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Martyr Pilot Abhinav’s father said – The young man flying the old ship from Jugaad, as it happened to my son, should not be with anyone else. | शहीद पायलट अभिनव के पिता बोले- जुगाड़ से पुराने जहाज उड़ा रहे जवान, जैसा मेरे बेटे के साथ हुआ, वैसा किसी और के साथ न हो


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मेरठ20 मिनट पहले

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बागपत के गांव में हुआ स्क्वाड्रन लीडर अभिनव चौधरी का अंतिम संस्कार। - Dainik Bhaskar

बागपत के गांव में हुआ स्क्वाड्रन लीडर अभिनव चौधरी का अंतिम संस्कार।

‘उड़ता ताबूत’ कहा जाने वाला भारतीय वायु सेना का फाइटर जेट मिग-21 फिर से चर्चा में है। शुक्रवार को पंजाब के मोगा में इसी विमान के क्रैश होने से जान गंवाने वाले स्क्वाड्रन लीडर अभिनव चौधरी के पिता सत्येंद्र चौधरी रोते हुए मीडिया से हाथ जोड़ कर कह रहे हैं- ‘मेरा बेटा तो चला गया। नहीं चाहता किसी और का लाल ऐसे जाए। सरकार से विनती है कि इस जहाज को हटा दिया जाए।’

अभिनव का पार्थिव शरीर शनिवार को पहले मेरठ, फिर बागपत के पुसार गांव पहुंचा। यहां पूरे सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। मेरठ के मवाना रोड पर गंगा नगर कॉलोनी के गंगा सागर सी-91 में अभिनव के पिता सत्येंद्र खुद को संभालने और परिजनों को दिलासा देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने भास्कर से बातचीत में मिग-21 को लेकर कई सवाल उठाए।

उन्होंने कहा- ‘1973-74 से इन्हें उड़ाया जा रहा है और लगातार हादसों से सरकार कोई सबक लेने के बजाए इन्हें बेड़े से नहीं हटा रही है। एक के बाद एक देश के कीमती पायलट मिग हादसों में जान गंवा रहे हैं। हादसे में किसी का एक बेटा जान नहीं गंवाता, बल्कि उसके साथ एक अनुभव भी मर जाता है। ये जवानों की जिंदगी का सवाल है। कई जवान बच्चे जिंदगी गंवा चुके हैं।’ 2019 में अभिनव ने बिना दहेज लिए सिर्फ एक रुपए लेकर शादी की थी।

सातवीं क्लास में ठान लिया था कि पायलट बनना है

सत्येंद्र, अभिनव का बचपन याद करते हुए कहते हैं- ‘उसने 7वीं क्लास में ही पायलट बनने की ठान ली थी। 15 मई को उसे छुट्टी लेकर घर आना था। न जाने वह कौन-सी घड़ी थी, जब मैंने ही उसे कहा था कि कोरोना में देश को तुम्हारी जरूरत है। जब आपदा निपट जाए, तब आराम से छुट्टी लेकर आना।’

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