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Cremation found no place, cremation on pavement, more than 35 dead bodies burnt in Ghaziabad | गाजियाबाद में फुटपाथ पर जल रहीं चिताएं, कर्नाटक में घरों और खेतों में अंतिम संस्कार की इजाजत देनी पड़ी


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नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले

ये तस्वीरें गाजियाबाद के हिंडन श्मशान घाट की हैं। जहां जगह नहीं बची तो फुटपाथ पर चिताएं जलाने की मंजूरी दी गई है।

श्मशान घाट में जगह नहीं बची है, दाह संस्कार के लिए आप कहीं और जाएं…
अपनों की अर्थी को कंधों पर लादे कोई व्यक्ति ये लाइनें पढ़ेगा तो उस पर क्या गुजरेगी। लेकिन, आज का सच यही है। हर ओर चिताएं जल रही हैं और देश मातम में डूबा है। गाजियाबाद के श्मशान घाट पर जगह कम पड़ रही है, क्योंकि राजधानी से सटे इस शहर में हर पल किसी न किसी की जान जा रही है। अब स्थिति ये है कि फुटपाथ पर चिताएं जल रही हैं। वहीं, कर्नाटक में सरकार को घरों के आसपास की जगहों और खेतों में भी अंतिम संस्कार की इजाजत देनी पड़ी है।

गाजियाबाद की ये तस्वीरें, जो आपको हिला देंगी

करीब 3 दिन पहले की बात है गाजियाबाद स्थित हिंडन नदी के किनारे घाट में लाइन से शवों का दाह संस्कार किया गया। बताया जा रहा है कि 35 से ज्यादा शवों को श्मशान घाट के दूसरी तरफ फुटपाथ पर जलाया गया। ये घटना देर रात की है। ये सभी कोरोना की जंग हारने वाले लोग थे।

हिंडन के श्मशान घाट पर एंबुलेंस लगातार आ रही हैं। इनमें शव रहते हैं।

हिंडन के श्मशान घाट पर एंबुलेंस लगातार आ रही हैं। इनमें शव रहते हैं।

लोग अपनों के अंतिम संस्कार के लिए घंटों इंतजार करते हैं।

लोग अपनों के अंतिम संस्कार के लिए घंटों इंतजार करते हैं।

यहां लोग अपनों की अर्थी लेकर आते हैं, PPE किट में घंटों इंतजार करते हैं

इन शवों को लाने के लिए सड़क पर एंबुलेंस की लंबी कतारें थीं। कई एंबुलेंस के नंबर प्लेट्स तक गायब थीं। इनमें लिखे नंबरों पर जब भास्कर ने फोन करने की कोशिश की तो ज्यादातर नंबर आउट ऑफ कवरेज या स्विच ऑफ निकले। एक की कहानी जरूर पता चली, जिसे अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए करीब 6 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान वो पीपीई किट में खड़ी थी। उसके साथ आए रिश्तेदार लगातार रो रहे थे।

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