Most Popular

Social Media

Get The Latest Updates

Subscribe To Our Weekly Newsletter

No spam, notifications only about new products, updates.

Six countries, including Brazil, where Corona wreaks havoc, the government is also in a state of disarray; 8 countries, including India, took tough decisions, leaders strengthened here | ब्राजील समेत छह देश जहां कोरोना का कहर, वहां सरकार भी डांवाडोल; भारत समेत 8 देशों ने लिए कड़े फैसले, यहां नेता हुए मजबूत


  • Hindi News
  • National
  • Six Countries, Including Brazil, Where Corona Wreaks Havoc, The Government Is Also In A State Of Disarray; 8 Countries, Including India, Took Tough Decisions, Leaders Strengthened Here

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

नई दिल्ली14 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
सबसे संक्रमित ब्राजील समेत 7 देशों में जहां कोरोना का प्रसार रोकने में कमजोर कदम उठाए, वहां विरोध के चलते सरकारें डांवाडोल रही हैं। ब्राजील में अब तक 4 स्वास्थ्य मंत्री बदले जा चुके हैं। - Dainik Bhaskar

सबसे संक्रमित ब्राजील समेत 7 देशों में जहां कोरोना का प्रसार रोकने में कमजोर कदम उठाए, वहां विरोध के चलते सरकारें डांवाडोल रही हैं। ब्राजील में अब तक 4 स्वास्थ्य मंत्री बदले जा चुके हैं।

  • फ्रांस में मैक्राें की लोकप्रियता गिरी, जर्मनी में मर्केल की पार्टी के समर्थन में भारी कमी आई

दुनियाभर में कोरोना का कहर जारी है। इस महामारी से अब तक 13.14 करोड़ लोग संक्रमित हुए, जबकि 28.6 लाख लोग जान गंवा चुके हैं। लोग तो बेहाल हैं ही, कई देशों में सरकारों की तकदीर भी कोरोना के खिलाफ लड़ाई से तय हो रही है। इसका बेहतरीन उदाहरण अमेरिका है। वहां इतिहास में अब तक आई महामारियों में सबसे खराब लड़ाई कोरोना से लड़ी गई।

इसलिए राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प की हार की बड़ी वजहों में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में नाकामी भी रही। सबसे संक्रमित ब्राजील समेत 7 देशों में जहां कोरोना का प्रसार रोकने में कमजोर कदम उठाए, वहां विरोध के चलते सरकारें डांवाडोल रही हैं। ब्राजील में अब तक 4 स्वास्थ्य मंत्री बदले जा चुके हैं।

स्पेन, फ्रांस, जर्मनी, जापान के राष्ट्र प्रमुख विपक्ष के साथ ही जनता का विरोध झेल रहे हैं। इटली में भी प्रधानमंत्री बदलने के केंद्र में कोरोना के खिलाफ कमजोर लड़ाई रही। दूसरी तरफ, कोरोना का डटकर मुकाबला करने के चलते न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका ऑस्ट्रेलिया, ताइवान, भारत, चीन समेत कई देशों में राष्ट्र प्रमुखों की स्थिति मजबूत भी हुई है।

ये कमजोर: राष्ट्रपति बोलसोनारो की हो रही फजीहत

ब्राजील: लॉकडाउन विरोधी बोलसाेनारो कोरोना को मामूली फ्लू बता चुके हैं। उन्होंने कहा था, वैक्सीन लगवाकर कोई मगरमच्छ या दाढ़ी वाली महिला में बदल सकता है। कोरोना से निपटने में नाकामी के चलते 4 बार मंत्रिमंडल में बदलाव करना पड़ा। ब्राजील में 1.3 करोड़ लोग संक्रमित, जबकि 3.3 लाख जानें गईं।

फ्रांस: राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की लोकप्रियता घटकर महज 29% रह गई है। पिछले महीने 34% लोग पसंद करते थे। जबकि दिसंबर तक उनकी लोकप्रियता 40% से ऊपर थी।

जर्मनी: 29 लाख मरीजों वाले जर्मनी में भी चांसलर अंगेला मर्केल की सर्वे में लोकप्रियता 22% बची है। उनकी सीडीयू-सीएसयू पार्टी का समर्थन 37% से गिरकर 25% ही बचा है।

जापान: नई लहर से निपटने में धीमी प्रतिक्रिया के चलते जापान के नए पीएम योशीहाइड सुगा दबाव का सामना कर रहे हैं। जनमत सर्वे में लोगों ने कहा कि निपटने के प्रयास धीमे रहे।

ये मजबूत हुए: कोरोना से लड़कर बेंजामिन फिर उभरे

न्यूजीलैंड की पीएम बनीं मिसाल : कोरोना के खिलाफ सबसे बेहतर तरीके से लड़ाई के चलते न्यूजीलैंड की पीएम जेसिंडा अर्डर्न मिसाल बन गई हैं। देश 14 दिसंबर को कोरोना मुक्त हो चुका है। अब वह सतर्कता के लेवल-1 में पहुंच गया।

इजरायल में बेंजामिन भरोसेमंद: इजरायल में भले ही पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के गठबंधन को बहुमत नहीं मिला, पर वे देश के भरोसेमंद नेता हैं। उनके नेतृत्व में देश ने दुनिया में सबसे तेजी से टीकाकरण कर लोगों को सख्ती में ढील दी है।

रामाफोसा और मजबूत : ब्रिक्स देशों में शामिल दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामोफोसा की कोरोना से लड़ाई कारगर रही है। उनके नेतृत्व में देश दो लहर से पार पा चुका है। अफ्रीकी मीडिया के मुताबिक उनकी स्थिति पहले से मजबूत हुई है।

ब्रिटिश पीएम की वाहवाही: एक समय बेकाबू हो चुके कोरोना को रोकने के लिए तेजी से टीकाकरण कर पीएम बोरिस जॉनसन मजबूत हो गए हैं। जनवरी में नए मरीज 68 हजार हो गए थे, जाे टीकाकरण से अब रोज 3,423 ही बचे हैं।

खबरें और भी हैं…



Source link

Share:

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on linkedin
Share on whatsapp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *