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life management tips by ramayana, shurpnakha and ravana story, unknown facts of shurpnakha, disadvantages of greed, facts about knowledge, ego, | लालच से संन्यासी, अहंकार से ज्ञान और नशे से शर्म खत्म हो जाती है, ऐसी बुराइयों से बचें


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5 घंटे पहले

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  • शूर्पणखा ने रावण को बताया था किन बुराइयों से हमारे गुण खत्म हो जाते हैं

रामायण में कई ऐसी नीतियां बताई गई हैं, जिन्हें जीवन में उतार लेने से हमारी कई समस्याएं खत्म हो सकती हैं। श्रीरामचरित मानस के अरण्य कांड में शूर्पणखा और रावण का प्रसंग है। इस प्रसंग में शूर्पणखा ने रावण को बताया था किन बुराइयों की वजह से हमारे गुण खत्म हो सकते हैं…

ये है शूर्पणखा और रावण का प्रसंग

अरण्य कांड में लक्ष्मण ने शूर्पणखा के नाक-कान काट दिए थे। इसके बाद वह रावण के पास जाती है और राम-लक्ष्मण से बदला लेने के लिए कहती है। रावण सीता के बारे में बताती है। उस समय शूर्पणखा रावण से कहती है कि किन बुराइयों की वजह से संन्यासी, राजा और गुणवान व्यक्ति नष्ट हो सकता है।

शूर्पणखा कहती है कि

संग तें जती कुमंत्र ते राजा। मान ते ग्यान पान तें लाजा।।

प्रीति प्रनय बिनु मद ते गुनी। नासहिं बेगि नीति अस सुनी।।

अर्थ – शूर्पणखा कहती है कि वासना और लालच से संन्यासी, मंत्रियों की गलत सलाह से राजा नष्ट हो सकता है। अहंकार से ज्ञान और विद्वान व्यक्ति बर्बाद हो सकता है। नशे से शर्म खत्म हो जाती है। विनम्रता के बिना प्रेम खत्म हो जाता है। ये नीति मैंने सुनी है।

आज भी जो लोग इस नीति का ध्यान रखते हैं, वे कई समस्याओं से बच सकते हैं। हमें वासना, लालच, गलत सलाह, अहंकार, नशे जैसी बुरी आदतों से बचना चाहिए। तभी जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

शूर्पणखा से जुड़ी खास बातें

रावण की बहन शूर्पणखा के नाखूने सूप की तरह थे, इसी वजह से उसका नाम शूर्पणखा पड़ा। शूर्पणखा का पति विद्युतजिव्ह था। वह कालकेय राजा का सेनापति था। रावण जब विश्वयुद्ध पर निकला तो कालकेय से भी उसका युद्ध हुआ। उस युद्ध में रावण ने विद्युतजिव्ह का वध कर दिया। ऐसा माना जाता है कि उस समय शूर्पणखा ने ही रावण को शाप दिया था कि मेरे ही कारण तेरा सर्वनाश होगा। रामायण में शूर्पणखा की वजह से रावण ने सीता का हरण किया। इसके श्रीराम के हाथों मारा गया।

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