कैबिनेट के बड़े फैसले : किसान कहीं भी बेच सकेंगे फसल, कोलकाता पोर्ट का नाम अब श्यामा प्रसाद मुखर्जी होगा

Cabinet Minister

नई दिल्‍ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अर्थव्‍यवस्‍था में जान फूंकने के लिए कई और महत्‍वपूर्ण फैसले किए हैं। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इन फैसलों की जानकारी देते हुए बुधवार को बताया कि कैबिनेट ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) में ऐतिहासिक संशोधन को मंजूरी प्रदान कर दी है। इससे किसान एग्रीकल्चर प्रोड्युसर मार्केट कमेटी के बंधन से आजाद हो गया है। उन्‍होंने बताया कि कैबिनेट मीटिंग में किसानों के लिए तीन बड़े फैसले हुए। दूसरा फैसला कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम बदलकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ट्रस्ट किए जाने का है जिस पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई।

केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) में संशोधन करके किसानों को अब कहीं भी… ज्यादा कीमत देने वाले को अपना प्रोडक्‍ट बेचने के लिए आजादी दी है। उन्‍होंने कहा कि आवश्यक वस्तु कानून की तलवार ने निवेश के कई मामलों में अवरोध पैदा किया था। आज अनाज, तेल, तिलहन, दाल, प्याज, आलू जैसे कृषि उत्‍पाद आवश्यक वस्तु अधिनियम के दायरे से बाहर किए गए हैं। अब किसान इनका योजना के अनुसार भंडारण कर सकता है। इनकी बिक्री कर सकता है। कैबिनेट के इस फैसले से किसानों को बहुत फायदा होगा।

50 वर्षों से किसान कर रहे थे मांग 

जावड़ेकर ने कहा कि किसान 50 वर्षों से इन बदलावों की मांग कर रहे थे। उन्‍होंने यह भी बताया कि सरकार वन नेशन, वन मार्केट की दिशा में आगे बढ़ेगी और इसके लिए भी कानून बनाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि ज्यादा कीमतों की गारंटी के मसले पर भी एक फैसला हुआ है। यदि कोई निर्यातक, कोई प्रोसेसर या कोई उत्पादक है तो उसको कृषि उपज को आपसी समझौते के तहत बेचने की सुविधा दे दी गई है। इस फैसले से एक आपूर्ति चेन खड़ी होगी। भारत में पहली बार ऐसा फैसला किया गया है।

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