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Sachin Waze (Mansukh Hiren): Mukesh Ambani Antilia House Case Update | National Investigation Agency Mumbai Police Latest News | दोनों साजिशों में इस्तेमाल सिमकार्ड एक फैक्ट्री के कर्मचारियों के नाम पर थे, गुजरात से एक शख्स गिरफ्तार


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मुंबई12 मिनट पहले

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मनसुख हिरेन (बाएं) की हत्या की जांच ATS और एंटीलिया के बाहर से विस्फोटकों से भरी स्कॉर्पियो मिलने की जांच (NIA) कर रही है। - Dainik Bhaskar

मनसुख हिरेन (बाएं) की हत्या की जांच ATS और एंटीलिया के बाहर से विस्फोटकों से भरी स्कॉर्पियो मिलने की जांच (NIA) कर रही है।

मनसुख हिरेन की हत्या मामले में ATS भले ही केस सुलझाने का दावा कर रही है, लेकिन अभी भी उनकी छापेमारी बंद नहीं हुई है। ATS टीम ने सोमवार को अहमदाबाद से एक शख्स को अरेस्ट किया है, जिसने हत्या में इस्तेमाल हुए 11 सिम उपलब्ध करवाए थे। इनमें से एक सिम कार्ड से मनसुख को 4 मार्च की रात 8 बजे से 8.30 बजे तक वॉट्सऐप कॉल करने के लिए इस्तेमाल किए गए थे।

इससे जुड़े एंटीलिया मामले की जांच करने वाली NIA टीम को यह पता चला है कि इस साजिश में सचिन वझे व मनसुख हिरेन के अलावा 11 लोग शामिल थे, जिसमें कुछ रिटायर्ड व वर्तमान में कार्यरत पुलिसकर्मी शामिल थे। जल्द उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है।

दूसरी ओर ATS मनसुख के 4 मार्च को गायब होने से लेकर 5 मार्च को लाश मुंब्रा के रेती बंदर स्थित खाड़ी में मिलने तक के एक-एक कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। हिरेन हत्या मामले में निलंबित सिपाही विनायक बालासाहेब शिंदे ( 51) और क्रिकेट बुकी नरेश रमणिकलाल गोरे (31) को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी CIU के निलंबित सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वझे के साथ मनसुख की हत्या में शामिल थे।

एक फैक्ट्री में काम करने वाले कुछ लोगों के नाम पर हैं ये सिम कार्ड

ATS की जांच में सामने आया है कि हत्या में इस्तेमाल सिम कार्ड अहमदाबाद की एक फैक्ट्री में काम करने वाले कुछ लोगों के नाम पर हैं। इस फैक्ट्री में 30-40 लाख लोग काम करते हैं और उन्होंने अपने कर्मचारियों को सिम कार्ड की सुविधा दी हुई है। जांच में सामने आया है कि इन सिम कार्ड का इस्तेमाल न केवल मनसुख की हत्या के लिए किया गया, बल्कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक से भरी स्कॉर्पियो पार्क करने की साजिश भी रचने के लिए किया गया था।

मुंबई ATS और गुजरात पुलिस की टीम ने इस मामले में अहमदाबाद, पालनपुर और कच्छ के बोदकदेव में छापेमारी की और इस फैक्ट्री तक पहुंची। गिरफ्तार शख्स फैक्ट्री का मालिक बताया जा रहा है। हालांकि, ATS अभी इसकी पुष्टि नहीं कर रही है।

2 मार्च को शुरू हो गई थी मनसुख की हत्या की प्लानिंग

ATS सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार पूर्व कांस्टेबल विनायक शिंदे ने खुलासा किया है कि मनसुख की हत्या की प्लानिंग 2 मार्च को शुरू हो गई थी। शिंदे ने खुलासा किया है कि वझे के कहने पर ही उसने मनसुख हिरेन को रास्ते से हटाया। जेल से परोल पर आने के बाद उसके पास काम नहीं था। वह वझे को पहले से जानता था।

