निर्भया गैंगरेप: सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों को अंगदान का विकल्प देने की मांग करने वाली याचिका खारिज

nirbhaya-case-judgement-supreme-court

नई दिल्ली: निर्भया गैंगरेप के दोषियों को अंगदान का विकल्प देने की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है| कोर्ट ने कहा कि किसी को इस तरह फांसी देना परिवार के लिए दुखद है| ऐसे में याचिकाकर्ता चाहते हैं कि उनके शरीर के टुकड़े कर दिए जाएं, जबकि अंगदान स्वैच्छिक होता है| आपको बता दें कि सेवानिवृत न्यायाधीश माइकल एफ सलदाना और एक अन्य ने यह याचिका दाखिल की थी| याचिका में कहा गया है कि सरकार और जेल प्रशासन को निर्देश दिया जाए कि वह चारो दोषियों को शरीर और अंग दान का विकल्प दे| दाखिल याचिका में मृत्युदंड पाए कैदियों व अन्य कैदियों के अंग दान के बारे में एक नीति बनाए जाने की भी मांग की गई थी| कहा गया है कि इसके लिए जेल नियमों में जरूरी बदलाव करने का निर्देश दिया जाए| याचिका में दलील दी गई कि भारत में अंगदान की भारी कमी है| याचिका में दुनिया के कुछ देशों में मृत्युदंड व अन्य कैदियों के अंग दान की नीति की भी चर्चा की गई है और भारत में भी उस तरह की नीति बनाए जाने की बात कही गई है| चारों दोषियों को कानून के मुताबिक फांसी होने वाली है, ऐसे में उन्हें अंग दान के रूप में पश्चाताप का अंतिम मौका दिया जा सकता है| इससे न सिर्फ उन लोगों ने जो गलत किया है उसकी कुछ भरपाई होगी बल्कि उन लोगों की भी एक मदद होगी जिन्हें अंग प्रत्यारोपण की बेहद जरूरत है|  

जस्टिस सलदाना ने याचिका में कहा है कि जब वह मुंबई और कर्नाटक हाईकोर्ट के न्यायाधीश थे तब कुछ मौकों पर उन्होंने दोषी की मौत की सजा को सही ठहराने वाले फैसले में यह भी निर्देश दिया था कि मेडिकल रिसर्च के लिए शरीर दान करने और अंग दान करने विशेषकर आंख, किडनी, लीवर, दिल आदि जो अंग सही हों उन्हें दान करने का दोषी को विकल्प दिया जाए| इससे कुछ जरूरतमंद लोगों को जिंदगी मिल सकती है| 

पवन गुप्ता की क्यूरेटिव याचिका खारिज
निर्भया गैंगरेप मामले में चौथे दोषी पवन गुप्ता को भी सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है उसकी क्यूरेटिव याचिका खारिज कर दी गई है| मंगलवार को होने वाली फांसी पर भी रोक लगाने से SC ने इनकार कर दिया है  साथ ही मामले की खुली अदालत में सुनवाई की मांग भी ठुकरा दी है| पीठ ने कहा कि याचिका के लिए कोई आधार नहीं क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की पीठ ने चेंबर में विचार कर फैसला लिया है| दोषी पवन ने मंगलवार को होने वाली फांसी पर भी रोक लगाने की मांग की थी| जस्टिस एम वी रमना, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस आर एफ नरीमन, जस्टिस आर बानुमति और जस्टिस अशोक भूषण विचार करेंगे| गौरतलब है कि 3 मार्च को निर्भया के चारों दोषियों को फांसी की सजा देना तय हुआ है| बाकी तीन दोषियों अक्षय, विनय, मुकेश की क्यूरेटिव और राष्ट्रपति के समक्ष दायर की गई दया याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है| पवन ने अभी दया याचिका भी नहीं लगाई है| 

credit

Share:

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on linkedin
Share on whatsapp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Media

Most Popular

Get The Latest Updates

Subscribe To Our Weekly Newsletter

No spam, notifications only about new products, updates.
On Key

Related Posts

Patience of youth is declining, now it is necessary to simplify life | युवाओं का सब्र घट रहा है, अब जीवन को सरल बनाना जरूरी है

29 मिनट पहले कॉपी लिंक हरिवंश, राज्यसभा के उपसभापति जीने की कोई नई राह है क्या? या जिस रास्ते दुनिया चल रही है, वही एकमात्र

Why does Ashwin rain on the night of full moon night, why keep rice pudding in the light of the moon | अश्विन पूर्णिमा की रात ही क्यों बरसता है अमृत, क्यों रखते हैं चन्द्रमा की रोशनी में चावल की खीर

34 मिनट पहले कॉपी लिंक शरद पूर्णिमा की रात में चंद्र पूजा और चांदी के बर्तन में दूध-चावल से बनी खीर चंद्रमा की रोशनी में

Coronavirus Outbreak India Cases LIVE Updates; Maharashtra Pune Madhya Pradesh Indore Rajasthan Uttar Pradesh Haryana Punjab Bihar Novel Corona (COVID 19) Death Toll India Today Mumbai Delhi Coronavirus News | दिल्ली, केरल और पश्चिम बंगाल में फिर बढ़ा संक्रमण, ज्यादा टेस्टिंग के आदेश; अब तक 80.81 लाख केस

Hindi News National Coronavirus Outbreak India Cases LIVE Updates; Maharashtra Pune Madhya Pradesh Indore Rajasthan Uttar Pradesh Haryana Punjab Bihar Novel Corona (COVID 19) Death

motivational story about success, how to get success in hindi, inspirational story, story of guru and shishya | लगातार असफलता मिल रही है तो धैर्य बनाए रखना चाहिए, कभी-कभी सफलता थोड़ी देर से मिलती है

7 घंटे पहले कॉपी लिंक एक दुखी व्यक्ति ने संत से कहा कि मुझे कड़ी मेहनत के बाद भी सफलता नहीं मिल रही है, मैं