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Six Persons Involved In Robbery – दो बाइक से छह बदमाशों ने डाली थी कूरिया कंपनी में डकैती


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लखनऊ। गाजीपुर थानाक्षेत्र की वीवीआईपी कॉलोनी रविंद्रपल्ली में एक्सप्रेस बिजी बीज नाम की कूरियर कंपनी के कार्यालय में सोमवार रात डकैती डालने वाले छह बदमाश दो बाइकों से आए थे। सभी ने अपना मुंह हेलमेट, गमछा और मफलर से ढंक रखा था। इसकी पुष्टि कंपनी के सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग में हो गई है। पुलिस ने इसी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का दावा है कि उनके पास अहम सुराग मिल गए हैं। पुलिस जल्द ही वारदात का खुलासा करेगी।
प्रभारी निरीक्षक गाजीपुर प्रशांत मिश्रा के मुताबिक, पुणे की एक्सप्रेस बिजी बीज कंपनी का ब्रांच कार्यालय रविंद्रपल्ली में हैं जो ढाई महीने पहले ही खुला है। इसके पहले इंदिरानगर सी ब्लॉक में कार्यालय था। कंपनी के सुपरवाइजर आशीष, आलोक व कर्मचारी रवि सोमवार रात को दिन भर की नकदी का मिलान कर रहे थे। इसी दौरान रात करीब 10.30 बजे दो बाइक पर छह बदमाश वहां पहुंचे। आलोक व आशीष के मुताबिक, रात को 6 लोग जिनके चेहरे ढंके थे, अचानक कार्यालय में घुस आए। उन्हें रोकने की कोशिश की तो बदमाशों ने असलहा निकाल लिया। विरोध करने पर तीनों की पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद बदमाश कूरियर का कुछ कीमती सामान, 4.35 लाख रुपये नकद, इंटरनेट व कंप्यूटर से जुड़े सामान उठा ले गए। इस दौरान करीब आधे घंटे तक बदमाश कार्यालय में रहे। सारा सामान बिखेर दिया। रात करीब 11 बजे पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस पड़ताल कर रही है।
सीसीटीवी फुटेज में मिला अहम सुराग
पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि बदमाशों की संख्या 7-8 थी। पुलिस ने कंपनी के कार्यालय के सभी कोनों की पड़ताल की। इसके बाद सीसीटीवी कैमरों के बारे में जानकारी हासिल की। कर्मचारियों ने बताया कि बदमाश डीवीआर भी साथ लेकर चले गए। पुलिस ने आसपास तलाशी ली तो डीवीआर मिल गया। पुलिस ने एक्सपर्ट को बुलाकर डीवीआर खुलवाया जिसमें दो बाइक से 6 बदमाशों के आने की पुष्टि हुई। पुलिस के मुताबिक, सभी बदमाशों ने अपना चेहरा ढंक रखा था। ऐसे में किसी की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस ने आसपास के सभी रास्तों के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जिसमें कई अहम सुराग मिले। इसमें बदमाशों के आने-जाने के रास्ते के बारे में पुलिस को जानकारी मिली है। बदमाशों की तलाश में पुलिस जुट गई है।
रेकी के बाद दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश रास्तों से पूरी तरह से वाकिफ थे। उनको पता था कि कार्यालय में रात में कम कर्मचारी रहते हैं। पुलिस को संदेह है कि वारदात में कोई कंपनी का पुराना कर्मचारी तो नहीं शामिल है। इसके लिए पुलिस ने कंपनी के जिम्मेदार से काम करने वाले सभी कर्मचारियों नए व पुराने की सूची, मोबाइल नंबर व पते मांगे हैं। पुलिस के मुताबिक, जिस स्थान पर कंपनी का कार्यालय है, वहीं पास में एक न्यायिक अधिकारी का आवास है। उनके आवास केबाहर पुलिस की गारद लगी है। ऐसे में संदेह होने पर वहां मुस्तैद पुलिस सक्रिय हो सकती थी। वारदात की पूरी जानकारी के लिए कंपनी के कर्मचारियों से दोबारा पूछताछ की जाएगी।
वीवीआईपी कॉलोनियों की सुरक्षा पर सवाल
रविंद्र पल्ली वीवीआईपी कॉलोनी हैं। यहां पर कई न्यायिक अधिकारी, रिटायर्ड पुलिस महानिदेशक, आईपीएस, आईएएस का आवास है। वहीं इसी कॉलोनी में भाजपा के सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह का भी आवास है। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार शलभमणि त्रिपाठी भी इसी कॉलोनी के बाशिंदे हैं। ऐसे में कॉलोनी में रात के 10.30 बजे जब राजधानी में चहल-पहल रहती है तो डकैती जैसी वारदात से सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस तरह से बदमाशों ने पुलिस को खुली चुनौती दी है।
जल्द पकड़े जाएंगे बदमाश
देर रात दो बाइक से आए छह बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस को कंपनी के कार्यालय और आसपास से कई सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। इसके आधार पर बदमाशाें की तलाश में पुलिस टीम लगी है। इस वारदात के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच की भी टीम लगी हुई है। कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं जिनके आधार पर आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
– रईस अख्तर, पुलिस उपायुक्त उत्तरी

लखनऊ। गाजीपुर थानाक्षेत्र की वीवीआईपी कॉलोनी रविंद्रपल्ली में एक्सप्रेस बिजी बीज नाम की कूरियर कंपनी के कार्यालय में सोमवार रात डकैती डालने वाले छह बदमाश दो बाइकों से आए थे। सभी ने अपना मुंह हेलमेट, गमछा और मफलर से ढंक रखा था। इसकी पुष्टि कंपनी के सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग में हो गई है। पुलिस ने इसी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का दावा है कि उनके पास अहम सुराग मिल गए हैं। पुलिस जल्द ही वारदात का खुलासा करेगी।

प्रभारी निरीक्षक गाजीपुर प्रशांत मिश्रा के मुताबिक, पुणे की एक्सप्रेस बिजी बीज कंपनी का ब्रांच कार्यालय रविंद्रपल्ली में हैं जो ढाई महीने पहले ही खुला है। इसके पहले इंदिरानगर सी ब्लॉक में कार्यालय था। कंपनी के सुपरवाइजर आशीष, आलोक व कर्मचारी रवि सोमवार रात को दिन भर की नकदी का मिलान कर रहे थे। इसी दौरान रात करीब 10.30 बजे दो बाइक पर छह बदमाश वहां पहुंचे। आलोक व आशीष के मुताबिक, रात को 6 लोग जिनके चेहरे ढंके थे, अचानक कार्यालय में घुस आए। उन्हें रोकने की कोशिश की तो बदमाशों ने असलहा निकाल लिया। विरोध करने पर तीनों की पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद बदमाश कूरियर का कुछ कीमती सामान, 4.35 लाख रुपये नकद, इंटरनेट व कंप्यूटर से जुड़े सामान उठा ले गए। इस दौरान करीब आधे घंटे तक बदमाश कार्यालय में रहे। सारा सामान बिखेर दिया। रात करीब 11 बजे पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस पड़ताल कर रही है।

सीसीटीवी फुटेज में मिला अहम सुराग

पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि बदमाशों की संख्या 7-8 थी। पुलिस ने कंपनी के कार्यालय के सभी कोनों की पड़ताल की। इसके बाद सीसीटीवी कैमरों के बारे में जानकारी हासिल की। कर्मचारियों ने बताया कि बदमाश डीवीआर भी साथ लेकर चले गए। पुलिस ने आसपास तलाशी ली तो डीवीआर मिल गया। पुलिस ने एक्सपर्ट को बुलाकर डीवीआर खुलवाया जिसमें दो बाइक से 6 बदमाशों के आने की पुष्टि हुई। पुलिस के मुताबिक, सभी बदमाशों ने अपना चेहरा ढंक रखा था। ऐसे में किसी की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस ने आसपास के सभी रास्तों के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जिसमें कई अहम सुराग मिले। इसमें बदमाशों के आने-जाने के रास्ते के बारे में पुलिस को जानकारी मिली है। बदमाशों की तलाश में पुलिस जुट गई है।

रेकी के बाद दिया वारदात को अंजाम

पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश रास्तों से पूरी तरह से वाकिफ थे। उनको पता था कि कार्यालय में रात में कम कर्मचारी रहते हैं। पुलिस को संदेह है कि वारदात में कोई कंपनी का पुराना कर्मचारी तो नहीं शामिल है। इसके लिए पुलिस ने कंपनी के जिम्मेदार से काम करने वाले सभी कर्मचारियों नए व पुराने की सूची, मोबाइल नंबर व पते मांगे हैं। पुलिस के मुताबिक, जिस स्थान पर कंपनी का कार्यालय है, वहीं पास में एक न्यायिक अधिकारी का आवास है। उनके आवास केबाहर पुलिस की गारद लगी है। ऐसे में संदेह होने पर वहां मुस्तैद पुलिस सक्रिय हो सकती थी। वारदात की पूरी जानकारी के लिए कंपनी के कर्मचारियों से दोबारा पूछताछ की जाएगी।

वीवीआईपी कॉलोनियों की सुरक्षा पर सवाल

रविंद्र पल्ली वीवीआईपी कॉलोनी हैं। यहां पर कई न्यायिक अधिकारी, रिटायर्ड पुलिस महानिदेशक, आईपीएस, आईएएस का आवास है। वहीं इसी कॉलोनी में भाजपा के सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह का भी आवास है। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार शलभमणि त्रिपाठी भी इसी कॉलोनी के बाशिंदे हैं। ऐसे में कॉलोनी में रात के 10.30 बजे जब राजधानी में चहल-पहल रहती है तो डकैती जैसी वारदात से सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस तरह से बदमाशों ने पुलिस को खुली चुनौती दी है।

जल्द पकड़े जाएंगे बदमाश

देर रात दो बाइक से आए छह बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस को कंपनी के कार्यालय और आसपास से कई सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। इसके आधार पर बदमाशाें की तलाश में पुलिस टीम लगी है। इस वारदात के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच की भी टीम लगी हुई है। कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं जिनके आधार पर आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।

– रईस अख्तर, पुलिस उपायुक्त उत्तरी



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