motivational story about good habits, inspirational story, story about happiness and success | बुरे समय में तो जागती हैं अच्छी भावनाएं, लेकिन हालात बदलते ही जाग जाता है लालच


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9 घंटे पहले

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  • एक व्यापारी की नाव पानी में डूब रही थी, तभी व्यापारी को एक मछुवारा दिखाई दिया, उसने मछुवारे से कहा कि मुझे बचा लो, मैं तुम्हें मेरी पूरी धन-संपत्ति दे दूंगा

जब कोई व्यक्ति बुरे समय में फंसता है, तब उसके मन में अच्छी भावनाएं जागने लगती हैं। वह अच्छे काम करने का मन बनाता है और सोचता है कि हालात ठीक हो जाएंगे तो सभी बुरे कामों से दूर ही रहेगा। लेकिन, जैसे ही हालात बदलते हैं, लालच जाग जाता है और अपनी अच्छे बातें व्यक्ति भूल जाता है। इस संबंध में एक लोक कथा प्रचलित है। जानिए ये कथा…

कथा – पुराने समय में एक व्यापारी नदी किनारे एक नगर में रहता था। एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए उसे नाव का उपयोग करना पड़ता था, लेकिन उसे तैरना नहीं आता था। एक दिन वह नदी के रास्ते दूसरे नगर जा रहा था। नदी के बीच में उसने देखा कि उसकी नाव में पानी भरा रहा है। नाव में छेद हो गया था। वह डर गया। अब सेठ भगवान को याद करने लगा। तभी उसे एक मछुआरा दिखाई दिया।

सेठ ने मछुआरे को आवाज लगाई और कहा कि मेरी नाव डूब रही है, मुझे तैरना नहीं आता, मुझे बचा लो, मैं तुम्हें मेरी पूरी संपत्ति दे दूंगा। मछुआरा अपनी नाव लेकर उसके पास पहुंचा और व्यापारी को बचा लिया।

मछुआरे की नाव में बैठने के बाद सेठ ने राहत की सांस ली। अब वह सोच रहा था। उसने मछुआरे से कहा कि भाई अगर मैं तुम्हें मेरी पूरी संपत्ति दे दूंगा तो मैं अपने जीवन यापन कैसे कर पाउंगा। मैं तुम्हें पूरी तो नहीं, लेकिन आधी संपत्ति दे दूंगा।

कुछ देर बाद व्यापारी फिर बोला, ‘भाई मेरे परिवार में पत्नी और बच्चे भी हैं, मेरी संपत्ति में उनका भी हक है। मैं तुम्हें आधी नहीं, एक चौथाई संपत्ति दे दूंगा। मछुआरा व्यापारी की बात कोई जवाब नहीं दे रहा था।

जब नाव किनारे पर पहुंच गई तो व्यापारी ने सोचा कि मैं अब सुरक्षित हूं। इस मछुआरे ने मेरी जान बचा के कोई बड़ा काम नहीं किया। ये तो इसका फर्ज था। मानवता के नाते इसे मेरी मदद करनी ही थी। व्यापारी ने मछुआरे को थोड़े से पैसे देने चाहे, लेकिन मछुआरे ने ये भी लेने से मना कर दिया। सेठ अपने पैसे लेकर वहां से चला गया।

सीख

इस कथा की सीख यह है कि व्यक्ति बुरे हालातों में अच्छे काम करने प्रण लेता है, लेकिन जब हालात उसके पक्ष के हो जाते हैं तो उसके मन में लालच जाग जाता है और वह अपनी बात से ही पलट जाता है।



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