Zakir Musa के मिशन को आगे बढ़ा रहा था बरेली से पकड़ा गया जेहादी इनामुल, ATS को मिला FB अकाउंट

इनामुल ने अपने इस अकाउंट पर ‘शरीयत या शहादत’ नारे का वॉलपेपर भी लगा रखा है. दरअसल ये नारा अंसार गजवतुल हिंद के मारे गए चीफ जाकिर मूसा का था. अब ATS इनामुल के इस फेसबुक एकाउंट से जुड़े संदिग्ध लोगों को ट्रेस करने में जुटी है.

यूपी ATS की गिरफ्त में बैठे इनामुक हक से हो रही पूछताछ में प्रदेश में जेहाद का जहर फैलाने वालों का सच सामने आ रहा है. UP ATS ने बरेली के रहने वाले मोहम्मद इनामुक को कुछ दिनों पहले लखनऊ पुलिस की सूचना पर गिरफ्तार किया था. अब पता चला है कि इनामुल सोशल मीडिया अकाउंट से न सिर्फ जेहादी विचारधारा फैला रहा था बल्कि जाकिर मूसा के मिशन ‘शरीयत या शहादत’ को भी आगे बढ़ा रहा था. सूत्रों के हवाले से खबर है कि पुलिस ने पूछताछ में इनामुल के नए फेसबुक अकाउंट का भी पता लगा लिया है, जिससे वो 2 महीने पहले तक जेहाद का जहर बो रहा था. अब ATS उसके इसी अकाउंट के जरिये और भी संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.2 महीने पहले एक्टिव अकाउंट का पता चला 
जेहादी इनामुल ATS की पकड़ में आने से पहले अपने कई फेसबुक अकाउंट डिलीट कर चुका था, लेकिन अब ATS ने उसका एक ऐसा फेसबुक एकाउंट ढूंढ निकाला है, जिस पर वो 2 महीने पहले तक एक्टिव था. इसी एकाउंट से पता लगा है कि इनामुल कश्मीर के युवाओं के साथ मूसा के मिशन ‘शरीयत या शहादत’ को आगे बढ़ा रहा था. इस अकाउंट में उसके साथ बरेली और आसपास के जिलों के अलावा कई राज्यों के लोग जुड़े हुए थे.

जाकिर मूसा के जहरीले विचार से प्रभावित है जेहादी इनामुल 
इनामुल ने अपने इस अकाउंट पर ‘शरीयत या शहादत’ नारे का वॉलपेपर भी लगा रखा है. दरअसल ये नारा अंसार गजवतुल हिंद के मारे गए चीफ जाकिर मूसा का था. मूसा पहले कश्मीर के अलगाववादी नेताओं से जुड़ा था, जिनसे मनमुटाव के बाद उसने अलकायदा का दामन थामा. मारे जाने से पहले तक वो गजवतुल हिंद का चीफ था. इनामुल के अकाउंट से लगता है कि वो जाकिर मूसा से काफी प्रभावित था और कश्मीरी युवाओं को उसके जेहादी मिशन से जोड़ने का काम कर रहा था. अब ATS इनामुल के इस फेसबुक एकाउंट से जुड़े संदिग्ध लोगों को ट्रेस करने में जुटी है.बरेली से हुई थी जेहादी मोहम्मद इनामुल की गिरफ्तारी 
यूपी ATS ने जेहाद के लिए भड़का रहे एक शख्स की लीड मिलने के बाद बरेली से मोहम्मद इनामुक हक को पकड़ा था. यूपी एटीएस को पूछताछ और उसके सोशल मीडिया अकाउंट की तमाम गतिविधियों से पता चला कि इनामुल जेहादी विचारधारा से प्रभावित है और दूसरे लोगों को भी जेहाद के लिए प्रेरित कर रहा है. इतना ही नहीं इनामुल लोगों को आतंकी गतिविधियों के लिए भी प्रशिक्षित करने जैसी बात कर रहा था. उसके पास अल कायदा का प्रतिबंधित साहित्य भ मिला है. कटघर की डॉक्टर रियाज कॉलोनी में रहने वाले इनामुल ने पूछताछ में जेहाद के प्रति अपने लगाव को भी स्वीकारा है.

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