Coronavirus बांद्रा भीड़ मामले में गिरफ्तार विनय दुबे के एनसीपी से पुराने संबंध, मनसे नेताओ के साथ कई पोस्ट

Maharashtra migration

मुंबई. राज्य की राजधानी मुंबई ( Mumbai ) के बांद्रा ( Bandra ) में मंगलवार को अचानक हजारों की संख्या में लोग सडकों पर उतर आए | इस दौरान लॉकडाउन ( Lockdown )और सोशल डिस्टन्सिंग ( Social distancing )की धज्जियां उडा दी गई । इस भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस मामले में बांद्रा पुलिस ( Bandra police ) ने एक हजार लोगो के खिलाफ मामला दर्ज किया है | इसके बाद एनसीपी के पूर्व पदाधिकारी और घटना के अध्यक्ष विनय दुबे ( Vinay dubey ) को बांद्रा पुलिस ने गिरफ्तार कर आज दोपहर में कोर्ट में पेश किए | जंहा उसे पांच दिन के पुलिस हिरासत में भेजा है। विशेष की गिरफ्तार विनय दुबे पिछले सप्ताह गुह मंत्री अनिल देशमुख से मुलाकात कर मुख्यमंत्री सहायता निधि का चेकभी दिया था |

बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास स्थित बस डिपो में मंगलवार दोपहर 1500 के करीब लोग अचानक जमा हो गए | रेलवे स्टेशन के बाहर लोगों को भीड़ करने के लिए कहने का आरोप नवी मुंबई के ऐरोली में रहने वाले विनय दुबे पर लगा | जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर मुंबई के हवाले कर दिया है | दुबे के खिलाफ अफवा फैलाने, कर्फ्यू का उल्लंघन करने, नागरिकों को इकठ्ठा करने समेत अन्य आरोप आरोप है। आरोप है कि दुबे ने फेसबुक के माध्यम से आंदोलन की चेतावनी दी थी। जिसमें उसने मुंबई में काम के लिए आए उत्तर भारतीय मजदूरों को अपने-अपने राज्य में भेजने के लिए आंदोलन करने की चेतावनी देते हुए 18 अप्रैल तक इकठ्ठा होने का आवाहन किया था।वीडियों में दुबे ने धमकी देते हुए कहा कि, अगर 14-15 अप्रैल तक लॉकडाउन खत्म नहीं होता तो 20 अप्रैल को परप्रांतियों को साथ लेकर उत्तर प्रदेश तक पदयात्रा निकालेंगे। दुबे ने समर्थन देने वालों को व्हाट्सएप मैसेज भी करने को कहा था। जिसके बाद यह विडिओ तेजी के साथ वायरल हुआ | इस विडिओ को सुनने के बाद मंगलवार दोपहर लोग बांद्रा स्टेशन के बाहर इकठ्ठा हो गए | आखिर कार पुलिस के समझाने पर भी जब नही हटे तो पुलिस ने वंहा जमा हुए लोगो पर लाठीचार्ज किया |

निधि देने के बहाने गृह मंत्री से मुलाकात

सूत्रों की माने तो पिछले सप्ताह गृह मंत्री अनिल देशमुख से मुलाकात कर अपने पिता के हाथो 25 हजार की निधि मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया था | इसके बाद अगले दिन फेसबुक के माध्यम से बताया की सरकार से मंजूरी मिल गई है | जल्द ही मुंबई में फंसे मजदूरों के लिए उत्तर प्रदेश . बिहार , छत्तीसगड के लिए बस चलाया जायेगा | वन्ही इस सन्दर्भ में विनय दुबे के भाई अभय दुबे ने पत्रिका को बताया कि यह पूरी तरह से एक साजिश के तहत फंसाया गया है बांद्रा में जमा हुआ भीड़ और फेसबुक पर डाला गया विडिओ में काफी फर्क है | इसके पीछे राजकीय षडयंत्र है | एनसीपी के पूर्व पदाधिकारी रह चुके है विनय दुबे हिरासत में लिए गए विनय दुबे का एक फोटो भी तेजी के साथ वायरल हो रहा है | जिसमे राज्य के गृह मंत्री के साथ दिखाई दे रहे है | इस फोटो में उनके साथ कुछ लोग है जो मुख्यमंत्री सहायतानिधि में चेक दे रहे है |इसको लेकर यह भी बताया जा रहा है कि उत्तर भारतीयों के नाम पर एक महापंचायत एनजीओ चलाने वाला विनय दुबे एनसीपी के टिकट पर 2012 में उत्तर प्रदेश के वाराणसी से विधानसभा का चुनाव लड़ चुका है |लेकिन वंहा हार का सामना करना पडा था | उसके बाद पिछले वर्ष कल्याण से लोकसभा चुनाव और नवी मुंबई के ऐरोली से विधानसभा चुनाव लड़ा | वंहा भी बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा है |

मनसे नेताओ के साथ कई फोटो किए पोस्ट

मुंबई में उत्तर भारतीयों के साथ मारपीट करने वाले मनसे के खिलाफ आवाज उठाने के लिए विनय दुबे ने महापंचायत एनजीओ के माध्यम से उत्तर भारतीय महापंचायत संघटन शुरू किया था | कुछ दिनों बाद मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे से नजदीकी बढ़ाने और उत्तर भारतीयों में मशहूर होने के लिए संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया था | लेकिन इस कार्यकम में राज ठाकरे ने हिंदी भाषा में भाषण करते हुए उत्तर भारतीयों को ही खरी खोटी सूना कर चले गए |इसके बाद से उसकी नजदिकिया मनसे नेताओ के साथ उसके नजदीकी बढ़ गई | उसके बाद फेसबुक पर राज ठाकरे , मनसे नेता संदीप देशपांडे , बाला नांदगांवकर सहित कई लोगो के साथ फोटो पोस्ट किया है | लेकिन मनसे के तरफ से अब ट्वीट कर सफाई दी गई है की विनय दुबे से कोई संबंध नही है |

credit

Share:

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on linkedin
Share on whatsapp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *