Most Popular

Social Media

Get The Latest Updates

Subscribe To Our Weekly Newsletter

No spam, notifications only about new products, updates.

Nutritional Distribution Will Now Be Monitored Online Lucknow – पोषाहार वितरण की अब होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग, बच्चों की सेहत पर रहेगी नजर


पोषाहार वितरण की अब होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग
– फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

कुपोषण से निपटने में पिछड़ रहे उत्तर प्रदेश में लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने, जनजागरुकता अभियान, गर्भवती माताओं और बच्चों की जांच समेत कई योजनाओं का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। इससे लाभार्थी तक सीधे लाभ पहुंचने के साथ ही ऑनलाइन मॉनीटरिंग भी की जा सकेगी। एक ही दिन पोषाहार वितरण की व्यवस्था भी की गई है। प्रदेश में बच्चों और माताओं की सेहत सुधार के लिए प्रयासरत विभागों के  जिम्मेदार अधिकारियों से कुपोषण को हराने के लिए उनकी रणनीति जानी मनीष मिश्र ने।

हर लाभार्थी से लिया जाएगा फीडबैक, गड़बड़ी पर होगी संबधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाईः एस राधा चौहान
महिला कल्याण, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव एस राधा चौहान ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण में गड़बड़ी रोकने के लिए ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जाएगी। सभी लाभार्थियों का डाटाबेस ऑनलाइन किया जाएगा। हर माह वितरित होने वाले पोषाहार की डिटेल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ऑनलाइन फीड करेंगे। 

लाभार्थियों को पोषाहार समय से मिल रहा है कि नहीं, कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं है, इसके लिए हर माह करीब एक लाख लोगों को केन्द्रीयकृत काल सेंटर से कॉल करके फीडबैक भी लिया जाएगा। किसी सेंटर पर फीड हुए डाटा और फोन से मिले फीडबैक में विरोधाभास पर संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई होगी। उत्तर प्रदेश में पोषाहार वितरण से लेकर वजन मापने तक का करीब 1.5 करोड़ लाभार्थियों का ऑनलाइन रियल टाइम मॉनीटरिंग के मास्टर प्लान से व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के बारे में बताते हुए एस. राधा चौहान ने कहा, जो लाभार्थी हैं, उनके मोबाइल नंबर और आधार नंबर के हिसाब से सूचनाएं हमारे पास हैं। हमारे पास 40 सीटों का कॉल सेंटर भी है। जब आंगनबाड़ी केंद्रों से रिपोर्ट आ जाएगी तब कॉल सेंटर से कॉल करके राशन की मात्रा और गुणवत्ता के बारे में फीडबैक लिया जाएगा। 

एक ही दिन बांटा जाएगा राशन नई व्यवस्था के तहत हर आंगनबाड़ी केंद्र पर राशन एक ही दिन बांटा जाएगा। उस दिन कोई भी आंगनबाड़ी  केंद्र पर जाकर देख सकता है। इसे पोषण उत्सव का नाम दिया गया है। कोरोना माहामारी से बंद चल रहे आंगनबाड़ी  केंद्र जैसे ही खुलेंगे, इसे शुरू कर दिया जाएगा। तकनीक के उपयोग से पोषाहार वितरण में होने वाली धांधली रोकने के प्रयासों पर कहा, हर आंगनबाड़ी केंद्र को जियो टैग करते हुए पोर्टल पर पोषण उत्सव की फोटो अपलोड करने की सुविधा दी गई है। जब फोटो अपलोड होगी तो ऐसा नहीं होगा कि पिछले महीने और अगले महीने का फोटो एक हो। समय, तारीख के साथ जीपीएस लोकेशन होगी।
 
सर्वे से जानेंगे आंगनबाड़ी केंद्रों की दुर्दशा का हाल आंगनबाड़ी केंद्रों की दुर्दशा सुधारने और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कमी पूरी करने पर एस राधा चौहान ने कहा, सर्वे के जरिए यह देखेंगे कि सभी आंगनबाड़ियों में मूलभूत सुविधाएं क्या हैं, और क्या होना चाहिए? सभी जिलों में आंगनबाड़ी केन्द्रों की दशा सुधारने के साथ ही बच्चों के लिए बेबी किट्स भी भेजे जाएंगे। 53 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भर्ती करने का जीओ जारी किया जा चुका है, जिनकी भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरु की जाएगी।

