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motivational story about bad habits in hindi, we should remember these tips about positive thinking, we should think positive | अच्छी बातें अपनाने से बुरी आदतें छोड़ना आसान हो जाता है, जीवन में मिल सकती है सुख-शांति


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एक दिन पहले

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  • एक संत ने चोर से कहा कि महिलाओं का हमेशा सम्मान करना चाहिए, इस बात ने चोर का जीवन बदल दिया

किसी गांव में एक चोर धर्म के मार्ग पर चलना चाहता था। वह अपने गांव के विद्वान संत के पास पहुंचा और बोला कि आज से आप मुझे अपना शिष्य बना लें। लेकिन, मैं एक चोर हूं और चोरी करना नहीं छोड़ सकता, क्योंकि यही मेरा काम है।

संत बहुत विद्वान थे। उन्होंने चोर से कहा कि ठीक है, आज से मैं तेरा गुरु हूं। लेकिन, मेरी एक बात हमेशा ध्यान रखना कि महिलाओं का सम्मान करना। सभी महिलाओं को माता और बहन समझना।

चोर इस बात को जीवन में उतारने के लिए तैयार हो गया। गुरु-शिष्य जिस राज्य में रहते थे, उस राज्य के राजा की कोई संतान नहीं थी। इस कारण राजा अपनी रानी से गुस्सा था और उसने रानी के लिए रहने की व्यवस्था अलग महल में कर दी थी।

नया-नया शिष्य बना चोर चोरी करने राज्य की रानी के महल घुस गया। रानी ने देख लिया कि कोई चोर महल में घुस आया है। महल के कुछ चौकीदारों ने भी चोर को देख लिया और उन्होंने राजा को खबर दे दी।

राजा तुरंत ही रानी के महल पहुंच गए। वहां राजा ने देखा कि रानी चोर से बातें कर रही है। रानी ने चोर से कहा कि तू यहां कैसे आया है? चोर ने जवाब दिया कि मैं घोड़े से आया हूं। रानी ने कहा कि मैं तेरे घोड़े को सोने-चांदी से लदवा दूंगी। बस मेरी एक इच्छा पूरी कर दे।

चोर ने कहा कि आप मेरी मां समान हैं। मुझे पुत्र समझकर अपनी इच्छा बताएं, मैं चोर हूं, लेकिन मेरे बस में होगा तो मैं जरूर पूरी करूंगा।

रानी ने कहा कि तू अब से चोरी मत करना। चोर ने गुरु से कहा था कि वह महिलाओं का सम्मान करेगा। इसीलिए उसने रानी की बात मान ली और रानी के सामने संकल्प लिया कि अब से वह चोरी नहीं करेगा।

राजा ये बातें सुन रहा था। चोर की ये अच्छी बात सुनकर राजा बहुत खुश हो गया। उसने चोर को तुरंत दरबार में बुलवा लिया और कहा कि तूने रानी से जो बातें की हैं, उससे मैं बहुत प्रसन्न हूं। तू मांग ले जो चाहता है। चोर ने कहा कि राजन् आप महारानी को अब से अपने महल में ही रखें। उन्हें दुख न दें।

राजा ने चोर की ये बात मान ली। राजा ने महारानी से क्षमा भी मांगी। रानी ने राजा से कहा कि हमारा कोई पुत्र नहीं है, हम इस चोर को ही अपना पुत्र बना लेते हैं। राजा भी ये बात मान गया और चोर को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया।

सीख

अच्छी बातें जीवन में उतारने से बुरी आदतों को बदला जा सकता है। चोर चोरी करता था, लेकिन उसने गुरु के उपदेश को याद रखा और राजा-रानी उससे प्रसन्न हो गए। इस तरह एक चोर का जीवन बदल गया।

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