लद्दाख में चीन के साथ कैसे बिगड़ी बात, जानें पूरा घटनाक्रम

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  • हिंसक झड़प में चीन के 43 सैनिक हताहत: ANI
  • चीन ने 10 दिन में धोखे से रची खूनी साजिश

भारत-चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सोमवार रात हो हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए. दूसरी ओर, समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक इस घटना में चीन के 43 सैनिक हताहत हुए हैं. इसमें से कई की मौत हुई है तो कई घायल हैं. बॉर्डर पर डेढ़ महीने से चल रहे विवाद को शांति से निपटने के लिए 6 जून को हुई सीनियर कमांडरों की बैठक में चीनी सेना ने पीछे हटने की बात कही थी, लेकिन महज 10 दिन में चीन ने धोखे से खूनी साजिश रच डाली.

सूत्रों की मानें तो जब बॉर्डर कमांडर की बैठक हुई तो उसमें तय हुआ कि PP14-15-17 पर चीन LAC के उस ओर जाएगा, लेकिन चीनी सैनिकों ने इसे मानने से इनकार किया गया. भारत की ओर से बार-बार चीन को समझाया गया, चीन ने इस दौरान हमला किया गया.

बता दें, 6 जून को लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह की अगुवाई में भारतीय सेना ने चीन के मेजर जनरल लियु लिन से मोल्डो में बातचीत की. सीनियर कमांडरों की बैठक में अच्छी बातचीत हुई. इसके बाद ग्राउंड कमांडरों के बीच कई बैठकें हुईं. 11 जून को चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से बयान भी आया था कि दोनों देश इस मसले को आपस में बिल्कुल सही तरीके से निपटा रहे हैं, लेकिन 16 तारीख आते-आते बातचीत हिंसक झड़प में तब्दील हो गई. आइए जानें इस घटना का पूरा ब्योरा.

5-6 मई की रात: ईस्ट लद्दाख की पैंगोंग झील के पास दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हुई. दोनों तरफ से सैनिकों को चोटें आईं.

9 मई: नॉर्थ-ईस्ट में सिक्किम के उत्तर में नाकू ला सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों की बीच झड़प हो गई. कुछ सैनिक चोटिल हुए.

12 मई: LAC के पास चीन के हेलिकॉप्टर देखे गए. भारतीय सेना ने भी अपने फाइटर प्लेन तैयार कर लिए, जिसके बाद चीनी सैनिकों को वापस जाना पड़ा.

23 मई: भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे हालात का जायजा लेने के लिए लेह के 14 कोर हेडक्वार्टर गए.

26 मई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एनएसए अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा हुई. इससे पहले तीनों सेना प्रमुखों ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को जानकारी दी थी.

27 मई: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन के बीच सीमा विवाद सुलझाने के लिए मध्यस्थता की बात कही.

28 मई: अमेरिका के प्रस्ताव पर भारत ने कहा कि हम शांतिप्रिय तरीके से मसले को सुलझाने पर चीन से बात कर रहे हैं.

1 जून: चीन ने कहा कि बॉर्डर पर हालात स्थिर और कंट्रोल में है. ANI के मुताबिक, चीन के कुछ फाइटर प्लेन पूर्वी लद्दाख से 30-35 किलोमीटर मौजूद थे.

2 जून: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया कि पूर्वी लद्दाख में LAC पर चीनी सैनिक अच्छी-खासी तादाद में मौजूद हैं. उन्होंने ये भी कहा कि हम अपना रुख बदलने वाले नहीं हैं. इसी दिन डिविजन कमांडर स्तर पर दोनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारियों के बीच बैठक हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला.

6 जून: लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह के नेतृत्व में भारतीय सेना ने चीन के मेजर जनरल लियु लिन से मोल्डो में बातचीत की. मोल्डो LAC पर चीन के हिस्से में है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेनाओं के प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के साथ एक लंबी बैठक की. बैठक में रक्षा मंत्री को बताया गया कि चीन की ओर से बॉर्डर पर बड़ी संख्या में सैन्य मौजूदगी की गई है.

10 जून: भारत और चीन के मेजर जनरल रैंक के सेना के अफसरों ने बातचीत की. ये बातचीत सकारात्मक बताई गई. लेकिन भारत सरकार के सूत्रों ने बताया कि LAC पर चीनी सैनिकों की तैनाती जारी रहने तक बात नहीं बनने वाली है.

11 जून: चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से बयान दिया गया है दोनों देश इस मसले को आपस में बिल्कुल सही तरीके से निपटा रहे हैं. भारत और चीन के बीच इस मसले पर सैन्य और राजनयिक स्तर पर बात हो रही है. दोनों ही देश इस वक्त माहौल को शांत करने में जुटे हुए हैं.

11 जून: खबर आई कि चीनी फौज लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक डटी हुई है, लिहाजा भारत ने भी इसके जवाब में बड़ी संख्या में अपनी सेना तैनात की है. सीमा विवाद को देखते हुए भारत ने इस इलाके में रिजर्व फौज भी भेजी है.

12 जून: भारत और चीन के कमांडरों के बीच मेजर जनरल स्तर की वार्ता हुई. इस दौरान भारत और चीन के बीच लद्दाख के गलवान इलाके के PP 14, PP 15 और 17A में तनाव को कम करने और गतिरोध को खत्म करने पर फोकस किया गया. ये दोनों देशों के बीच सैन्य कमांडरों के मेजर जनरल स्तर की 5 राउंड की वार्ता थी.

13 जून: आर्मी चीफ एम एम नरवणे ने कहा कि चीन के साथ सीमा पर हालात काबू में है. उन्होंने कहा कि चीन और भारत के बीच सैन्य स्तर पर बातचीत हो रही है और बातचीत के जरिए हम हर तरह के विवादित मुद्दों को सुलझाने में सक्षम हैं.

14 जून: जम्मू जन संवाद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन के साथ कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर वार्ता जारी है और इस मुद्दे पर देश की सरकार लोगों को भरोसा दिलाना चाहती है कि राष्ट्रीय स्वाभिमान को किसी भी कीमत पर झुकने नहीं दिया जाएगा.

15 जून: दोनों देशों के बीच ब्रिगेडियर कमांडर, कमांडर ऑफिसर लेवल की बातचीत हुई. ये बातचीत PP14 इलाके के पास की गई. इसमें गलवान घाटी में सैनिकों को वापस भेजने और फिर अप्रैल से पहले जैसी सामान्य स्थिति कायम करने को लेकर चर्चा हुई.

इसके बाद ताजा घटना 15-16 जून की दरमियानी रात की है जिसमें चीन के साथ हुई झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए. इससे पहले मंगलवार को दोपहर में एक अफसर और दो जवानों के शहीद होने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन बाद में 20 जवानों के शहीद होने की पुष्टि हुई.

Source : dailyhunt.in

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