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अमेरिकी खुफिया एजेंसी का दावा : ये शख्स है गलवान घाटी का असली ‘विलेन’, रची थी भारतीय सैनिकों पर हमले की साजिश

भारत-चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प के पीछे का असली विलेन कौन है? अगर इस सवाल पर अमेरिकी खुफिया विभाग के दावे को सच मानें तो चीन की ओर से ही भारतीय सै

नई दिल्ली : 

भारत-चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प के पीछे का असली विलेन कौन है? अगर इस सवाल पर अमेरिकी खुफिया विभाग के दावे को सच मानें तो चीन की ओर से ही भारतीय सैनिकों को हमले का आदेश दिया गया था और यह घटना के एक सुनियोजित साजिश का नतीजा थी. इसमें सबसे बड़ा हाथ  चीन के सबसे ताकतवर जनरल झाओ जोंगकी है जो कि वेस्टर्न कमांड थिएटर का प्रमुख है उसी ने चीनी सेना को गलवन घाटी में हमले को अंजाम देने का आदेश दिया था.  जनरल झाओ जोंगकी पहले भी भारत के साथ कई पूर्व में हुए तनातनी को अंजाम दे चुका है. बताया जा रहा है कि जनरल झाओ जोंगकी भारत को अमेरिका के साथ नजदीकी रिश्ते को लेकर ‘सबक’ सिखाना चाहता था. हालांकि ये चीन पर उल्टा भारी पड़ा क्योंकि भारत के जहाँ 20 जवान शहीद हुए तो चीन के 40 से ज्यादा जवान मारे गए.

गौरतलब है कि 15-16 जून की रात लद्दाख की गलवान घाटी में दोनों देशों के सेनाओं की बीच भिड़ंत हुई थी. इस दौरान चीनी सैनिकों ने उस समय अचानक हमला कर दिया था जब बिहार रेजीमेंट के जवान कर्नल संतोष बाबू की अगुवाई में यह देखने गए थे कि समझौते के तहत चीनी सेना ने भारतीय सीमा के अंदर लगाए टेंटों को उखाड़ा है या नहीं. उसी समय वहां संख्या में ज्यादा मौजूद चीनी सैनिकों ने भारतीय जवानों पर हमला कर दिया.

निकों को हमले का आदेश दिया गया था और यह घटना के एक सुनियोजित साजिश का नतीजा थी.

हालांकि इस दौरान फायरिंग नहीं हुई लेकिन चीनी सैनिकों ने नुकीले हथियारों से हमला किया था. इस हमले में कई जवान भारतीय जवान घायल हो गए और नदी में गिर गए. बाद में खबर आई कि 20 भारतीय जवानों ने जान गंवाई है जिसमें कर्नल संतोष बाबू भी थे. वहीं भारतीय सेना से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस हमले के पलटवार में 40 से ज्यादा चीनी सैनिक हताहत हुए है और कई मारे गए हैं. लेकिन चीन की ओर से संख्या को लेकर अभी तक कोई पुष्टि नहीं की गई है.

गौरतलब है कि 15-16 जून की रात लद्दाख की गलवान घाटी में दोनों देशों के सेनाओं की बीच भिड़ंत हुई थी. इस दौरान चीनी सैनिकों ने उस समय अचानक हमला कर दिया था जब बिहार रेजीमेंट के जवान कर्नल संतोष बाबू की अगुवाई में यह देखने गए थे कि समझौते के तहत चीनी सेना ने भारतीय सीमा के अंदर लगाए टेंटों को उखाड़ा है या नहीं. उसी समय वहां संख्या में ज्यादा मौजूद चीनी सैनिकों ने भारतीय जवानों पर हमला कर दिया.

हालांकि इस दौरान फायरिंग नहीं हुई लेकिन चीनी सैनिकों ने नुकीले हथियारों से हमला किया था. इस हमले में कई जवान भारतीय जवान घायल हो गए और नदी में गिर गए. बाद में खबर आई कि 20 भारतीय जवानों ने जान गंवाई है जिसमें कर्नल संतोष बाबू भी थे. वहीं भारतीय सेना से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस हमले के पलटवार में 40 से ज्यादा चीनी सैनिक हताहत हुए है और कई मारे गए हैं. लेकिन चीन की ओर से संख्या को लेकर अभी तक कोई पुष्टि नहीं की गई है.

लेकिन एक हफ्ते बाद चीन की सेना ने स्‍वीकार किया कि उनका कमांडिंग ऑफिसर इस दौरान मारा गया था. सूत्रों के अनुसार, चीनी सेना की ओर से यह बात दोनों देशों के बीच सैन्‍य स्‍तर की बातचीत के दौरान स्‍वीकार की गई. फिलहाल इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है क्योंकि 45 साल इन दो देशों के बीच सेनाओं के बीच खूनी संघर्ष हुआ है. अब भारत में चीनी सामनों को बहिष्कार की मुहिम भी शुरू हो गई है और चीन के खिलाफ आम जन भी गुस्से में है.

वहीं बात करें सीमा की तो भारतीय सेना पूरी तरह से मुस्तैद हो गई है क्योंकि सैटेलाइट इमेज से पता चल रहा है कि चीन अपनी सीमा की ओर से कई तरह की हरकतें कर रहा है. जिसे देखते हुए भारतीय एयरफोर्स ने भी अपने फाइटर प्लेनों को तैनात कर दिया है. उधर सिक्किम में भी दोनों देशों के सैनिकों के बीच हाथापाई की खबर आई है.

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