Most Popular

Social Media

Get The Latest Updates

Subscribe To Our Weekly Newsletter

No spam, notifications only about new products, updates.

Mamata Banerjee will reply to the notice to the Alapan Bandyopadhyay from the Center; preparing to write a long letter to Central Govt. and PM Modi | अब ममता देंगी अलपन को भेज गए केंद्र के नोटिस का जवाब, लंबी चिट्ठी लिखने की तैयारी


  • Hindi News
  • National
  • Mamata Banerjee Will Reply To The Notice To The Alapan Bandyopadhyay From The Center; Preparing To Write A Long Letter To Central Govt. And PM Modi

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

नई दिल्ली8 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
ममता बनर्जी केंद्र को दो-चार लाइनों में नहीं, बल्कि एक लंबी चिट्ठी लिखकर जवाब देने की तैयारी कर रही हैं। इसमें अलपन के मीटिंग में न रहने की वजह बताने के साथ वे केंद्र पर राज्य से बातचीत न करने का आरोप भी मढ़ने वाली हैं। - Dainik Bhaskar

ममता बनर्जी केंद्र को दो-चार लाइनों में नहीं, बल्कि एक लंबी चिट्ठी लिखकर जवाब देने की तैयारी कर रही हैं। इसमें अलपन के मीटिंग में न रहने की वजह बताने के साथ वे केंद्र पर राज्य से बातचीत न करने का आरोप भी मढ़ने वाली हैं।

केंद्र और बंगाल के बीच विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। कभी ममता बनर्जी भारी पड़ती हैं तो कभी केंद्र। पर अलपन बंधोपाध्याय को मुख्य सलाहकार बनाकर कर ममता दीदी ने मास्टर स्ट्रोक खेल दिया है। और जैसा कि उम्मीद थी, केंद्र चुप नहीं बैठेगा। केंद्र ने बंदोपाध्याय को नोटिस भेजा है कि वे इस बात का जवाब दें कि आखिर क्यों आप पीएम की बैठक में शामिल नहीं हुए? 3 दिनों में जवाब दें। केंद्र के इस नोटिस में बैठक में शामिल होने पर आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत एक्शन की बात भी कही गई है।

उधर, ममता बनर्जी अलपन को मिले इस नोटिस का जवाब देने की तैयारी कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी केंद्र को दो-चार लाइनों में नहीं, बल्कि एक लंबी चिट्ठी लिखकर जवाब देने की तैयारी कर रही हैं। इसमें अलपन के मीटिंग में न रहने की वजह बताने के साथ वे केंद्र पर राज्य से बातचीत न करने का आरोप भी मढ़ने वाली हैं।

कुछ ऐसा होगा ममता के खत का मजमून

  • दरअसल, अलपन बंधोपाध्याय इमोशनल ट्रॉमा से गुजर रहे हैं। उनके भाई की मौत 16 मई को हुई है। उन पर किसी भी तरह का दबाव डालना इंसानियत नहीं कहा जाएगा।
  • अलपन का रिटायरमेंट डे 31 मई था। लिहाजा काम का आखिरी दिन होने की वजह से कई जिम्मेदारियां ट्रांसफर करनी थीं। ऐसे में जब पूरा देश कोरोना से जूझ रहा है तो राज्य भी इससे अलग नहीं है। महामारी के दौरान अलपन बंधोपाध्याय ने अहम भूमिका निभाई। उनके पास कई जिम्मेदारियां थीं, जिनका ट्रांसफर किया जाना जरूरी था।
  • केंद्र को चाहिए था कि वह राज्य से भी बातचीत करे। केंद्र ने केवल मुख्य सचिव से ही बात की। ऐसी आपदा में केंद्र को मुख्यमंत्री कार्यालय से भी बातचीत करनी चाहिए थी। अगर हमसे संवाद हुआ होता तो शायद हम बता पाते कि अलपन 31 मई को रिटायर होने वाले हैं। यह उनकी जॉब का अंतिम दिन होगा। ऐसे में उनका बैठक में रहना शायद मुमकिन न हो। हम कुछ और रास्ते तलाश सकते थे।

केंद्र के संभावित सवाल पर भी जवाब तैयार है
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस जवाब पर केंद्र भी सवाल कर सकता है। केंद्र सरकार पूछ सकती है कि अलपन का कार्यकाल तो 3 महीने के लिए बढ़ा दिया गया था, फिर यह उनके काम का यह अंतिम दिन कैसे हुआ? ममता बनर्जी ने ने इसका जवाब भी तैयार कर लिया है। ऐसे में ममता कह सकती हैं कि यह राज्य का इंटरनल मैटर है कि वह किसे रिटायर करे और किसका कार्यकाल बढ़ाए? 31 मई के बाद वाले दिन से अलपन का एक्सटेंशन पीरियड शुरू होता तो 31 मई ही उनके काम का अंतिम दिन हुआ। केंद्र को भी यही मानना चाहिए।

खबरें और भी हैं…



Source link

Share:

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on linkedin
Share on whatsapp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *