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Recommendation From Stf To Investigate Electricity Bill Irregularities, Energy Minister Writes Letter To Cm – एसटीएफ से बिजली बिल संबंधी अनियमितता की जांच की सिफारिश, ऊर्जा मंत्री ने सीएम को लिखा पत्र


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 25 Jan 2021 09:08 PM IST

मंत्री श्रीकांत शर्मा

मंत्री श्रीकांत शर्मा
– फोटो : अमर उजाला

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प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को समय से सही बिल न मिलने व लगातार बिलों में गड़बड़ी की शिकायत को सरकार ने गंभीरता से लिया है। बार-बार निर्देश के बाद भी स्थिति में सुधार न होने पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अनियमितताओं की जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) से कराने का अनुरोध किया है। ऊर्जा मंत्री ने इस संबंध में पावर कॉर्पोरेशन के शीर्ष प्रबंधन के रवैये पर भी नाराजगी जताई है।

दरअसल, जुलाई 2018 में बिजली कंपनियों व बिलिंग एजेंसियों के बीच करार हुआ था। इसके तहत बिलिंग एजेंसियों को 8 से 12 महीने में शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 97 फीसदी उपभोक्ताओं के डाउनलोडेबल बिल जनरेट करने थे। ऊर्जा मंत्री के स्तर पर हुई समीक्षा में पता चला कि पावर कॉर्पोरेशन व बिजली कंपनियों के प्रबंधन की मिलीभगत और बिलिंग एजेंसियों को संरक्षण देने की नीति से इसका अनुपालन तो दूर इस दिशा में कोई ठोस कदम भी उच्च प्रबंधन ने नहीं उठाया। इससे नाराज ऊर्जा मंत्री ने अब अधिकारियों की जांच के लिए सीएम को पत्र लिखा है।

खराब हो रही सरकार की छवि

पत्र में ऊर्जा मंत्री ने बीते साल 28 अक्तूबर और 18 नवंबर को सीएम को लिखे गए पत्र का हवाला देते हुए कहा है कि इसमें भी शीर्ष प्रबंधन की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई का अनुरोध किया गया था। शर्मा ने पत्र में लिखा है कि शीर्ष प्रबंधन को बार-बार निर्देश देने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है। जनप्रतिनिधियों व उपभोक्ताओं की ओर से लगातार गलत बिल की आ रही शिकायतें इसकी पुष्टि के लिए पर्याप्त हैं। गलत बिलिंग से ईमानदार उपभोक्ताओं का शोषण बढ़ रहा है। पावर कॉर्पोरेशन को भी बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान हो रहा है और सरकार की ईमानदार छवि भी खराब हो रही है। उन्होंने अधिकारियों के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए सीएम से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

ट्वीट कर जताई नाराजगी

ऊर्जा मंत्री ने सोमवार को एक ट्वीट के जरिए भी पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि उपभोक्ताओं को सही बिल-समय पर बिल मिले, यह पावर कॉर्पोरेशन चेयरमैन की जिम्मेदारी है। जुलाई 2018 में बिलिंग एजेंसियों से हुए करार के मुताबिक 8 माह में शहरी व 12 माह में ग्रामीण क्षेत्रों में 97 फीसदी डाउनलोडेबल बिलिंग होनी थी, लेकिन आज भी यह 10.64 फीसदी ही है। यह घोर लापरवाही है।



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