Registration For Abhyuday From 10, Will Be Studied From Vasant Panchamilul – अभ्युदय के लिए पंजीकरण 10 से, वसंत पंचमी से होगी पढ़ाई


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
– फोटो : amar ujala

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सिविल सेवा, नीट और जेईई जैसी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अभ्युदय कोचिंग में वसंत पंचमी (16 फरवरी) से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। निशुल्क कोचिंग के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया 10 फरवरी से शुरू होगी। उम्मीद है कि पंजीकृत अभ्यर्थियों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 15 फरवरी को संवाद भी करेंगे।

 सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस अभिनव कोचिंग में ऑनलाइन स्टडी मैटेरियल व लेक्चर तो उपलब्ध होंगे ही, ऑफलाइन क्लास में सिविल सेवाओं के लिए प्रशिक्षु आईएएसए आईपीएस, आईएफएस (वन सेवा) और पीसीएस अधिकारी मार्गदर्शन देंगे। एनडीए और सीडीएस की परीक्षा के लिए सैनिक स्कूलों के प्राचार्य मार्गदर्शन करेंगे। मेडिकल के लिए नीट, इंजीनियरिंग के लिए जेईई के साथ ही बैंक पीओ, एसएससी, बीएड और टीईटी के लिए भी कक्षाएं चलेंगी।

विभिन्न विषयों के नामचीन विशेषज्ञ इसमें अतिथि लेक्चरर के तौर पर आमंत्रित किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विषय का चयन, परीक्षा की तैयारी के टिप्स, प्रश्नों के उत्तर लिखने की विधि और सामान्य अध्ययन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। विषय विशेषज्ञ की उपलब्धता के आधार पर विभिन्न विषयों की कक्षाएं भी चलेंगी।

पात्रता परीक्षा से होगा चयन:
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उप्र प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम) क्वेशन बैंक व प्रश्नोत्तरी वेबसाइट पर उपलब्ध कराएगी। उच्च स्तरीय कोचिंग संस्थाओं के स्टडी मैटेरियल भी मुहैया कराए जाएंगे। मंडल स्तर पर कोचिंग सेंटर के संचालन व समन्वय की जिम्मेदारी उपाम को दी गई है। उपाम हर साल तय समय पर पात्रता परीक्षा कराएगा जिसके माध्यम से अभ्यर्थियों का चयन होगा। —

अगले चरण में जिलों में कोचिंग: 
सीएम योगी ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में मुख्य सचिव आरके तिवारी ने शासनादेश जारी करते हुए सीएम अभ्युदय योजना के संचालन के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अभ्युदय का संचालन मंडलायुक्त की अध्यक्षता में किया जाएगा। अगले चरण में प्रत्येक जिले में कोचिंग खोली जाएंगी।

मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य स्तरीय व मंडल स्तरीय समिति के माध्यम से ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना’ का क्रियान्वयन किया जाएगा। उपाम को नोडल संस्था तथा समाज कल्याण विभाग को नोडल विभाग नामित किया गया है। मंडल स्तरीय समिति के लिए नोडल अधिकारी का चयन मंडलायुक्त करेंगे।

ई-लर्निंग प्लेटफार्म बनेगा:
आरके तिवारी ने बताया कि डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराने के लिए ई-लर्निंग प्लेटफार्म की व्यवस्था एवं इसके माध्यम से वर्चुअल कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। मंडलीय मुख्यालय पर विषय वस्तु विशेषज्ञों द्वारा वर्चुअल, साक्षात कक्षाओं एवं युवाओं के लिए कैरियर काउंसलिंग सत्रों का आयोजन किया जाएगा। फेसबुक पेज तथा यू-ट्यूब चैनल भी बनाया जाएगा। यह सुविधा मोबाइल फोन पर भी उपलब्ध होगी। इसके लिए पोर्टल का मोबाइल एप भी विकसित किया जाएगा, जो नि:शुल्क उपलब्ध रहेगा।

सिविल सेवा, नीट और जेईई जैसी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अभ्युदय कोचिंग में वसंत पंचमी (16 फरवरी) से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। निशुल्क कोचिंग के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया 10 फरवरी से शुरू होगी। उम्मीद है कि पंजीकृत अभ्यर्थियों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 15 फरवरी को संवाद भी करेंगे।

 सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस अभिनव कोचिंग में ऑनलाइन स्टडी मैटेरियल व लेक्चर तो उपलब्ध होंगे ही, ऑफलाइन क्लास में सिविल सेवाओं के लिए प्रशिक्षु आईएएसए आईपीएस, आईएफएस (वन सेवा) और पीसीएस अधिकारी मार्गदर्शन देंगे। एनडीए और सीडीएस की परीक्षा के लिए सैनिक स्कूलों के प्राचार्य मार्गदर्शन करेंगे। मेडिकल के लिए नीट, इंजीनियरिंग के लिए जेईई के साथ ही बैंक पीओ, एसएससी, बीएड और टीईटी के लिए भी कक्षाएं चलेंगी।

विभिन्न विषयों के नामचीन विशेषज्ञ इसमें अतिथि लेक्चरर के तौर पर आमंत्रित किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विषय का चयन, परीक्षा की तैयारी के टिप्स, प्रश्नों के उत्तर लिखने की विधि और सामान्य अध्ययन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। विषय विशेषज्ञ की उपलब्धता के आधार पर विभिन्न विषयों की कक्षाएं भी चलेंगी।

पात्रता परीक्षा से होगा चयन:

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उप्र प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम) क्वेशन बैंक व प्रश्नोत्तरी वेबसाइट पर उपलब्ध कराएगी। उच्च स्तरीय कोचिंग संस्थाओं के स्टडी मैटेरियल भी मुहैया कराए जाएंगे। मंडल स्तर पर कोचिंग सेंटर के संचालन व समन्वय की जिम्मेदारी उपाम को दी गई है। उपाम हर साल तय समय पर पात्रता परीक्षा कराएगा जिसके माध्यम से अभ्यर्थियों का चयन होगा। —

अगले चरण में जिलों में कोचिंग: 

सीएम योगी ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में मुख्य सचिव आरके तिवारी ने शासनादेश जारी करते हुए सीएम अभ्युदय योजना के संचालन के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अभ्युदय का संचालन मंडलायुक्त की अध्यक्षता में किया जाएगा। अगले चरण में प्रत्येक जिले में कोचिंग खोली जाएंगी।

मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य स्तरीय व मंडल स्तरीय समिति के माध्यम से ‘मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना’ का क्रियान्वयन किया जाएगा। उपाम को नोडल संस्था तथा समाज कल्याण विभाग को नोडल विभाग नामित किया गया है। मंडल स्तरीय समिति के लिए नोडल अधिकारी का चयन मंडलायुक्त करेंगे।

ई-लर्निंग प्लेटफार्म बनेगा:

आरके तिवारी ने बताया कि डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराने के लिए ई-लर्निंग प्लेटफार्म की व्यवस्था एवं इसके माध्यम से वर्चुअल कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। मंडलीय मुख्यालय पर विषय वस्तु विशेषज्ञों द्वारा वर्चुअल, साक्षात कक्षाओं एवं युवाओं के लिए कैरियर काउंसलिंग सत्रों का आयोजन किया जाएगा। फेसबुक पेज तथा यू-ट्यूब चैनल भी बनाया जाएगा। यह सुविधा मोबाइल फोन पर भी उपलब्ध होगी। इसके लिए पोर्टल का मोबाइल एप भी विकसित किया जाएगा, जो नि:शुल्क उपलब्ध रहेगा।



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