Most Popular

Social Media

Get The Latest Updates

Subscribe To Our Weekly Newsletter

No spam, notifications only about new products, updates.

Impact Of Mission Shakti Abhiyan: Crimes Related To Women Reduced By Three To 30 Percent – मिशन शक्ति अभियान का असर: तीन से 30 प्रतिशत तक कम हुए महिलाओं से संबंधित अपराध


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 13 Jan 2021 09:04 PM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

महिलाओं पर होने वाले अपराध को रोकने के लिए चलाए गए मिशन शक्ति अभियान का साकारात्मक असर सामने आया है। नवंबर और दिसंबर में हुए अपराध के आंकड़ों में तीन से 30 प्रतिशत तक कमी आई है। अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष के मुकाबले दहेज हत्या की घटनाओं में 17 प्रतिशत, दुष्कर्म के मामलों में 3 प्रतिशत, शीलभंग के मामलों में 30 प्रतिशत और अपहरण के मामलों में लगभग 17 प्रतिशत की कमी आई है। 

उन्होंने बताया कि साल 2019 में 320 घटनाएं दहेज हत्या की हुई थीं। 2020 में नवंबर और दिसंबर में यह आंकड़ा 264 रहा। वहीं 2019 में दुष्कर्म की 391 घटनाएं हुई थीं जो 2020 में घटकर 379 हो गईं। इसी तरह छेडख़ानी के 1806 के मुकाबले 1269 घटनाएं पंजीकृत की गई। प्रशांत कुमार ने बताया कि अपहरण के मामलों में भी कमी आई है। 2019 में 1687 घटनाएं हुई थीं जो 2020 में घटकर 1406 हुईं। 
कार्रवाई के मामले में लखनऊ जोन अव्वल
प्रशांत कुमार ने बताया कि मिशन शक्ति के दौरान चलाए गए अभियान में कार्रवाई के मामले में लखनऊ जोन अव्वल रहा, जहां सबसे अधिक कार्रवाई की गई। पूरे प्रदेश में 50 हजार से अधिक लोगों के खिलाफ 107, 116 के तहत कार्रवाई की गई है। इसमें अकेले लखनऊ जोन में 23090 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। गोरखपुर में साढ़े 6 हजार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। सबसे कम 850 लोगों के खिलाफ 107, 116 के तहत प्रयागराज में कार्रवाई की गई। इसी तरह शांति भंग की कार्रवाई में भी लखनऊ जोन पहले नंबर पर रहा जहां 8675 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। सबसे कम 590 लोगों का चालान प्रयागराज में किया गया।

महिलाओं पर होने वाले अपराध को रोकने के लिए चलाए गए मिशन शक्ति अभियान का साकारात्मक असर सामने आया है। नवंबर और दिसंबर में हुए अपराध के आंकड़ों में तीन से 30 प्रतिशत तक कमी आई है। अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष के मुकाबले दहेज हत्या की घटनाओं में 17 प्रतिशत, दुष्कर्म के मामलों में 3 प्रतिशत, शीलभंग के मामलों में 30 प्रतिशत और अपहरण के मामलों में लगभग 17 प्रतिशत की कमी आई है। 

उन्होंने बताया कि साल 2019 में 320 घटनाएं दहेज हत्या की हुई थीं। 2020 में नवंबर और दिसंबर में यह आंकड़ा 264 रहा। वहीं 2019 में दुष्कर्म की 391 घटनाएं हुई थीं जो 2020 में घटकर 379 हो गईं। इसी तरह छेडख़ानी के 1806 के मुकाबले 1269 घटनाएं पंजीकृत की गई। प्रशांत कुमार ने बताया कि अपहरण के मामलों में भी कमी आई है। 2019 में 1687 घटनाएं हुई थीं जो 2020 में घटकर 1406 हुईं। 

कार्रवाई के मामले में लखनऊ जोन अव्वल

प्रशांत कुमार ने बताया कि मिशन शक्ति के दौरान चलाए गए अभियान में कार्रवाई के मामले में लखनऊ जोन अव्वल रहा, जहां सबसे अधिक कार्रवाई की गई। पूरे प्रदेश में 50 हजार से अधिक लोगों के खिलाफ 107, 116 के तहत कार्रवाई की गई है। इसमें अकेले लखनऊ जोन में 23090 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। गोरखपुर में साढ़े 6 हजार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। सबसे कम 850 लोगों के खिलाफ 107, 116 के तहत प्रयागराज में कार्रवाई की गई। इसी तरह शांति भंग की कार्रवाई में भी लखनऊ जोन पहले नंबर पर रहा जहां 8675 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। सबसे कम 590 लोगों का चालान प्रयागराज में किया गया।



Source link

Share:

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on linkedin
Share on whatsapp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *