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Sankashti Chaturthi/Hindu Teej Tyohar 2021 | Sankashti Chaturthi Date Time Vrat Puja Vidhi, Vrat Katha Story Importance and Significance | साल की चार बड़ी चौथ में से एक मानी गई है ये, बीमारियों से बचने के लिए किया जाता है ये व्रत


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7 घंटे पहले

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  • भविष्य पुराण में कहा गया है कि जब मन संकटों से घिरा हो तब गणेश चतुर्थी का व्रत करें

हिंदू कैलेंडर के अनुसार वैशाख मास में कृष्णपक्ष की चतुर्थी को वैशाख संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत किया जाता है। इस बार ये व्रत 30 अप्रैल, शुक्रवार को किया जाएगा। कृष्णपक्ष में होने से इसे संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। वहीं शुक्लपक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायकी कहा जाता है। भविष्य पुराण में भी कहा गया है कि जब मन संकटों से घिरा हुआ लगे तब गणेश चतुर्थी का व्रत करें। इस व्रत से समस्त कष्ट दूर होते हैं और धर्म, अर्थ, मोक्ष, विद्या, धन व आरोग्य की प्राप्ति होती है।

महत्व
भविष्य पुराण के अनुसार संकष्टी चतुर्थी की पूजा और व्रत करने से हर तरह के कष्ट दूर हो जाते हैं। वैशाख माह के कृष्णपक्ष की चतुर्थी को चंद्रमा को अर्घ्य देने से संतान सुख मिलता है। इसके साथ ही शारीरिक परेशानियां भी दूर हो जाती है। मनोकामनाएं पूरी करने और हर तरह की परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए ये संकष्टी व्रत किया जाता है। वैशाख माह की इस चतुर्थी पर व्रत और पूजा करने से समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त होता है।

चतुर्थी पर गणेशजी की पूजा विधि
संकष्टी चतुर्थी पर सूर्योदय से पहले उठकर नहा लेना चाहिए।
इसके बाद पूजा स्थान पर भगवान गणेश की स्थापना करनी चाहिए।
गणेशजी के साथ माता पार्वती और शिवजी की भी स्थापना करें।
स्थापना के बाद दिनभर व्रत रखने का संकल्प लें और पूजा शुरू करनी चाहिए।
जल, पंचामृत, चंदन, अक्षत, फूल, दूर्वा और अन्य सामग्रियों से पूजा करें।
इसके बाद शाम को सूर्यास्त के पहले फिर से पूजा करें।
रात में चंद्रमा दर्शन कर के अर्घ्य दें और चंद्रमा की भी पूजा करें।
फिर फल एवं मिठाईयों का नैवेद्य लगाएं और प्रसाद बांट दें।

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