जानिए मात्र 2600 रुपये में खरीदे गये Mitron का क्या है पाकिस्तानी कनेक्शन?

Mitro-App-Pakistani

Mitron ऐप को भारत में नहीं बनाया गया है बल्कि यह पाकिस्तान के सॉफ्टवेयर डिवेलपर Qboxus का ऐप है। एक रिपोर्ट में इस बात का पता चला है। भारत में Mitron ऐप तेजी से डाउनलोड किया जा रहा है। खास बात है कि मित्रों शब्द को अधिकतर पीएम मोदी के साथ जोड़ा जाता है। अब एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दरअसल यह ऐप पाकिस्तानी कंपनी Qboxus द्वारा बनाए गए TicTic ऐप का रीपैकेज्ड वर्जन है।

इरफान शेख Qboxus के सीईओ और फाउंडर हैं। इस कंपनी ने ही टिकटिक ऐप बनाया है। इरफान ने हमारी सहयोगी वेबसाइटट टाइम्स ऑफ इंडिया-गैजेट्स नाउ को बताया कि उन्होंने मित्रों ऐप के डिवेलपर को टिकटिक का सोर्स कोड 34 डॉलर (करीब 2,500 रुपये) में बेच दिया।

सोर्स कोड बेचना है मुख्य बिजनस
शेख ने बताया, ‘हमारी कंपनी सोर्स कोड बेचती है जिसके बाद खरीदार उसे कस्टमाइज करते हैं। हमारा मुख्य बिजनस है मशहूर ऐप्स के क्लोन बनाकर उन्हें सस्ते दामों में बेचना। हमारा मुख्य मकसद उन छोटे स्टार्टअप्स की मदद करना है जिनके पास कम बजट है। अभी तक हम टिकटिक ऐप की 277 कॉपी बेच चुके हैं।’

उन्होंने आगे बताया, ‘हमें इस बात से कोई परेशानी नहीं होती है कि डिवेलपर ने क्या किया है। वे स्क्रिप्ट का पैसा देते हैं और इस्तेमाल करते हैं, ऐसा करना ठीक है। लेकिन समस्या यह है कि लोग इसे भारत का बनाया ऐप कह रहे हैं जो सच नहीं है खासतौर पर तब जबकि उन्होंने ऐप में कोई बदलाव नहीं किए हैं।’ शेख का कहना है कि टिकटिक के एक खरीदार ने मित्रों ऐप को बस रीब्रैंड कर दिया है। यह सीधे तौर पर टिकटिक ऐप की नकल है। आप अपनी टेक्निकल टीम से दोनों ऐप डाउनलोड करने को कहकर इन्हें टेस्ट भी कर सकते हैं।

मित्रों के डिवेलपर की पहचान नहीं
बता दें कि Mitron ऐप के डिवेलपर का नाम अभी तक सामने नहीं आया है। हालांकि, कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इसे आईआईटी रुड़की के एक छात्र ने बनाया है। गूगल प्ले पर मित्रों ऐप के डिवेलपर का वेब पेज में वेबसाइट shopkiller.in का जिक्र है जो कि एक ब्लैंक पेज है। इसके साथ ही ऐप में कोई प्रिवेसी पॉलिसी भी नहीं है। इसलिए जो लोग ऐप डाउनलोड कर उस पर साइनइन करने के बाद विडियोज अपलोड कर रहे हैं, उन्हें नहीं पता कि उनके डेटा के साथ क्या हो रहा है। ऐप की परमिशन्स देखें तो यह ऐप बहुत सारी परमिशन्स मांगता है।

ऐप के अधिकतर रिव्यूज पर नजर डालें तो यूजर्स ने इसमें काफी बग होने की शिकायत की है। इसके बावजूद ऐप को हाई रेटिंग्स मिली हैं। इस ऐप को 50 लाख से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं। लोग ऐप में बग होने की शिकायत कर रहे हैं लेकिन ऐप के भारतीय होने के चलते हाई रेटिंग भी दे रहे हैं। लेकिन सच यह है कि इसे एक पाकिस्तानी डिवेलपर से खरीदा गया है और यह जानकारी सामने आने के बाद रेटिंग में कमी देखने को मिल सकती है।

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