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On this date, the sun resides in the beam named Ama of the Sun, therefore it is said that Amavasya | इस तिथि पर सूर्य की अमा नाम की किरण में रहता है चंद्रमा इसलिए कहते हैं अमावस्या


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17 घंटे पहले

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  • अमावस्या तिथि पर पितृ करते हैं अमृतपान, इस दिन पितरों के लिए किए गए दान का पुण्य कभी खत्म नहीं होता

आज वैशाख महीने की अमावस्या है। धर्म ग्रंथों में अमावस्या को पर्व कहा गया है। इस तिथि पर पितरों की विशेष पूजा होती है। ज्योतिषीय नजरिये से समझा जाए तो इस दिन सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में आ जाते हैं। इन दोनों ग्रहों के बीच का अंतर 0 डिग्री हो जाता है। हर महीने की अमावस्या पर कोई व्रत या पर्व मनाया जाता है। ये तिथि पितरों की पूजा के लिए खास मानी जाती है। इसलिए इस दिन पितरों की विशेष पूजा से सुख और समृद्धि बढ़ती है।

सूर्य की अमा नाम की किरण में रहता है चंद्रमा
विष्णु, मत्स्य और गरुड़ पुराण में बताया गया है कि कृष्णपक्ष की दूसरी से चौदहवीं तिथि तक देवता चंद्रमा से अमृतपान करते हैं। इसके बाद चंद्रमा, सूर्य मंडल में प्रवेश करता है और सूर्य अमा नाम की किरण में रहता है। तो वो अमावस्या तिथि कहलाती है। इस तिथि में पितृ अमृतपान कर के एक महीने तक संतुष्ट रहते हैं। इसके साथ ही पितृगण अमावस्या के दिन वायु के रूप में सूर्यास्त तक घर के दरवाजे पर रहते हैं और अपने कुल के लोगों से श्राद्ध की इच्छा रखते हैं। इस दिन पितृ पूजा करने से उम्र बढ़ती है। परिवार में सुख और समृद्धि बढ़ती है।

अमावस्या से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

ज्योतिषीय नजरिये से अमावस्या: ज्योतिष में अमावस्या को रिक्ता तिथि कहा जाता है यानी इस तिथि में किए गए काम का फल नहीं मिलता। साथ ही इस तिथि को शनिदेव की जन्म तिथि माना गया है। अमावस्या के दिन महत्वपूर्ण खरीदी-बिक्री और हर तरह के शुभ काम करने से बचना चाहिए। सोमवार या गुरुवार को पड़ने वाली अमावस्या को शुभ माना जाता है। रविवार को अमावस्या होना अशुभ माना जाता है। मंगलवार के अमावस्या होने से भौमावस्या का शुभ संयोग बनता है।

अमावस्या का धार्मिक महत्व: धर्म इस तिथि में पूजा पाठ का बहुत महत्व होता है। इस तिथि पर भगवान शिव और पार्वती देवी की विशेष पूजा करने से मनोकामना पूरी होती है। धर्म ग्रंथों में कहा गया है कि हर महीने की अमावस्या पर पितरों के लिए श्राद्ध किया जा सकता है। इस दिन पितरों की संतुष्टि के लिए किए गए दान का पुण्य कभी खत्म नहीं होता।

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