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Contractors Will Take Care Of Roads For Five Years. – यूपी: सड़क बनने के बाद ही होने लगती हैं खराब, अब नवनिर्मित सड़कों का पांच साल तक रखरखाव करेंगे ठेकेदार


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
– फोटो : amar ujala

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उत्तर प्रदेश में नवनिर्मित सड़कों के पांच साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार को उठानी होगी। प्रदेश सरकार नियमों में बदलाव के लिए शीघ्र ही कैबिनेट प्रस्ताव लाने जा रही है। वर्तमान में अलग-अलग श्रेणी की सड़कों के लिए यह अवधि (डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड) एक से दो साल है। इस बदलाव से निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत चार तरह की सड़कें हैं। इन्हें ग्रामीण, अन्य जिला मार्ग (ओडीआर), प्रमुख जिला मार्ग (एमडीआर) और राज्य मार्ग (स्टेट हाईवे) श्रेणी में बांटा गया है। इनकी कुल लंबाई करीब 2.5 लाख किलोमीटर है।

वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, ग्रामीण सड़क के निर्माण के दो साल तक अगर कोई खराबी होती है तो उसकी मरम्मत ठेकेदार को करानी होती है। इसी तरह ओडीआर, एमडीआर व राज्य मार्ग के लिए डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (रखरखाव के उत्तरदायित्व की अवधि) अनुबंध की शर्तों के अनुसार एक से दो साल रखा जाता है।

देखने में आया है कि नवनिर्मित सड़कें दो साल के बाद तेजी से खराब होने लगती हैं। जबकि, नियम के अनुसार ग्रामीण सड़कों का नए सिरे से निर्माण आठ साल बाद, ओडीआर का पांच साल, एमडीआर व स्टेट हाईवे का नवीनीकरण चार साल बाद ही कराया जा सकता है।

ऐसे में नवीनीकरण होने से पहले काफी समय तक सड़कें राहगीरों के लिए मुसीबत बनी रहती हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए पांच साल तक रखरखाव का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

पांच साल तक के रखरखाव के लिए संबंधित ठेकेदार को इस मद में कुछ अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। यह सड़क की कुल लागत के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी। वहीं, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि इससे सड़कें सही हालत में रहेंगी और नवीनीकरण पर होने वाले खर्च में कमी आएगी।

प्रमुख सचिव, पीडब्ल्यूडी नितिन रमेश गोकर्ण ने कहा कि सड़कों के डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड को बढ़ाकर पांच साल करने पर संजीदगी से विचार किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में नवनिर्मित सड़कों के पांच साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार को उठानी होगी। प्रदेश सरकार नियमों में बदलाव के लिए शीघ्र ही कैबिनेट प्रस्ताव लाने जा रही है। वर्तमान में अलग-अलग श्रेणी की सड़कों के लिए यह अवधि (डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड) एक से दो साल है। इस बदलाव से निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत चार तरह की सड़कें हैं। इन्हें ग्रामीण, अन्य जिला मार्ग (ओडीआर), प्रमुख जिला मार्ग (एमडीआर) और राज्य मार्ग (स्टेट हाईवे) श्रेणी में बांटा गया है। इनकी कुल लंबाई करीब 2.5 लाख किलोमीटर है।

वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, ग्रामीण सड़क के निर्माण के दो साल तक अगर कोई खराबी होती है तो उसकी मरम्मत ठेकेदार को करानी होती है। इसी तरह ओडीआर, एमडीआर व राज्य मार्ग के लिए डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (रखरखाव के उत्तरदायित्व की अवधि) अनुबंध की शर्तों के अनुसार एक से दो साल रखा जाता है।


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