makar sankranti on 14 january 2020, surya puja vidhi, how to worship to lord sun, makar sankranti puja vidhi | मकर संक्रांति पर तांबे के लोटे से चढ़ाएं सूर्य को जल और तिल-गुड़ का दान जरूरतमंद लोगों को करें


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6 दिन पहले

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  • सूर्य के मंत्र ऊँ सूर्याय नम:, ऊँ मित्राय नम:, ऊँ भास्कराय नम: या ऊँ आदित्याय नम: का जाप कम से कम 108 बार करें

गुरुवार, 14 जनवरी को सूर्य पूजा का महापर्व मकर संक्रांति और उत्तरायण है। सूर्य को पंच देवों में से एक और नौ ग्रहों का राजा माना जाता है। भविष्य पुराण में श्रीकृष्ण ने अपने पुत्र सांब को सूर्य पूजा का महत्व बताया था। सूर्य की पूजा रोज करनी चाहिए। ज्योतिष की मान्यता है कि कुंडली में सूर्य ग्रह की शुभ-अशुभ स्थिति का अच्छा या बुरा असर हमारे जीवन पर भी होता है। जिन लोगों की कुंडली में सूर्य की स्थिति शुभ है, उन्हें समाज में मान-सम्मान मिलता है।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार मकर संक्रांति पर सूर्य की विशेष पूजा करें। ऊँ सूर्याय नम:, ऊँ मित्राय नम:, ऊँ भास्कराय नम: या ऊँ आदित्याय नम: मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें।

सूर्य पूजा करते समय इन बातों का ध्यान रखें

मकर संक्रांति पर सुबह स्नान के बाद भगवान सूर्य को जल अर्पित करें। इसके लिए तांबे के लोटे में जल भरें। लोटे में चावल, फूल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें।

जल चढ़ाने के बाद सूर्य मंत्र स्तुति का पाठ करें। इस पाठ के साथ शक्ति, बुद्धि, स्वास्थ्य और सम्मान की कामना से करें।

सूर्य मंत्र स्तुति

नमामि देवदेवशं भूतभावनमव्ययम्।

दिवाकरं रविं भानुं मार्तण्डं भास्करं भगम्।।

इन्द्रं विष्णुं हरिं हंसमर्कं लोकगुरुं विभुम्।

त्रिनेत्रं त्र्यक्षरं त्र्यङ्गं त्रिमूर्तिं त्रिगतिं शुभम्।।

सूर्य की मूर्ति के सामने या सूर्य का ध्यान करते हुए घर के मंदिर में धूप, दीप जलाएं। सूर्य का पूजन करें। इस दिन सूर्य से संबंधित चीजें जैसे तांबे का बर्तन, पीले या लाल वस्त्र, गेहूं, गुड़, माणिक्य, लाल चंदन आदि का दान करें।



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