समय पर डॉक्टर के पास जाएं, डिप्रेशन को दूर भगाएं

partner-with-depression

– 8 से 10 फीसद पुरुषों में मानसिक समस्या होने का खतरा

– 12 से 15 फीसद महिलाओं में मानसिक समस्या होने का खतरा

– डिप्रेशन के शिकार करीब 30 फीसद लोग सुसाइड के बारे में सोचते हैं

– डिप्रेशन के शिकार 10 से 15 फीसद लोग सुसाइड कर भी लेते हैं

– नेशनल मेंटल सर्वे के अनुसार 4 से 5 फीसद लोगों के डिप्रेस होने की आशंका

– बदलती लाइफ स्टाइल से युवाओं में बढ़ रही डिप्रेशन की समस्या

– समय रहते इलाज न कराने से हो सकती है बड़ी प्रॉब्लम

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत की खबर ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है कि आखिर युवा डिप्रेशन में ऐसे कदम क्यों उठा रहे हैं। युवाओं में बढते डिप्रेशन से मनोरोग चिकित्सक भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि इस तरह के हालात बदलती लाइफ स्टाइल, ग्लैमर के पीछे भागना, पैरेंट्स का बच्चों को समय न देना, लव लाइफ में असफलता आदि से बने हैं। ये बातें विभिन्न रिसर्च से भी सामने आ चुकी है। युवाओं में डिप्रेशन के प्रमुख कारण क्या हैं, आइए जानते हैं केजीएमयू के मनोरोग विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ। आदर्श त्रिपाठी से

न्यूरो डिस्आर्डर है डिप्रेशन

डॉ। आदर्श त्रिपाठी के अनुसार डिप्रेशन ब्रेन की बीमारी है। यह ब्रेन में केमिकल में गड़बड़ी की वजह से होती है। हमारे जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव का भी हमारी मानसिक स्थिति पर असर पड़ता है। डिप्रेशन बदलते दौर, तनाव, पढ़ाई, कंप्टीशन, फैमिली प्रॉब्लम आदि के चलते भी होता है।

महिलाओं में समस्या ज्यादा

डॉ। आदर्श ने बताया कि एक सर्वे के अनुसार पुरुषों में 8 से 10 फीसद और महिलाओं में 12 से 15 फीसद मानसिक समस्या होने का खतरा है। करीब 30 फीसद लोग सुसाइड की कोशिश करते हैं और 10 से 15 फीसद सुसाइड कर भी लेते हैं। युवाओं में डिप्रेशन के केस बढ़ना, चिंता का सबब है। इसका एक कारण यह भी है कि कुछ गलत होने पर उन्हें दोषी बना दिया जाता है।

हो सकती हैं अन्य बीमारियां

डॉ। आदर्श ने बताया कि डिप्रेशन से अन्य बीमारियों का खतरा भी रहता है। डिप्रेशन का समय से इलाज कराना चाहिए नहीं तो इससे दिल की बीमारी, ब्रेन स्ट्रोक, हायपरटेंशन आदि की प्रॉब्लम हो जाती है। सही समय पर डॉक्टर को दिखाने से इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

बाक्स

डिप्रेशन के प्रमुख लक्षण

– इंसान अकेले रहने लगता है

– वह किसी से बात नहीं करता और चुपचाप रहता है

– हमेशा थकान और सुस्ती महसूस होती है

– किसी भी काम में मन का न लगना

– शराब या तंबाकू का अधिक सेवन करने लगना

– अचानक जरा-जरा सी बात पर भड़क जाना

– कभी अधिक तो कभी कम भूख लगना

– शरीर में दर्द की शिकायत रहना

बाक्स

डिप्रेशन से बचने के तरीके

– 7 से 8 घंटे की पूरी नींद लें

– योग और एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल करें

– खाली समय में परिवार और दोस्तों के साथ बात करें

– तंबाकू और अल्कोहल का सेवन न करें

– पौष्टिक खाने को अपनी डायट में शामिल करें

– पॉजिटिव सोच के साथ जिंदगी जिएं

“डिप्रेशन एक प्रकार से दिमागी बीमारी है, जो तनाव भरी लाइफ स्टाइल के कारण बढ़ रही है। ऐसे में लोगों को बिना किसी डर के मनोरोग चिकित्सक के पास जाकर समय रहते इलाज कराना चाहिए।”

डॉ। आदर्श त्रिपाठी, एडीशनल प्रोफेसर

मनोरोग विभाग, केजीएमयू

Share:

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on linkedin
Share on whatsapp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *