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Case Of Mp Son Firing On Himself: High Court Stays Ban On Arrest Of Son Of Bjp Mp – खुद पर गोली चलवाने का मामला : भाजपा सांसद के बेटे की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक


आयुष किशोर व उसकी पत्नी।
– फोटो : amar ujala

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भाजपा सांसद कौशल किशोर के बेटे आयुष किशोर को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से तत्काल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है। याची ने गिरफ्तारी पर रोक के आग्रह वाली याचिका दायर की थी। इस पर कोर्ट ने उसे दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41 का लाभ देते हुए याचिका को निस्तारित कर दिया। फिलहाल आयुष की गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। वहीं, पुलिस ने आयुष को नोटिस भेजकर शनिवार को बयान दर्ज कराने को कहा है। 

न्यायमूर्ति एआर मसूदी और न्यायमूर्ति आलोक माथुर की खंडपीठ ने यह आदेश आयुष की याचिका पर दिया। याची ने अपने खिलाफ  दर्ज प्राथमिकी को चुनौती देकर गिरफ्तारी पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने प्राथमिकी में दर्ज अपराधों में सात साल से कम की सजा होने के मद्देनजर यह आदेश दिया।

पुलिस ने आयुष और उनके रिश्तेदार आदर्श सिंह के खिलाफ  आपराधिक साजिश रचने, जालसाजी आदि के आरोपों के तहत मड़ियांव थाने में एफआईआर दर्ज की थी। इसमें कथित तौर पर फायरिंग के जरिए झूठे मामलों में बिजनेस पार्टनर्स को फंसाने की साजिश रचने के आरोप थे। इसके बाद से आयुष को पुलिस तलाश रही थी। मालूम हो कि कुछ दिन पहले ही आयुष ने संबंधित कोर्ट में सरेंडर की अर्जी दाखिल की थी। इस दौरान आयुष ने कहा था कि मामले में पुलिस उसे तलाश कर रही है व उसके ठिकानों पर छापे डाल रही है। उसे मारपीट कर जेल भेजना चाहती है। जबकि वह स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करना चाहता है। 

भाजपा सांसद कौशल किशोर के बेटे आयुष किशोर को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से तत्काल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है। याची ने गिरफ्तारी पर रोक के आग्रह वाली याचिका दायर की थी। इस पर कोर्ट ने उसे दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41 का लाभ देते हुए याचिका को निस्तारित कर दिया। फिलहाल आयुष की गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। वहीं, पुलिस ने आयुष को नोटिस भेजकर शनिवार को बयान दर्ज कराने को कहा है। 

न्यायमूर्ति एआर मसूदी और न्यायमूर्ति आलोक माथुर की खंडपीठ ने यह आदेश आयुष की याचिका पर दिया। याची ने अपने खिलाफ  दर्ज प्राथमिकी को चुनौती देकर गिरफ्तारी पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने प्राथमिकी में दर्ज अपराधों में सात साल से कम की सजा होने के मद्देनजर यह आदेश दिया।

पुलिस ने आयुष और उनके रिश्तेदार आदर्श सिंह के खिलाफ  आपराधिक साजिश रचने, जालसाजी आदि के आरोपों के तहत मड़ियांव थाने में एफआईआर दर्ज की थी। इसमें कथित तौर पर फायरिंग के जरिए झूठे मामलों में बिजनेस पार्टनर्स को फंसाने की साजिश रचने के आरोप थे। इसके बाद से आयुष को पुलिस तलाश रही थी। मालूम हो कि कुछ दिन पहले ही आयुष ने संबंधित कोर्ट में सरेंडर की अर्जी दाखिल की थी। इस दौरान आयुष ने कहा था कि मामले में पुलिस उसे तलाश कर रही है व उसके ठिकानों पर छापे डाल रही है। उसे मारपीट कर जेल भेजना चाहती है। जबकि वह स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करना चाहता है। 



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