Lucknowite Girls Started Campaign To Change The Name Of Kudamau Village


गोमती नगर स्थित शिरोज कैफे में आयोजित चाय पर चर्चा कार्यक्रम में अपनी बात रखतीं बेटियां।

गोमती नगर स्थित शिरोज कैफे में आयोजित चाय पर चर्चा कार्यक्रम में अपनी बात रखतीं बेटियां।
– फोटो : LKO CITY

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लखनऊ। गोसाईंगंज की बेटियां इन दिनों एक अनूठा आंदोलन चलाए हुए हैं। इसमें वे अपने गांव ‘कूड़ा मऊ’ का नाम बदलकर ‘सुंदरनगर’ करने की मांग कर रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन तक अपना मांग पत्र पहुंचा दिया है, अब इंतजार बस सरकारी मुहर लगने का है। गांव का नाम बदलने और आंदोलन शुरू करने तक की कहानी इन बच्चियों ने शुक्रवार को फिक्की द्वारा आयोजित चाय पर चर्चा कार्यक्रम में सुनाई। फिक्की फ्लो लगातार प्रदेश व शहर की महिलाओं के साहस की कहानियां लोगों के सामने लाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
स्वच्छता अभियान में दाग की तरह गांव का नाम
नाम बदलने के लिए प्रयासरत किशोरियों के अभियान का नाम है ‘लक्ष्य’, जिसकी हेड है अंजलि रावत। अंजलि ने बताया कि जब हम बड़े हुए और लोगों को जब अपना निवास स्थान कूड़ा मऊ बताते तो वे हंसते थे। मां मीरा रावत और हिना मुनीर ने राह दिखाई और हम लोगों ने एक टीम बनाई, जो अपने गांव के नाम को बदलने की मुहिम में लगी है। अंजलि ने बताया कि इस संघर्ष में मुख्य रूप से हमारे साथ सुषमा, कामिनी, वंदना, मनीषा, नीलम और चांदनी जुड़ी हैं।
शुरुआत अपने जेब खर्च से की
अंजलि व उनकी टीम ने बताया कि हम लोग अपने जेबखर्च से पेंट, ब्रश, झाड़ू लाए। स्थानीय स्तर पर लोग भी इस मुहिम से जुड़े। देखते ही देखते सामाजिक आंदोलन ने गति पकड़ी। अंजलि कहती हैं कि सबने मिलकर पौधरोपण, पेंट आदि करके गांव को सुंदर बनाने की कोशिश की है, मांग पत्र भी जिलाधिकारी को दे चुके हैं। इंतजार है कि कब इस गांव की नियति बदलेगी। कार्यक्रम का संचालन शची सिंह ने किया। माधुरी हलवासिया, दीपाली गर्ग, आरुषि टंडन, वंदिता अग्रवाल, स्वाति वर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।

लखनऊ। गोसाईंगंज की बेटियां इन दिनों एक अनूठा आंदोलन चलाए हुए हैं। इसमें वे अपने गांव ‘कूड़ा मऊ’ का नाम बदलकर ‘सुंदरनगर’ करने की मांग कर रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन तक अपना मांग पत्र पहुंचा दिया है, अब इंतजार बस सरकारी मुहर लगने का है। गांव का नाम बदलने और आंदोलन शुरू करने तक की कहानी इन बच्चियों ने शुक्रवार को फिक्की द्वारा आयोजित चाय पर चर्चा कार्यक्रम में सुनाई। फिक्की फ्लो लगातार प्रदेश व शहर की महिलाओं के साहस की कहानियां लोगों के सामने लाने के लिए लगातार प्रयासरत है।

स्वच्छता अभियान में दाग की तरह गांव का नाम

नाम बदलने के लिए प्रयासरत किशोरियों के अभियान का नाम है ‘लक्ष्य’, जिसकी हेड है अंजलि रावत। अंजलि ने बताया कि जब हम बड़े हुए और लोगों को जब अपना निवास स्थान कूड़ा मऊ बताते तो वे हंसते थे। मां मीरा रावत और हिना मुनीर ने राह दिखाई और हम लोगों ने एक टीम बनाई, जो अपने गांव के नाम को बदलने की मुहिम में लगी है। अंजलि ने बताया कि इस संघर्ष में मुख्य रूप से हमारे साथ सुषमा, कामिनी, वंदना, मनीषा, नीलम और चांदनी जुड़ी हैं।

शुरुआत अपने जेब खर्च से की

अंजलि व उनकी टीम ने बताया कि हम लोग अपने जेबखर्च से पेंट, ब्रश, झाड़ू लाए। स्थानीय स्तर पर लोग भी इस मुहिम से जुड़े। देखते ही देखते सामाजिक आंदोलन ने गति पकड़ी। अंजलि कहती हैं कि सबने मिलकर पौधरोपण, पेंट आदि करके गांव को सुंदर बनाने की कोशिश की है, मांग पत्र भी जिलाधिकारी को दे चुके हैं। इंतजार है कि कब इस गांव की नियति बदलेगी। कार्यक्रम का संचालन शची सिंह ने किया। माधुरी हलवासिया, दीपाली गर्ग, आरुषि टंडन, वंदिता अग्रवाल, स्वाति वर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।



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