Bhartiya Kisan Union Raj Bhavan March Farmers 300 Tractors – राजभवन घेराव करने जा रहे किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की मुलाकात, बोले- कानून अन्नदाता के हित में नहीं


राज्यपाल से मुलाकात कर वापस लौटा किसानों का प्रतिनिधिमंडल।
– फोटो : amar ujala

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तीनों कृषि कानूनों की वापसी समेत विभिन्न मांगों को लेकर राजभवन घेरने लखनऊ पहुंचे किसानों के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने किसान नेता हरनाम सिंह के नेतृत्व में शनिवार को राजभवन में प्रदेश के राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। किसानों ने राज्यपाल से कहा कि तीनों कृषि कानून अन्नदाता के हित में नहीं हैं। इन्हें वापस लिया जाना चाहिए। इस दौरान प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश और लखनऊ के पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर भी राजभवन में मौजूद थे।

इसके पहले, लखनऊ में किसान राजभवन घेरने के लिए निकले तो पुलिस ने बनी के पास बल्ली लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। उन्नाव-लखनऊ सीमा के बीच पुलिस बल तैनात कर दिया गया। दुबग्गा के नजदीक पहुंचे किसानों को पुलिसकर्मियों ने समझाने की कोशिश की और उन्हें वहीं रोक दिया।

बता दें कि प्रशासन ने अवध और पूर्वांचल के जिलों के भाकियू कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए जिले भर में कई जगह बैरीकेडिंग की है। इसके बावजूद शुक्रवार रात तक करीब 300 ट्रैक्टर सुल्तानपुर रोड़ पर कासिमपुर बिरहुवा गांव पहुंच गए थे।

दिल्ली बार्डर पर किसान आंदोलन की अगुवाई कर रही संयुक्त किसान संघर्ष समिति ने 23 जनवरी को राजभवन घेराव और 26 जनवरी को राजधानी दिल्ली व जिलों में ट्रैक्टर परेड का आह्वान किया। अवध व पूर्वांचल के जिलों के कार्यकर्ता शनिवार को राजभवन का घेराव करेंगे। भाकियू के मंडल अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा ने बताया कि सभी जिलों में किसानों को लखनऊ आने से रोका जा रहा है। किसानों को नोटिस दिए जा रहे हैं। 

अलग-अलग स्थानों पर पुलिस ने किसानों के ढाई-तीन सौ ट्रैक्टर रोक रखे हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार रात तक 300 ट्रैक्टर सुल्तानपुर रोड पर गोसाईंगज के निकट कासिमपुर बिरहुआ गांव पहुंच गए हैं। ट्रैक्टर वहीं खड़ी कर दिए गए हैं। शनिवार को और भी ट्रैक्टर आ जाएंगे। भाकियू के प्रवक्ता आलोक वर्मा ने बताया कि शनिवार को भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंह चौहान के नेतृत्व में हजारों ट्रैक्टरों से हजारों किसान गोसाईंगंज के कबीरपुर गांव से एक बजे राज्यपाल को ज्ञापन देने जाएंगे।

किसान नेताओं से बात कर उन्हे रोकेंगे जिलों के पुलिस अफसर, मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेसिंग कर दिए निर्देश 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के आंदोलन के मद्देनजर प्रदेश में कानून व्यवस्था सउनिश्चित रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शुक्रवार रात वीडीयो कान्फ्रेंसिंग कर सभी जिलों व दोनों कमिशनरेट के अफसरों को इसे लेकर स्थिति की जानकारी की और सुरक्षा प्रबंधों को सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।  
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों के पुलिस अफसर कृषि बिल के विरोध में दिल्ली की तरफ जाने वाले किसानों को समझा कर रोकने की कोशिश करें। जिलों के कप्तानों के साथ साथ नोडल अफसरों को भी इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने इसके साथ ही किसानों के राजभवन के घेराव के प्रस्तावित कार्यक्रम के मद्देनजर सुरक्षा के इंतजाम की समीक्षा की। सीएम ने इसके साथ ही 26 जनवरी को किसानों के कार्यक्रम के साठ सुरक्षा के अन्य प्रबंधों को लेकर की जा रही तैयारियों के बारे में जानकारी ली। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि किसानों से वार्ता कर उन्हें समझाया जाए और कहीं किसानों के साथ बदसलूकी न हो। साथ ही शरारती तत्वों पर भी नजर रखी जाए। खासकर लखनऊ में शनिवार को पुख्ता सुरक्षा-व्यवस्था रहे। मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस की सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर भी पूरी मुस्तैदी बरते जाने का निर्देश दिया। कहा कि सभी जगह सघन चेकिंग कराई जाए और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जाए।
 

तीनों कृषि कानूनों की वापसी समेत विभिन्न मांगों को लेकर राजभवन घेरने लखनऊ पहुंचे किसानों के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने किसान नेता हरनाम सिंह के नेतृत्व में शनिवार को राजभवन में प्रदेश के राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। किसानों ने राज्यपाल से कहा कि तीनों कृषि कानून अन्नदाता के हित में नहीं हैं। इन्हें वापस लिया जाना चाहिए। इस दौरान प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश और लखनऊ के पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर भी राजभवन में मौजूद थे।

इसके पहले, लखनऊ में किसान राजभवन घेरने के लिए निकले तो पुलिस ने बनी के पास बल्ली लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। उन्नाव-लखनऊ सीमा के बीच पुलिस बल तैनात कर दिया गया। दुबग्गा के नजदीक पहुंचे किसानों को पुलिसकर्मियों ने समझाने की कोशिश की और उन्हें वहीं रोक दिया।

बता दें कि प्रशासन ने अवध और पूर्वांचल के जिलों के भाकियू कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए जिले भर में कई जगह बैरीकेडिंग की है। इसके बावजूद शुक्रवार रात तक करीब 300 ट्रैक्टर सुल्तानपुर रोड़ पर कासिमपुर बिरहुवा गांव पहुंच गए थे।

दिल्ली बार्डर पर किसान आंदोलन की अगुवाई कर रही संयुक्त किसान संघर्ष समिति ने 23 जनवरी को राजभवन घेराव और 26 जनवरी को राजधानी दिल्ली व जिलों में ट्रैक्टर परेड का आह्वान किया। अवध व पूर्वांचल के जिलों के कार्यकर्ता शनिवार को राजभवन का घेराव करेंगे। भाकियू के मंडल अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा ने बताया कि सभी जिलों में किसानों को लखनऊ आने से रोका जा रहा है। किसानों को नोटिस दिए जा रहे हैं। 

अलग-अलग स्थानों पर पुलिस ने किसानों के ढाई-तीन सौ ट्रैक्टर रोक रखे हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार रात तक 300 ट्रैक्टर सुल्तानपुर रोड पर गोसाईंगज के निकट कासिमपुर बिरहुआ गांव पहुंच गए हैं। ट्रैक्टर वहीं खड़ी कर दिए गए हैं। शनिवार को और भी ट्रैक्टर आ जाएंगे। भाकियू के प्रवक्ता आलोक वर्मा ने बताया कि शनिवार को भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंह चौहान के नेतृत्व में हजारों ट्रैक्टरों से हजारों किसान गोसाईंगंज के कबीरपुर गांव से एक बजे राज्यपाल को ज्ञापन देने जाएंगे।

किसान नेताओं से बात कर उन्हे रोकेंगे जिलों के पुलिस अफसर, मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेसिंग कर दिए निर्देश 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के आंदोलन के मद्देनजर प्रदेश में कानून व्यवस्था सउनिश्चित रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शुक्रवार रात वीडीयो कान्फ्रेंसिंग कर सभी जिलों व दोनों कमिशनरेट के अफसरों को इसे लेकर स्थिति की जानकारी की और सुरक्षा प्रबंधों को सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।  



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