कुछ फैसले
-53 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की होगी नियुक्ति -फीडबैक के लिए कॉल सेंटर से हर माह एक लाख की जाएंगी कॉल
– हर आंगनबाड़ी केन्द्र की होगी जियो टैगिंग
– पोषण उत्सव की हर माह फोटो की जाएंगी टैग

माता-पिता की होगी काउंसलिंग, केंद्रों पर महिलाओं को दी जाएगी पौष्टिक रेसिपी बनाने की ट्रेनिंग : सारिका मोहन
पोषण उत्सव में लाभार्थियों को हर जानकारी आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक छत के नीचे दी जाएगी। कुपोषण को लेकर काउंसलिंग के साथ ही, महिलाओं को सिखाया जाएगा कि वह दैनिक आहार में कौन-कौन सी पौष्टिक रेसिपी बना सकती हैं। उत्तर प्रदेश बाल विकास सेवा पुष्टाहार की निदेशक डॉ. सारिका मोहन ने बताया, ऐसा पहली बार है कि पोषाहार वितरण में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को शामिल किया गया है।

स्वयं सहायता समूहों के गठन से लेकर इनकी महिलाओं को ट्रेनिंग देने, उनके बैंक खाते खुलवाने का उद्देश्य आगनबाड़ी केन्द्रों को मजबूत करना है। बेसिक शिक्षा विभाग के साथ मिलकर होने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों के सर्वे पर डा. सारिका ने कहा, इसमें आंगनबाड़ियों में आधारभूत सुविधाओं का सर्वे किया जाएगा। इसकी फाइंडिंग शिक्षा विभाग के प्रेरणा ऐप में एक टैब बनाकर दर्ज रहेंगी। इससे पता चल पाएगा कि किस आंगनबाड़ी में क्या समस्या है। कहां बिजली की दिक्कत है, कहां बिल्डिंग की? जिसके बाद उन केंद्रों की कमियों को दूर किया जाएगा।  पोषण उत्सव के बारे में बताया कि काउंसलिंग के दौरान माता-पिता से पूरे दिन का हाल पूछेंगे और उसे नोट करते रहेंगे कि क्या खाया?
डॉ. सारिका मोहन बताती हैं, पोषण तश्तरी में हर खाद्य पदार्थ को दिखाया जाएगा कि किसमें कार्बोहाइड्रेट ज्यादा होता है, किसमें प्रोटीन? फिर लाभार्थी से पूछा जाएगा कि उसने नाश्ते में, लंच में क्या खाया? जब पूरे दिन के उसके खाने का पता चल जाएगा तो उसके द्वारा ली गई कैलोरीज को बताया जाएगा। तब लाभार्थी को पता चलेगा कि उसने कार्बोहाइड्रेट तो खाया, पर प्रोटीन नहीं खाया। पोषण तश्तरी के माध्यम से लाभार्थी की काउंसलिंग की जाएगी कि आहार में किस चीज की कमी है। इस तरह की काउंसलिंग के बाद ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर पुष्टाहार का वितरण किया जाएगा।

पोर्टल पर ऊंचाई-वजन फीड करते ही पता चलेगा बच्चे का कुपोषणः कपिल आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों और गर्भवती महिलाओं का वजन मापने के लिए एक लाख मशीने भेजी जा चुकी हैं, साथ ही, ऊंचाई और वजन फीड करते ही बच्चे के कुपोषण का पता चल जाएगा। यूपी में न्यूट्रीशन मिशन के निदेशक कपिल सिंह ने बताया, हम जिलों में वजन मापने की मशीनें भेज रहे हैं, करीब एक लाख भेज दी गई हैं, बाकी जल्द भेज दी जाएंगी। 6.5 लाख ग्रोथ मॉनीटरिंग डिवाइस भी खरीदी गई हैं, जो भेजी जा रही हैं। साथ ही, ऐसी भी ऑनलाइन व्यवस्था बना रहे हैं कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं  द्वारा बच्चे की ऊंचाई और वजन को एक पोर्टल पर फीड करते ही पता चल जाएगा कि बच्चा कुपोषित है कि नहीं और अगर कुपोषित है तो किस श्रेणी में है।

ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ाने के साथ कुपोषण दूर करने का प्रयास में कपिल सिंह कहते हैं, लाभान्वित परिवारों को गायों का वितरण किया जा रहा है, इन गायों के रख-रखाव के लिए परिवार को हर माह 900 रुपये की आर्थिक मदद भी की जाएगी। इससे आमदनी बढ़ने के साथ कुपोषण से भी लड़ने में मदद मिलेगी।

त्रिस्तरीय समितियां बनेंगी
पोषाहार की क्वालिटी चेक करने के लिए त्रिस्तरीय समितियां भी बनाई जाएंगी। ये कमेटियां जिलास्तर, ब्लॉकस्तर और ग्रामस्तर पर होंगी जो निगरानी करेंगी।

कुपोषण से निपटने में पिछड़ रहे उत्तर प्रदेश में लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने, जनजागरुकता अभियान, गर्भवती माताओं और बच्चों की जांच समेत कई योजनाओं का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। इससे लाभार्थी तक सीधे लाभ पहुंचने के साथ ही ऑनलाइन मॉनीटरिंग भी की जा सकेगी। एक ही दिन पोषाहार वितरण की व्यवस्था भी की गई है। प्रदेश में बच्चों और माताओं की सेहत सुधार के लिए प्रयासरत विभागों के  जिम्मेदार अधिकारियों से कुपोषण को हराने के लिए उनकी रणनीति जानी मनीष मिश्र ने।

हर लाभार्थी से लिया जाएगा फीडबैक, गड़बड़ी पर होगी संबधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाईः एस राधा चौहान

महिला कल्याण, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव एस राधा चौहान ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण में गड़बड़ी रोकने के लिए ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जाएगी। सभी लाभार्थियों का डाटाबेस ऑनलाइन किया जाएगा। हर माह वितरित होने वाले पोषाहार की डिटेल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ऑनलाइन फीड करेंगे। 

लाभार्थियों को पोषाहार समय से मिल रहा है कि नहीं, कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं है, इसके लिए हर माह करीब एक लाख लोगों को केन्द्रीयकृत काल सेंटर से कॉल करके फीडबैक भी लिया जाएगा। किसी सेंटर पर फीड हुए डाटा और फोन से मिले फीडबैक में विरोधाभास पर संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई होगी। उत्तर प्रदेश में पोषाहार वितरण से लेकर वजन मापने तक का करीब 1.5 करोड़ लाभार्थियों का ऑनलाइन रियल टाइम मॉनीटरिंग के मास्टर प्लान से व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के बारे में बताते हुए एस. राधा चौहान ने कहा, जो लाभार्थी हैं, उनके मोबाइल नंबर और आधार नंबर के हिसाब से सूचनाएं हमारे पास हैं। हमारे पास 40 सीटों का कॉल सेंटर भी है। जब आंगनबाड़ी केंद्रों से रिपोर्ट आ जाएगी तब कॉल सेंटर से कॉल करके राशन की मात्रा और गुणवत्ता के बारे में फीडबैक लिया जाएगा। 

एक ही दिन बांटा जाएगा राशन नई व्यवस्था के तहत हर आंगनबाड़ी केंद्र पर राशन एक ही दिन बांटा जाएगा। उस दिन कोई भी आंगनबाड़ी  केंद्र पर जाकर देख सकता है। इसे पोषण उत्सव का नाम दिया गया है। कोरोना माहामारी से बंद चल रहे आंगनबाड़ी  केंद्र जैसे ही खुलेंगे, इसे शुरू कर दिया जाएगा। तकनीक के उपयोग से पोषाहार वितरण में होने वाली धांधली रोकने के प्रयासों पर कहा, हर आंगनबाड़ी केंद्र को जियो टैग करते हुए पोर्टल पर पोषण उत्सव की फोटो अपलोड करने की सुविधा दी गई है। जब फोटो अपलोड होगी तो ऐसा नहीं होगा कि पिछले महीने और अगले महीने का फोटो एक हो। समय, तारीख के साथ जीपीएस लोकेशन होगी।

 



Source link

Share:

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on linkedin
Share on whatsapp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *