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Salary Of Outsourceing Worker Of Kgmu Increase – केजीएमयू : आउटसोर्सिंग कर्मियों का बढ़ा वेतन


केजीएमयू में आउटसोर्सिग कर्मचारियों को बढ़ा वेतन।
– फोटो : ??? ?????

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किंग जॉर्ज चिकित्सा विवि ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को होली का तोहफा दिया है। बुधवार को लंबे इंतजार बाद कार्य परिषद ने उनके वेतन में ढाई हजार से छह हजार रुपये तक की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव पास कर दिया।
बैठक कुलपति की अध्यक्षता में हुई। केजीएमयू में इस समय करीब 4500 आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं। इनमें नर्सिंग, टेक्नीशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर, वार्ड ब्वॉय, आया, सफाई कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड शामिल हैं।
इनके वेतन का मामला कार्यपरिषद में रखा गया, जिस पर सदस्यों ने मुहर लगा दी। इन कर्मचारियों की वेतन बढ़ोत्तरी का मामला वर्ष 2012 से अटका था।
इतने लंबे अंतराल बाद इसमें ढाई से छह हजार रुपये महीने की वृद्धि हुई है, जो अप्रैल से मिलने लगेगा। सबसे ज्यादा वेतन स्टाफ नर्स का बढ़ा है। वहीं, रेडियोलॉजी, पीडियाट्रिक, स्पोर्ट्स मेडिसिन समेत दूसरे विभागों में डॉक्टरों की भर्ती पर भी मुहर लग गई है।
कर्मचारियों ने किया स्वागत
केजीएमयू आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रितेश मल ने कार्य परिषद के फैसले का स्वागत किया है। उनके अनुसार 2012 से वेतन बढ़ोत्तरी की मांग की जा रही है। कोरोना काल में भी कर्मचारियों ने मरीजों की सेवा की। स्टाफ नर्स को 11,333 रुपये प्रतिमाह मिल रहे थे। टेक्नीशियन को 9,500 रुपये मिल रहे थे। वार्ड ब्वॉय, आया व सफाई कर्मचारियों को साढ़े आठ हजार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा था। अब वेतन बढ़ने से कर्मचारियों में उत्साह बढ़ेगा।

किंग जॉर्ज चिकित्सा विवि ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को होली का तोहफा दिया है। बुधवार को लंबे इंतजार बाद कार्य परिषद ने उनके वेतन में ढाई हजार से छह हजार रुपये तक की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव पास कर दिया।

बैठक कुलपति की अध्यक्षता में हुई। केजीएमयू में इस समय करीब 4500 आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं। इनमें नर्सिंग, टेक्नीशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर, वार्ड ब्वॉय, आया, सफाई कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड शामिल हैं।

इनके वेतन का मामला कार्यपरिषद में रखा गया, जिस पर सदस्यों ने मुहर लगा दी। इन कर्मचारियों की वेतन बढ़ोत्तरी का मामला वर्ष 2012 से अटका था।

इतने लंबे अंतराल बाद इसमें ढाई से छह हजार रुपये महीने की वृद्धि हुई है, जो अप्रैल से मिलने लगेगा। सबसे ज्यादा वेतन स्टाफ नर्स का बढ़ा है। वहीं, रेडियोलॉजी, पीडियाट्रिक, स्पोर्ट्स मेडिसिन समेत दूसरे विभागों में डॉक्टरों की भर्ती पर भी मुहर लग गई है।

कर्मचारियों ने किया स्वागत

केजीएमयू आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रितेश मल ने कार्य परिषद के फैसले का स्वागत किया है। उनके अनुसार 2012 से वेतन बढ़ोत्तरी की मांग की जा रही है। कोरोना काल में भी कर्मचारियों ने मरीजों की सेवा की। स्टाफ नर्स को 11,333 रुपये प्रतिमाह मिल रहे थे। टेक्नीशियन को 9,500 रुपये मिल रहे थे। वार्ड ब्वॉय, आया व सफाई कर्मचारियों को साढ़े आठ हजार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा था। अब वेतन बढ़ने से कर्मचारियों में उत्साह बढ़ेगा।



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