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मोदी कैबिनेट की बैठक में हुए 4 अहम फैसले, जानिए किसे होगा फायदा

आज पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबनिटे की एक बैठक हुई, जिसमें 4 अहम फैसले लिए गए। इसमें पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना का नवंबर तक विस्तार करना भी शामिल है:

नई दिल्ली:
पीएम मोदी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट और सीसीईए की बैठक हुई। इस बैठक में तीन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। पहला तो कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के एग्री इंफ्रा फंड को मंजूरी मिली। दूसरा गरीब कल्याण अन्न योजना को नवंबर तक के लिए बढ़ाने पर सबकी सहमति बनी। तीसरा कारोबारियों और कर्मचारियों के फायदे के लिए 24 फीसदी ईपीएफ मदद को मंजूरी मिली। इसके अलावा उज्ज्वला योजना के तहत फ्री एलपीजी सिलेंडर बांटे जाने की योजना को मंजूरी मिली। निर्मला सीतारमण ने भी ट्वीट करते हुए जानकारी दी कि गरीब कल्याण अन्न योजना को नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 1 लाख करोड़:

मोदी सरकार की तरफ से वक्त-वक्त पर किसानों के लिए कुछ ना कुछ खास दिया जाता रहता है। कोरोना के समय में तो सिर्फ एग्रिकल्चर सेक्टर ही था, जो बचा था, वरना सब कुछ लॉकडाउन से प्रभावित हुआ। मोदी सरकार को पता है कि अन्नदाता का ख्याल रखना जरूरी है और उसी क्रम में मोदी सरकार ने कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के एग्री इंफ्रा फंड की घोषणा की है, जिसे सबकी मंजूरी भी मिल चुकी है।

गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार:

बैठक में इस बात पर भी सबने सहमति जताई है कि गरीब कल्याण अन्न योजना को नवंबर तक बढ़ाया जाए। बता दें कि कोरोना काल में मोदी सरकार 80 करोड़ गरीबों में मुफ्त में राशन बांट रही है, जो प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत बांटा जा रहा है। इसका ऐलान मार्च में किया गया था। अभी तक इसे जून तक रखा गया था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर नवंबर तक कर दिया गया है।

कारोबारियों और कर्मचारियों को तोहफा:

मोदी सरकार ने कैबिनेट बैठक में 24 फीसदी ईपीएफ सपोर्ट को मंजूरी दे दी है। जिन कंपनियों में 100 कर्मचारी तक मौजूद हैं और उनमें से 90 फीसदी कर्मचारी 15 हजार रुपये से कम कमाते हैं तो ऐसी कंपनरियों की ओर से ईपीएफ में योगदान मार्च से लेकर अगस्त 2020 तक सरकार की ओर से दिया जा रहा है। मई में निर्मला सीतारमण ने इसकी घोषणा की थी। इससे 3.67 लाख नियोक्ताओं और 72.22 लाख कर्मचारियों का राहत मिलेगी।

उज्ज्वला योजना का किया विस्तार:

कैबिनेट की बैठक में ये भी फैसला किया गया कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को जो फ्री एलपीजी सिलेंडर दिए जा रहे थे, उसे आगे भी जारी रखा जाए। तेल कंपनियां EMI डेफरमेंट स्कीम की मियाद अगले एक साल तक बढ़ा सकती हैं जो इस साल जुलाई 2020 में खत्म हो रही है। यानी अगले एक साल तक उज्ज्वला योजना के ग्राहक जो एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) खरीदते हैं तो उनको EMI की कोई भी राशि तेल कंपनियों को देने की जरूरत नहीं होगी।

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