रंग बदल रहा COVID-19 : सिरदर्द, कंपकंपी और गले में खराश भी कोरोना की निशानी!

Coronavirus

सिरदर्द, कंपकंपी और गले में खराश की समस्या को हल्के में न लें। कंपकंपी के साथ शरीर थरथराने, मांसपेशियों में तनाव और मुंह का स्वाद बिगड़ने या सूंघने की क्षमता कमजोर पड़ने की शिकायत सताए तो भी फौरन चिकित्सकों से संपर्क करें। अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम विभाग (सीडीसी) ने कोरोना संक्रमण की ओर से इशारा करने वाले लक्षणों में छह नए संकेतक जोड़ते हुए रविवार रात यह सलाह जारी की।


सीडीसी ने पहले बुखार, सूखी खांसी, थकान-कमजोरी और सांस लेने में तकलीफ की समस्या को किसी शख्स के कोरोना से संक्रमित होने का संकेत बताया था। बाद में विभाग ने सीने में दर्द और खिंचाव के अलावा नींद से जागने के बाद भ्रम की स्थिति बने रहने और चेहरा या होंठ नीले पड़ने की समस्या को संक्रमण की आपात चेतावनी देने वाले लक्षणों में शामिल किया था। कई संक्रमितों में सूंघने और स्वाद परखने की क्षमता कमजोर पड़ने के साथ डायरिया जैसी पाचन तंत्र संबंधी दिक्कतें सामने आने के बाद इन लक्षणों के प्रति भी सतर्क रहने का निर्देश दिया गया था।

‘कोविड टोज’ के प्रति सतर्क रहें
सीडीसी की मानें तो कुछ संक्रमितों, खासकर बच्चों और युवाओं को पैर व पंजे में नीले या बैंगनी रंग के छाले पड़ने की शिकायत हो सकती है। चिकित्सकों ने इस समस्या को  ‘कोविड टोज’ नाम दिया है।

नाक बहना, छींक आना खतरनाक नहीं
विभाग ने स्पष्ट किया कि कोविड-19 संक्रमण में नाक बहने की शिकायत कम ही देखने को मिलती है। छींक आने की समस्या को भी फिलहाल कोरोना संक्रमण के लक्षणों में नहीं शामिल किया गया है।

कुछ संक्रमितों में स्ट्रोक संभव
न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने कोरोना के शिकार मरीजों में संक्रमण बढ़ने के साथ ही विभिन्न अंगों में खून गाढ़ा होने और थक्के जमने की समस्या देखी थी। उन्होंने चेताया किया था कि सार्स-कोव-2 वायरस कम उम्र के मरीजों में स्ट्रोक का कारण भी बन सकता है।

दो से 14 दिन में उभरते लक्षण
सीडीसी के मुताबिक कोरोना से संक्रमित विभिन्न मरीजों में सर्दी, जुकाम, बुखार जैसे साधारण लक्षणों से लेकर सांस लेने में तकलीफ और डायरिया जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ये लक्षण आमतौर पर वायरस के संपर्क में आने के दो से 14 दिन के भीतर उभरते हैं।

डब्ल्यूएचओ ने बुखार को सबसे आम लक्षण पाया
लक्षण : कितने संक्रमितों में दिखा

बुखार : 87.9%
सूखी खांसी : 67.7%
थकान-कमजोरी : 38.1%
बलगम बनना : 33.4%
सांस लेने में तकलीफ : 18.6%
मांसपेशियों में दर्द, खिंचाव : 14.8%
गले में खराश : 13.9%
सिरदर्द : 13.6%
कंपकंपी : 11.4%
उल्टी, मिचली : 5.0%
नाक जाम होना : 4.8%
डायरिया : 3.7%
खूनी बलगम : 0.9%
आंखें लाल पड़ना : 0.8%
(नोट : आंकड़े चीन में 56 हजार संक्रमितों पर डब्ल्यूएचओ के अध्ययन पर आधारित)

ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सर्दी, जुकाम, बुखार और खांसी होने पर घर में खुद को पृथक कर लेने की सलाह दी
सर्दी-बुखार की दवा, काढ़े, गर्म पानी का सेवन करने के दो से चार दिन के भीतर राहत न मिलने पर फौरन डॉक्टर से मिलने को कहा
दवा बंद करने के 72 घंटे बाद तक लक्षण न उभरें तो समझें संक्रमण घट रहा, सात दिन तक दिक्कत न हो तो बाहर निकल सकते हैं
सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, उठने के बाद भ्रम की स्थिति, होंठ नीले पड़ने की शिकायत हो तो तुरंत अस्पताल जाने में भलाई

एसिम्पटोमैटिक मरीजों ने बढ़ाई चिंता
80% संक्रमितों में जांच के समय कोई लक्षण नहीं दिखे वैश्विक स्तर पर
69% के लगभग भारत में ऐसे मरीजों की संख्या आंकी आईसीएमआर ने
75% सर्वाधिक उत्तर प्रदेश और 65% महाराष्ट्र में एसिम्टोमैटिक मरीज मिले

लगातार रंग बदलता वायरस

  • जनवरी की शुरुआत में डब्ल्यूएचओ ने चीन में निमोनिया जैसा संक्रमण फैलने की पुष्टि की थी, बुखार-सूखी खांसी-सांस लेने में तकलीफ को बताया था लक्षण, बाद में दर्जन भर अन्य लक्षण जोड़े
  • जनवरी के तीसरे हफ्ते में अमेरिकी सीडीसी ने खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ या जल्दी हांफ जाने की शिकायत को गंभीरता से लेने की सलाह दी थी, 26 अप्रैल को छह अन्य लक्षण गिनाए
  • मध्य फरवरी में चीन के सीडीसी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को सौंपी रिपोर्ट में सर्दी, बुखार, जुकाम, डायरिया, सांस लेने में तकलीफ, सूंघने की शक्ति खोने जैसे 14 लक्षण दिखने की बात कही थी मरीजों में

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