Most Popular

Social Media

Get The Latest Updates

Subscribe To Our Weekly Newsletter

No spam, notifications only about new products, updates.

Coronavirus Transmission Advisory Latest News; Droplets Emitted By An Infected Person Land On Various Surface | संक्रमित व्यक्ति के एयरोसोल 10 मीटर तक फैल सकते हैं; वेंटिलेशन अच्छा होने पर संक्रमण का खतरा कम


  • Hindi News
  • National
  • Coronavirus Transmission Advisory Latest News; Droplets Emitted By An Infected Person Land On Various Surface

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

16 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
वैज्ञानिक पांच माइक्रोन से कम आकार के ड्रॉपलेट्स को एयरोसोल कहते हैं। ये किसी संक्रमित व्यक्ति के छींकने से फैलते हैं। - Dainik Bhaskar

वैज्ञानिक पांच माइक्रोन से कम आकार के ड्रॉपलेट्स को एयरोसोल कहते हैं। ये किसी संक्रमित व्यक्ति के छींकने से फैलते हैं।

कोरोना संक्रमित व्यक्ति के एयरोसोल 10 मीटर की दूरी तक फैल सकते हैं। जबकि ड्रॉपलेट्स 2 मीटर तक जाते हैं। सरकार ने गुरुवार को नई एडवाइजरी करते हुए कोरोना से बचाव की गाइडलाइंस बताई हैं। प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार के विजय राघवन के ऑफिस से जारी गाइडलाइंस में कहा गया है कि जिन लोगों में कोरोना के लक्षण नजर नहीं आते, वे भी संक्रमण फैला सकते हैं। इसलिए लोग कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करें।

वेंटिलेशन अच्छा, तो संक्रमण फैलने का खतरा कम
स्टॉप द ट्रांसमिशन, क्रश द पेन्डेमिक के नाम से जारी किए गए डॉक्यूमेंट्स में सरकार ने खास तौर से वेंटिलेशन की अहमियत पर जोर दिया है। इसमें कहा गया है कि जिन जगहों पर वेंटिलेशन की अच्छी सुविधा होती है, वहां किसी संक्रमित से दूसरे में संक्रमण फैलने का खतरा कम रहता है। साथ ही कहा गया है कि खिड़की-दरवाजे बंद रखकर AC चलाने से कमरे के अंदर संक्रमित हवा इकट्ठी हो जाती है और दूसरे लोगों को संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

सरकार ने कहा है कि संक्रमित व्यक्ति की नाक से ड्रॉपलेट्स और एयरोसोल के रूप में निकलने वाले सलिवा और डिस्चार्ज संक्रमण फैलने की प्राइमरी वजह होते हैं। लेकिन बाहर की हवा अंदर आ रही है तो संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।

सरकार की तरफ से जारी डॉक्यूमेंट में यह भी बताया गया है कि संक्रमित के ड्रॉपलेट्स अलग-अलग सतहों पर लंबे समय तक रह सकते हैं। इसलिए दरवाजों के हैंडल, लाइट से स्विच, टेबल-कुर्सी और फर्श को ब्लीच और फिनाइल जैसे डिसइन्फेक्टेंट्स से साफ करते रहें।

डबल लेयर मास्क पहनने की सलाह
सरकार ने कहा है कि लोगों को डबल लेयर या फिर N95 मास्क पहनने चाहिए। ये ज्यादा से ज्यादा बचाव करते हैं। अगर डबल मास्क पहन रहे हैं तो पहले सर्जिकल मास्क पहनें, फिर इसके ऊपर टाइट फिटिंग वाला कपड़े का मास्क लगाएं। किसी के पास सर्जिकल मास्क नहीं है तो वे कॉटन के 2 मास्क पहन सकते हैं।

एयरोसोल क्या है और यह ड्रॉपलेट्स से अलग कैसे है?
एयरोसोल ड्रॉपलेट्स होते हैं और ड्रॉपलेट्स एयरोसोल। आकार के सिवाय दोनों में कोई फर्क नहीं होता। वैज्ञानिक पांच माइक्रोन से कम आकार के ड्रॉपलेट्स को एयरोसोल कहते हैं। इसे आप ऐसे समझ सकते हैं कि रेड ब्लड सेल का एक सेल का डायमीटर पांच माइक्रोन होता है, जबकि इंसान के एक बाल की चौड़ाई 50 माइक्रोन होती है।

खबरें और भी हैं…



Source link

Share:

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on linkedin
Share on whatsapp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *