Central And State Employees Are Preparing For Big Movement To Fulfill Their Demands. – केंद्रीय व राज्य कर्मचारी संगठनों की देशव्यापी आंदोलन की तैयारी, निर्णायक आंदोलन का खाका खींचा


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 11 Jan 2021 12:12 PM IST

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केंद्रीय व राज्य कर्मचारी एवं पेंशनर संगठनों ने पुरानी पेंशन व महंगाई भत्तों की बहाली, चतुर्थ श्रेणी की भर्तियां शुरू करने, निजीकरण पर रोक लगाने और नौकरियों में ठेका प्रथा समाप्त करने जैसी कई मांगों को लेकर देशव्यापी आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है।

रविवार को यहां इन संवर्गों के कई कर्मचारी संगठनों के नेताओं की बैठक में सरकार के रवैये को देखते हुए एकजुट होकर जिलों से लेकर दिल्ली तक तक निर्णायक आंदोलन का खाका खींचा गया।  बैठक की अध्यक्षता आल इंडिया रेलवे फेडरेशन के राष्ट्रीय महामंत्री शिव गोपाल मिश्र ने की।

मर्जी का पद देकर एकजुट करने का रणनीति
लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय स्थित डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के प्रांगण में हुई बैठक में शिवगोपाल मिश्र एवं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव ने एकमत से स्वीकार किया कि अलग-अलग गुटों में बंटकर किसी भी समस्या का न तो सार्थक समाधान मिल पाएगा और न मांगों पर निर्णय कराया जा सकेगा। वर्तमान परिस्थितियों में एक मंच पर आकर ही कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कराया जा सकता है।

बैठक में तय हुआ कि आंदोलन से पहले अलग-अलग गुटों में बंटे कुछ अन्य संगठनों के राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को नए मंच पर लाकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी मर्जी का पद देकर सभी को एकजुट किया जाए।

बैठक में यह भी फैसला किया गया कि वरिष्ठ कर्मचारी नेताओं की समन्वय समितियां बनाकर उन्हें प्रदेश और दूसरे राज्यों तथा राष्ट्रीय स्तर के संगठनों के नेताओं से बातचीत कर भावी संघर्ष की रूपरेखा बनाने की जिम्मेदारी सौंपी जाए। सभी से बात के बाद पूरी कार्ययोजना बनाकर देशव्यापी संघर्ष छेड़ा जाए। कर्मचारी संगठनों के अस्तित्व को बचाने व अपनी मूलभूत सुविधाओं को बचाए रखने के लिए यह जरूरी है।

केंद्रीय और राज्य कर्मचारी एकजुट होकर संघर्ष करें तो सफलता तय है। बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी, जवाहर भवन इंदिरा भवन कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पांडेय, महामंत्री सुशील कुमार बच्चा, ऑल इंडिया पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवशंकर दुबे, सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्रा, राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह, पीसीएस एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बाबा हरदेव सिंह सहित कई संगठनों के नेता शामिल थे।

केंद्रीय व राज्य कर्मचारी एवं पेंशनर संगठनों ने पुरानी पेंशन व महंगाई भत्तों की बहाली, चतुर्थ श्रेणी की भर्तियां शुरू करने, निजीकरण पर रोक लगाने और नौकरियों में ठेका प्रथा समाप्त करने जैसी कई मांगों को लेकर देशव्यापी आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है।

रविवार को यहां इन संवर्गों के कई कर्मचारी संगठनों के नेताओं की बैठक में सरकार के रवैये को देखते हुए एकजुट होकर जिलों से लेकर दिल्ली तक तक निर्णायक आंदोलन का खाका खींचा गया।  बैठक की अध्यक्षता आल इंडिया रेलवे फेडरेशन के राष्ट्रीय महामंत्री शिव गोपाल मिश्र ने की।

मर्जी का पद देकर एकजुट करने का रणनीति

लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय स्थित डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के प्रांगण में हुई बैठक में शिवगोपाल मिश्र एवं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव ने एकमत से स्वीकार किया कि अलग-अलग गुटों में बंटकर किसी भी समस्या का न तो सार्थक समाधान मिल पाएगा और न मांगों पर निर्णय कराया जा सकेगा। वर्तमान परिस्थितियों में एक मंच पर आकर ही कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कराया जा सकता है।

बैठक में तय हुआ कि आंदोलन से पहले अलग-अलग गुटों में बंटे कुछ अन्य संगठनों के राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को नए मंच पर लाकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी मर्जी का पद देकर सभी को एकजुट किया जाए।


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गठित होंगी समन्वय समितियां



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