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Sawan Amavasya, the festival of bathing and ancestor worship, on August 8, has increased the importance of this day due to the formation of 3 auspicious yogas. | सावन अमावस्या 8 अगस्त को, 3 शुभ योग बनने से बढ़ गया है इस दिन का महत्व


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  • Sawan Amavasya, The Festival Of Bathing And Ancestor Worship, On August 8, Has Increased The Importance Of This Day Due To The Formation Of 3 Auspicious Yogas.

31 मिनट पहले

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  • सावन महीने की अमावस्या पर श्राद्ध-तर्पण करने से एक साल के लिए तृप्त हो जाते हैं पितर

रविवार, 8 अगस्त को सावन महीने की अमावस्या है। ज्योतिष के संहिता ग्रंथों के अनुसार रविवार को अमवास्या होना अशुभ माना जाता है। इस स्थिति का देश-दुनिया पर अशुभ असर पड़ता है। इस तिथि पर पवित्र नदियों-तीर्थों में नहाने के साथ ही दान और पूजा-पाठ करने की परंपरा है। इस दिन पेड़-पौधे लगाए जाते हैं इसलिए इसे हरियाली अमावस्या भी कहते हैं। सावन महीने की अमावस्या को पितृ पूजा करने से पितर सालभर के लिए तृप्त हो जाते हैं।

3 शुभ योगों में अमावस्या
पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र बताते हैं कि 8 अगस्त को रविपुष्य नक्षत्र में हरियाली अमावस्या का शुभ संयोग बन रहा है। साथ ही सर्वार्थसिद्धि योग भी रहेगा। इस दिन चंद्रमा और शनि अपनी-अपनी राशि में रहेंगे। वहीं सूर्य और बुध के एक राशि में होने से बुधादित्य योग भी बन रहा है। इस तरह ग्रहों की विशेष स्थिति बनने से इस पर्व पर किए गए स्नान-दान और पूजा-पाठ का पूरा फल जल्दी ही मिलेगा।

घर पर ही तीर्थ जल से स्नान
वर्तमान हालातों को देखते हुए घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर नहाने से तीर्थ स्नान का फल मिल सकता है। सावन अमावस्या पर ग्रहों की विशेष स्थिति बनने से इस दिन पितरों की विशेष पूजा करने से हर तरह की परेशानियां दूर होती हैं। साथ ही कुंडली में ग्रहों की स्थिति से बने पितृ दोष का अशुभ प्रभाव कम हो जाता है।

स्नान-दान और पितृ पूजा का पर्व
डॉ. मिश्र के मुताबिक सावन अमावस्या पर सुबह तीर्थ के जल से स्नान करें। इसके बाद पितरों की संतुष्टि के लिए श्रद्धा के मुताबिक जरूरतमंद लोगों को अन्न-जल, कपड़े या अन्य जरूरी चीजों का दान कर सकते हैं। इस दिन गाय को घास भी खिलाना चाहिए। साथ ही इस पर्व पर पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। जिससे पितर संतुष्ट होते हैं।

हरियाली अमावस्या पर दान-पुण्य का बहुत महत्व होता है। इस पर्व पर घर में पूजा के बाद जरूरतमंद लोगों को धन और अनाज का दान करें। किसी गौशाला में घास या धन का दान करें। माना जाता है कि इस दिन दिए गए दान का कई गुना अधिक पुण्य फल मिलता है।

अमावस्या पर क्या करें
रविवार को सूरज उगने से पहले नहा लें। इसके बाद पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पूजा-पाठ करें। गाय के घी का दीपक लगाएं। श्रद्धा अनुसार दान का संकल्प लें। इसके बाद गाय को हरी घास खिलाएं, कुत्तों और कौवों को रोटी खिलाएं। अमावस्या पर महामृत्युंजय मंत्र या भगवान शिव के नाम का जाप करें। अमावस्या के दौरान ब्राह्मण भोजन करवा सकते हैं। संभव ना हो तो किसी मंदिर में आटा, घी, दक्षिणा, कपड़े या अन्य जरूरी चीजें दान करें।

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