शिंदे ने आगे बताया कि सचिन वझे ने उसके परिवार की देखरेख का पूरा भरोसा दिया था। उसने कहा था कि उसकी पैरोल बढ़े, अधिकारियों से बातचीत कर बढ़ाता रहेगा। इसलिए वह वझे के साथ इस मामले में शामिल हुआ।

शिंदे के बयान पर ठाणे और भिवंडी में छापेमारी

इस मामले में सचिन वझे से पूछताछ किया जाना जरूरी है। इसके लिए ATS उसकी NIA से हिरासत लेना चाहती है। ATS से पूछताछ में निलंबति सिपाही विनायक शिंदे ने मनसुख की हत्या के कई राज उगले हैं। शिंदे ने जो जानकारी दी है, ATS उसको लेकर सबूत इकट्ठा कर रही है। इसी कड़ी में ATS की 2 टीमों ने देर शाम तक सचिन वझे के ठाणे के माजीवाड़ा परिसर में स्थित ऑफिस और दुकानों पर छापेमारी की। टीम ने भिवंडी स्थित मोटोजर्सन ऑटो मोबाइल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर भी छापा मारा। ATS के जांच अधिकारियों का कहना है कि शिंदे एवं गोरे से पूछताछ में जो जानकारी दी है, उसकी सत्यता की जांच की जा रही है।

आरोपियों को हत्या वाली जगह ले गई ATS

ATS सोमवार को दोनों आरोपियों को मुंब्रा के रेती बंदर स्थित खाड़ी के पास ले गयी, जहां 5 मार्च को मनसुख की लाश मिली थी। इसके पहले शिंदे को वझे के साकेत परिसर स्थित घर भी ले जाया गया। ATS अधिकारी शिंदे को कलवा स्थित आवास पर भी ले गए। पूरी साजिश में इन दो आरोपियों के अलावा और कौन लोग शामिल हैं, इसकी पड़ताल की जा रही है।​​ ATS को रविवार की रात को विनायक शिंदे और नरेश गोरे के घर पर हुई तलाशी के दौरान सिम कार्ड और फर्जी नंबर प्लेट के अलावा आपराधिक साजिश रचने से जुड़े अहम दस्तावेज मिले हैं।

NIA को जांच देने से केस में आ सकती है बाधा

सोमवार को ATS प्रमुख जयजीत सिंह ने गृह मंत्री अनिल देशमुख से उनके ज्ञानेश्वरी बंगले पर जाकर मुलाकात की है। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने गृहमंत्री से संदेह जताया है कि अगर यह जांच NIA के हाथ में जाती है तो जांच की गति में बाधा जा सकती है। उन्होंने बताया कि ATS के उप महानिरीक्षक शिवदीप लांडे ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस केस को सुलझाने के लिए अथक प्रयास किया है। पूरे मामले पर जल्द खुलासा हो सकता है।

गावड़े नाम से होटल ट्राईडेंट में रुका था सचिन वझे

एंटीलिया मामले में गिरफ्तार सचिन वझे से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वह 16 से 20 फरवरी के बीच ट्राइडेंट होटल में रह रहा था। इस दौरान उसने गावड़े नाम से रूम बुक करवाया था। ID प्रूफ भी उसने गावड़े का ही दिया था। NIA सूत्रों के मुताबिक, ट्राइडेंट होटल में ही इसकी साजिश रची गयी।

होटल में मनसुख से मिलने वाले भी राडार पर

NIA की टीम सोमवार को ट्राइडेंट होटल में पहुंची और वहां के CCTV फुटेज की जांच की। वझे से होटल में कौन-कौन से लोग मिलने आए ? NIA इसकी जांच कर रही है। NIA को मिले एक सीसीटीवी फुटेज में दो बैग लेकर होटल में जाते हुए वझे दिखायी दे रहा है।

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