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High court said – politicians have no right to stock drugs, government should explain to leaders | दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- हम महामारी में सेलिब्रेशन करने की इजाजत नहीं दे सकते, दवाओं के स्टॉक को जमा कराएं नेता


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नई दिल्ली36 मिनट पहले

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कोर्ट ने बीजेपी सांसद गौतम गंभीर को लेकर भी सवाल पूछा कि कैसे केमिस्ट के जरिए उन्हें दवा का स्टॉक मिला? अगर उनका इरादा सार्वजनिक हित का था, तो उन्हें इसे DGHC में देना चाहिए। वह उसे लोगों में बांट देंगे। - Dainik Bhaskar

कोर्ट ने बीजेपी सांसद गौतम गंभीर को लेकर भी सवाल पूछा कि कैसे केमिस्ट के जरिए उन्हें दवा का स्टॉक मिला? अगर उनका इरादा सार्वजनिक हित का था, तो उन्हें इसे DGHC में देना चाहिए। वह उसे लोगों में बांट देंगे।

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को मेडिकल माफिया और पॉलिटिशियन नेक्सस मामले में सुनवाई की। इस दौरान उन्होंने कोरोना महामारी के बीच नेताओं की तरफ से दवाओं की जमाखोरी मामले पर सख्त टिप्पणी करते हुए अपनी नाराजगी जताई। हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, ‘राजनेताओं को दवाओं का स्टॉक करने का कोई अधिकार नहीं। वे इसे डायरेक्टर जनरल हेल्थ के पास जमा कराएं। इससे जरूरमंद लोगों को दवाई मिल सके। कोर्ट ने कहा, ‘हम नेताओं को इस महामारी में सेलिब्रेशन करने की इजाजत नहीं दे सकते। नेताओं ने महामारी को गुडविल का जरिया बना लिया है।’

कोर्ट ने बीजेपी सांसद गौतम गंभीर को लेकर भी सवाल पूछा कि कैसे केमिस्ट के जरिए उन्हें दवा का स्टॉक मिला? अगर उनका इरादा सार्वजनिक हित का था, तो उन्हें इसे DGHC में देना चाहिए। वे उसे जरूरतमंद लोगों में बांट देंगे।

24 मई को फिर होगी सुनवाई

दरअसल, बीजेपी के गौतम गंभीर, हरीश खुराना और कांग्रेस के श्रीनिवास बीवी समेत कई नेता लोगों की मदद करने में लगे हुए हैं। उनपर लगातार दवा के स्टॉक को लेकर सवाल उठ रहे थे। इसपर दिल्ली पुलिस ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट में क्लीन चिट दे दी थी। अब हाईकोर्ट ने इस पर पुलिस को रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ इस मामले में ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया को भी नोटिस जारी किया गया। उन्हें भी इस मामले में पार्टी बनाया गया। 24 मई को मामले की फिर सुनवाई की जाएगी।

पुलिस ने 6 हफ्ते का समय मांगा, कोर्ट ने कहा- तब तक मुद्दा खत्म हो जाएगा

वहीं, दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से इस संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 6 हफ्ते का समय मांगा। हालांकि, लंबा समय मांगने पर भी कोर्ट ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा है कि यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 6 हफ्ते बाद ये मुद्दा बचेगा ही नहीं। राजनीतिक दलों के पास इस तरह दवाओं की जमाखोरी करने का कोई अधिकार ही नही है। वो भी ऐसे वक्त में जब जरूरतमंद लोगों को इसके लिए ज्यादा कीमत चुकाना पड़ रही है।

हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा- नेताओं से ठीक रहने को कहें

दिल्ली सरकार ने कोर्ट में कहा कि हम जरूरी दवाइयां सीज करते हैं। इस कोर्ट ने कहा कि हम सीज करने को नहीं कह रहे हैं। ये सामान्य प्रक्रिया है। यह काम पुलिस करेगी। हम केवल इतना कह रहे हैं कि अपने नेताओं और अन्य पार्टियों के नेताओं से कहें कि वो अपने आपको ठीक करें। वहीं, वकील विराज गुप्ता ने कोर्ट से कहा कि जरूरी दवाईयों की कई सांसद जमाखोरी कर रहे हैं। साथ ही सांसद गौतम गंभीर पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

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