरीज मिले, केरल में सबसे ज्यादा 23676 केस; देश में एक दिन पहले सिर्फ 30530 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी

Social Media

Get The Latest Updates

Subscribe To Our Weekly Newsletter

No spam, notifications only about new products, updates.

Bharat Biotech । Committed to data transparency on Covaxin । published 9 papers in 12 months | भारत बायोटेक ने वैक्सीन पर अब तक हुई सभी रिसर्च का डेटा शेयर किया, कहा- हम ट्रांसपेरेंसी को लेकर प्रतिबद्ध हैं


  • Hindi News
  • National
  • Bharat Biotech । Committed To Data Transparency On Covaxin । Published 9 Papers In 12 Months

नई दिल्ली18 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
भारत बायोटेक का कहना है कि उन्होंने 12 महीने में 5 वर्ल्ड लेवल के जर्नल्स में कोवैक्सिन की एफिकेसी और सेफ्टी पर 9 रिसर्च स्टडी पब्लिश कराए हैं। - Dainik Bhaskar

भारत बायोटेक का कहना है कि उन्होंने 12 महीने में 5 वर्ल्ड लेवल के जर्नल्स में कोवैक्सिन की एफिकेसी और सेफ्टी पर 9 रिसर्च स्टडी पब्लिश कराए हैं।

स्वदेशी कोरोना वैक्सीन ‘कोवैक्सिन’ को लेकर उठ रहे सवालों के बाद भारत बायोटेक ने शनिवार को सभी रिसर्च का डेटा जारी किया है। भारत बायोटेक के अधिकारियों के मुताबिक, भारत की रेगुलेटरी अथॉरिटीज ने कोवैक्सिन के फेज I और II के पूरे और फेज III के ट्रायल के आंशिक डेटा की जांच की है। कंपनी ने सिर्फ 12 महीने में 5 वर्ल्ड लेवल के जर्नल्स में कोवैक्सिन की एफिकेसी और सेफ्टी पर 9 रिसर्च स्टडी पब्लिश कराए हैं।

हालांकि, अभी फेज 3 ट्रायल का डेटा जारी नहीं किया गया है। कंपनी 20 जून को डेटा जारी कर सकती है। भारत बायोटेक की सफाई तब आई है, जब कोवैक्सिन के फेज-3 ट्रायल का डेटा जारी न होने पर सवाल खड़ें किए जा रहे थे। ये विवाद पिछले 6 महीने से चल रहा है। कोवैक्सिन को 6 महीने पहले इमरजेंसी अप्रूवल मिल चुका है। कंपनी 2 बार डेटा रिलीज करने की तारीख बढ़ा चुकी है।

5 पॉइंट में भारत बायोटेक का पक्ष

  • इनएक्टिवेटेड प्लेटफॉर्म पर बनी कोवैक्सिन अब डेटा ट्रांसपेरेंसी के मामले में बहुत आगे है। यह पहली और इकलौती वैक्सीन है, जिसने भारत में ह्यूमन क्लीनिकल ट्रायल से कोई डेटा पब्लिश किया है। भारत बायोटेक ने एक बयान में कहा कि देश में सिर्फ कोवैक्सिन के पास नए उभरते वैरिएंट और भारतीय आबादी पर एफिकेसी का डेटा है।
  • टीका डेवलप करते वक्त प्रीक्लिनिकल स्टडीज में जानवरों पर इसका ट्रायल किया गया था। भारत बायोटेक ने 3 प्रीक्लिनिकल स्टडी पूरी की हैं। ये ऐसी स्टडी पब्लिश करने वाले जर्नल सेलप्रेस में छपी हैं।
  • कंपनी के मुताबिक, वैरिएंट पर कोवैक्सिन के न्यूट्रलाइजेशन की स्टडी का पूरा डेटा पहले से ही क्लीनिकल इंफेक्शियस डिजीज और जर्नल ऑफ ट्रैवल मेडिसिन bioRxiv में पब्लिश हो चुका है।
  • बीटा और डेल्टा वेरिएंट (B.1.351 और B.1.617.2), B 1.1.28 वैरिएंट के न्यूट्रलाइजेशन पर स्टडी, जबकि B.1.617 वैरिएंट और अल्फा वैरिएंट ( B.1.1.7) पर हुई स्टडी क्लीनिकल इंफेक्शियस डिजीज और जर्नल ऑफ ट्रैवल मेडिसिन में पब्लिश हुई है।
  • पब्लिश स्टडी में इस बात का बड़े पैमाने पर जिक्र है कि भारत बायोटेक अपने क्लीनिकल ट्रायल में कितनी सख्ती और गहराई इस्तेमाल करता है। अभी कोवैक्सिन के तीसरे फेज के ट्रायल की प्रभावकारिता और सेफ्टी फॉलोअप दोनों का डेटा एनालिसिस और कम्पाइल किया जा रहा है। कंपनी जल्दी ही तीसरे फेज के ट्रायल का डेटा सार्वजनिक करेगी।

इस कदम के मायने क्या हैं
कोवैक्सिन को अब तक WHO और अमेरिका में मंजूरी नहीं मिली है। इस वजह से यह वैक्सीन लगवा चुके लोग विदेश नहीं जा पा रहे हैं। इसके अलावा तीसरे फेज के ट्रायल का डेटा सामने न आने से भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इस तरह के विवाद खत्म करने के लिए हाल में भारत बायोटेक ने कोवैक्सिन के तीसरे फेज का डेटा जारी करने और चौथा ट्रायल करने का ऐलान किया है।

एंटीबॉडी बनाने पर उठे सवाल
एक स्टडी में दावा किया गया है कि कोवैक्सिन के मुकाबले कोवीशील्ड पहली डोज के बाद ज्यादा एंटीबॉडी बनाने में सक्षम है। कोरोना वायरस वैक्सीन-इंड्यूस्ड एंडीबॉडी टाइट्रे (COVAT) की ओर से की गई शुरुआती स्टडी में इसका दावा किया गया है।

स्टडी में 552 हेल्थकेयर वर्कर्स को शामिल किया गया था। स्टडी में दावा किया गया कि कोवीशील्ड वैक्सीन लगवाने वाले लोगों में सीरोपॉजिटिविटी रेट से लेकर एंटी-स्पाइक एंटीबॉडी की मात्रा कोवैक्सिन की पहली डोज लगवाने वाले लोगों की तुलना में काफी ज्यादा थी।

WHO से इमरजेंसी यूज की मंजूरी मिलने की उम्मीद
कोवैक्सिन को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन से जुलाई से सितंबर के दौरान इमरजेंसी यूज की मंजूरी मिलने की उम्मीद है। कंपनी ने बताया है कि अप्रूवल के लिए WHO-जिनेवा में एप्लीकेशन दी गई है। कोवैक्सिन को अब तक 13 देशों में मंजूरी मिल चुकी है।

अमेरिका का अप्रूवल देने से इनकार
कोवैक्सिन को इंटरनेशनल अप्रूवल मिलने में देरी हो सकती है। अमेरिका में कोरोना के मामले कम होने के बाद अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (USFDA) ने कोवैक्सिन को इमरजेंसी अप्रूवल देने से इनकार कर दिया है। USFDA किसी भी नई वैक्सीन को अप्रूवल देने के मूड में नहीं है।

अब भारत बायोटेक कंपनी के सामने बायोलॉजिकल लाइसेंस लेने का ऑप्शन रह गया है। कोवैक्सिन लगवाने वाले लोगों को कई देशों का वीजा न मिलने के विवाद के बाद कंपनी ने सफाई दी है। भारत बायोटेक ने कहा कि वे बायोलॉजिकल लाइसेंस लेने की कोशिश कर रहे हैं। ये एक तरह से अप्रूवल ही माना जाता है। इसकी प्रोसेस उनकी सहयोगी कंपनी ऑक्यूजेन इंक करेगी।

खबरें और भी हैं…



Source link

Share:

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on linkedin
Share on whatsapp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *