Hamid Ansari Interview Update; Former Vice President Speaks On Agricultural Laws Over Farmers Protest (Kisan Andolan) | पूर्व उप-राष्ट्रपति बोले- ऐसे कानूनों पर संसद में अच्छे से चर्चा होनी चाहिए, सभी की राय लेना भी जरूरी


  • Hindi News
  • National
  • Hamid Ansari Interview Update; Former Vice President Speaks On Agricultural Laws Over Farmers Protest (Kisan Andolan)

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

नई दिल्ली6 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि नए कृषि कानूनों पर संसद में डिबेट कम हुई। अगर इस पर ध्यान दिया होता, तो शायद ऐसे हालात नहीं बनते। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar

पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि नए कृषि कानूनों पर संसद में डिबेट कम हुई। अगर इस पर ध्यान दिया होता, तो शायद ऐसे हालात नहीं बनते। (फाइल फोटो)

पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने नए कृषि कानूनों पर बात की। न्यूज एजेंसी IANS को दिए इंटरव्यू में उन्होंने सोमवार को कहा कि जब आप ऐसे कानून अमल में लाना चाहते हैं, तो संसद में इस पर अच्छे से चर्चा होनी चाहिए और सभी की राय भी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन कानूनों पर संसद में डिबेट कम हुई। अगर इस पर ध्यान दिया होता, तो शायद ऐसे हालात नहीं बनते।

मामले का समाधान जरूरी : अंसारी
उन्होंने कहा कि पूरा देश देख रहा है, क्या हो रहा है? इस बारे में सभी की राय भी अलग-अलग है। किसान और सरकार में बैठे लोग भारत के नागरिक हैं। यह मामला इस हद तक नहीं पहुंचना चाहिए था और इसका हल ढूंढना चाहिए था। उन्होंने कहा कि हमारी देश की सरकारों को हमेशा से ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार ये नियंत्रण से बाहर हो जाती हैं।

पड़ोसी देशों से बातचीत जरूरी : अंसारी
पड़ोसी देशों से भारत के रिश्तों पर उन्होंने कहा कि भारत और चीन दोनों बड़े देश हैं और सबसे करीबी पड़ोसी हैं। वे जानते हैं कि दोनों का साथ रहना जरूरी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कई बार कहा है कि हम लगातार चीन से बात कर रहे हैं। बातचीत से हर समस्या का हल निकाला जा सकता है।

कार्यकाल के आखिरी दिन की भी बात की
असुरक्षा से जुड़े अपने विवादित बयानों पर उन्होंने कहा कि मैंने कुछ भी नया नहीं कहा है। अगर आप मेरे बयानों को देखेंगे, तो मैंने 10 साल में 500 बार बोला है। मैंने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी है। यह कहना गलत होगा कि मैंने अपने कार्यकाल के आखिरी दिन उस विषय पर क्यों बोला? जो लोग ऐसा बोल रहे हैं, उन्होंने न तो मेरी किताब पढ़ी है और न ही उन्हें मेरी स्पीच सुनने में ज्यादा रुचि है।

अपनी किताब के बारे में बताया
अपनी नई किताब ‘बाय मेनी अ हैपी एक्सिडेंट’ के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि वे कॉलेज के दिनों में PhD कर विश्वविद्यालय में पढ़ाना चाहते थे। लेकिन अपनी मां के कहने पर उन्होंने सिविल सर्विस एग्जाम पर फोकस कर लिया। उन्होंने बताया कि इस किताब में उनकी जिंदगी के ऐसे ही छोटे-छोटे पहलुओं या संयोग के बारे में बताया गया है।



Source link

Share:

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on linkedin
Share on whatsapp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *