Most Popular

Social Media

Get The Latest Updates

Subscribe To Our Weekly Newsletter

No spam, notifications only about new products, updates.

Reserve Bank, Monetary Policy Meeting June, Reserve Bank Meeting, Reserve Bank Governor, RBI Meeting | ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं, चालू वित्त वर्ष में ग्रोथ का अनुमान 10.5% से घटाकर 9.5% किया​​​​​​​


  • Hindi News
  • Business
  • Reserve Bank, Monetary Policy Meeting June, Reserve Bank Meeting, Reserve Bank Governor, RBI Meeting

नई दिल्ली19 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने ब्याज दरों को बरकरार रखने का फैसला किया है। तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समिति की बैठक में यह फैसला किया गया है। RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। शक्तिकांत दास ने कहा कि ग्रोथ को बरकरार रखने के लिए RBI एकोमोडेटिव स्टांस को बरकरार रखेगा।

ये हैं मौजूदा दरें

  • रेपो रेट 4.00%
  • रिवर्स रेपो रेट 3.35%
  • मार्जिनल स्टैंडिंंग फैसिलिटी रेट 4.25%
  • बैंक रेट 4.25%

चालू वित्त वर्ष में ग्रोथ का अनुमान घटाकर 9.5% किया
RBI गवर्नर ने कहा कि महंगाई में हाल ही में आई कमी से थोड़ी गुंजाइश बनी है। विकास की गति हासिल करने के लिए पॉलिसी स्तर पर सभी पक्षों का समर्थन जरूरी है। सामान्य मानसून से इकोनॉमिक रिकवरी में मदद मिलेगी। शक्तिकांत दास ने यह भी कहा कि RBI ने चालू वित्त वर्ष में इकोनॉमिक ग्रोथ के अनुमान को घटाकर 9.5% कर दिया है। इससे पहले RBI ने 10.5% ग्रोथ का अनुमान जताया था। RBI ने वित्त वर्ष 2021-22 में खुदरा महंगाई दर 5.1% रहने का अनुमान जताया है।

17 जून को जी-सिक्युरिटीज खरीदेगा RBI
शक्तिकांत दास ने कहा कि अर्थव्यवस्था को सपोर्ट देने के लिए RBI 17 जून को 40 हजार करोड़ रुपए की जी-सिक्युरिटीज (गवर्नमेंट सिक्युरिटीज) खरीदेगा। दूसरी तिमाही में 1.20 लाख करोड़ रुपए की जी-सिक्युरिटीज खरीदी जाएंगी। RBI गवर्नर ने कहा कि भारत का विदेशी पूंजी भंडार 600 बिलियन डॉलर के पार जा सकता है। एमपीसी ने 31 मार्च 2026 तक वार्षिक महंगाई दर को 4% पर बनाए रखने का लक्ष्य दिया है।

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को 15 हजार करोड़ का लोन दिया जाएगा
गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए स्पेशल लोन विंडो खोली जा रही है। इसके तहत 31 मार्च 2022 तक 15 हजार करोड़ रुपए का लोन दिया जाएगा। इस स्कीम में ट्रैवल एजेंट, टूर ऑपरेटर, एडवेंचर-हैरिटेज से जुड़ी सेवाएं देने वाले, एविएशन सेक्टर से जुड़ी ग्राउंड हैंडलिंग और सप्लाई चेन जैसी सेवाएं देने वाले, प्राइवेट बस ऑपरेटर, कार रिपेयर सर्विसेज, किराए पर कार देने वाले, इवेंट ऑर्गेनाइजर, स्पा क्लीनिक, और ब्यूटी पार्लर संचालक लोन ले सकते हैं। इस स्कीम के तहत रेपो रेट पर अधिकतम तीन साल के लिए लोन दिया जाएगा। इसके अलावा सिडबी को भी लोन देने के लिए 16 हजार करोड़ रुपए उपलब्ध कराए जाएंगे।

अप्रैल में भी दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था
मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) पैनल ने अप्रैल 2021 में हुई अपनी पिछली बैठक में भी दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। इस बार भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह लगातार छठा ऐसा मौका है जब RBI की अहम दरें वर्तमान स्तरों पर ही बरकरार रखी गई हैं। 2020 में RBI ने 115 बेसिस पॉइंट की कटौती की थी।

रिजर्व बैंक ने कई बार दरों को घटाया है, पर बैंक इसका पूरा फायदा ग्राहकों को नहीं देते हैं। पिछले कोरोना से लेकर अब तक रिजर्व बैंक ने दरों में करीब 1.50 पर्सेंट से ज्यादा की कटौती की है। हालांकि, इस समय लोन पर ब्याज की दरें ऐतिहासिक रूप से सबसे कम हैं। यही हाल आपकी बैंक में जमा रकम पर भी है। उस पर भी सबसे कम ब्याज मिल रहा है।

MPC में 6 सदस्य होते हैं
MPC में 6 सदस्य होते हैं। 3 सरकार के प्रतिनिधि होते हैं। 3 सदस्य RBI का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनमें गवर्नर शक्तिकांत दास भी शामिल हैं।

क्या होता है रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट?
रेपो रेट वह दर है, जिस पर RBI द्वारा बैंकों को कर्ज दिया जाता है। बैंक इसी कर्ज से ग्राहकों को लोन देते हैं। रेपो रेट कम होने का अर्थ होता है कि बैंक से मिलने वाले कई तरह के लोन सस्ते हो जाएंगे। जबकि रिवर्स रेपो रेट, रेपो रेट से ठीक विपरीत होता है। रिवर्स रेट वह दर है, जिस पर बैंकों की ओर से जमा राशि पर RBI से ब्याज मिलता है। रिवर्स रेपो रेट के जरिए बाजारों में लिक्विडिटी यानी नकदी को ​नियंत्रित किया जाता है। यानी रेपो रेट स्थिर होने का मतलब है कि बैंकों से मिलने वाले लोन की दरें भी स्थिर रहेंगी।

होम लोन लेने वालों के लिए पॉजिटिव कदम
प्रॉपर्टी कंसलटेंट फर्म एनरॉक के चेयरमैन अनुज पुरी का कहना है कि ब्याज दरों में बदलाव ना करना होम लोन लेने वालों के लिए पॉजिटिव कदम है। यह खासतौर पर उन बायर्स के लिए फायदेमंद है जिन्होंने एक्सटर्नल बैंचमार्क रेपो रेट के आधार पर लोन लिया है। इस समय रिटेल लोन की दरें 2 दशक के निचले स्तर पर हैं।

खबरें और भी हैं…



Source link

Share:

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on linkedin
Share on whatsapp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *