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Second dose of vaccine is very important, it will give more protection, know why you should have another dose | वैक्सीन का दूसरा डोज बेहद जरूरी,यह ज्यादा सुरक्षा देगा, जानिए, आपको दूसरा डोज क्यों लगवाना चाहिए


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21 मिनट पहले

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45 से ज्यादा की उम्र के कई लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं, तो कई लोगों के दोनों डोज पूरे हो चुके हैं। - Dainik Bhaskar

45 से ज्यादा की उम्र के कई लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं, तो कई लोगों के दोनों डोज पूरे हो चुके हैं।

भारत में 18 साल से ज्यादा लोगों को टीकाकरण का तीसरा चरण शुरू हो चुका है। इससे पहले 45 से ज्यादा की उम्र के कई लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं, तो कई लोगों के दोनों डोज पूरे हो चुके हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि वैक्सीन के दोनों डोज या पूरा डोज लगवाना कितना जरूरी है। विशेषज्ञों के मुताबिक दूसरी खुराक आपको आपकी सोच से ज्यादा सुरक्षा देती है, ऐसे में दूसरा डोज भी लेना उतना ही जरूरी है, जितना पहला।

वैक्सीन का दूसरा डोज लेने में देरी हो जाए, तो क्या होगा?
इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर आपके अप्वाइंटमेंट के वक्त डोज नहीं लग पाता है या किसी और वजह से आप इससे चूक जाते हैं तो आप 6-8 हफ्ते के भीतर दूसरा डोज लगवा सकते हैं। ब्रिटेन में तो दूसरे डोज में करीब 3-3 महीने की देरी हो रही है। ऐसे में इससे फर्क नहीं पड़ता कि दोनों डोज के बीच कितना अंतराल है। अधिकतम सुरक्षा के लिए दोनों डोज बेहद जरूरी है।

पहले डोज के बाद अगर कोरोना से संक्रमित हो जाते हैं, तो क्या दूसरा डोज लगवाना जरूरी है?
बिल्कुल। यह बहुत जरूरी है क्योंकि वैक्सीन से आपकी इम्युनिटी और मजबूत होगी। कोरोना का नए वैरिएंट के आने के बाद तो यह और भी जरूरी है। हां, कुछ लोगों में एंटीबॉडी देरी से बन सकती है। हालांकि दूसरे डोज के लिए पूरी तरह ठीक होने के बाद और डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

कई लोग कह रहे हैं सिर्फ एक डोज पर्याप्त है?
ऐसा नहीं है। अगर वैक्सीन का पूरा डोज दो बार में देना होता है, तो एक डोज उतना प्रभावी कैसे हो सकता है। लोगों में इस कन्फ्यूजन को दूर करना चाहिए। वैक्सीन का पूरा डोज ही ज्यादा प्रभावी होगा। दूसरा डोज चूकने या छोड़ देने के पीछे कई कारण हैं। कुछ लोगों को लगता है कि इसके साइड इफेक्ट हो रहे हैं, जबकि ऐसा नहीं है। कुछ लोगों का कहना है कि वे दूसरे डोज के लिए समय नहीं निकाल पाए।

अगर मैं साइड इफेक्ट के डर से चिंतित होकर दूसरा डोज न लगवाऊं तो क्या होगा?
थकान, सिरदर्द, मसल दर्द और बुखार वैक्सीन लगवाने के बाद होने वाले बेहद सामान्य लक्षण हैं। अगर यह ज्यादा समय तक नहीं रहते हैं, तो समझिए कि आपका शरीर वैक्सीन को बेहतर तरीके से सपोर्ट कर रहा है और इम्युनिटी मजबूत हो रही है।

वैक्सीन का दूसरा डोज अलग जगह से लगवाया जा सकता है?
पहली कोशिश तो यही होनी चाहिए कि जहां पहला डोज लगा था, दूसरा भी वहीं लगवाएं। उनके पास आपकी पूरी जानकारी होती है। अगर ऐसा संभव नहीं है तो आप पूरी जानकारी देकर डोज लगवा सकते हैं।

दूसरा डोज नहीं ले पाए, तो और क्या परेशानी हो सकती है?
कोविड-19 से पूरी तरह सुरक्षा के लिए पूरा या दोनों डोज लेना जरूरी है। कोरोना के नए वैरिएंट के खिलाफ यह आपको मजबूत सुरक्षा देता है। चूंकि यह दुनिया भर में फैल रहा है, ऐसे में आपको दफ्तर, कॉलेज कैम्पस, एयरलाइंस या अन्य कहीं जाने पर फुल वैक्सीन का सर्टिफिकेट मांगा जा सकता है। इसके न होने पर दिक्कत हो सकती है।

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