Most Popular

Social Media

Get The Latest Updates

Subscribe To Our Weekly Newsletter

No spam, notifications only about new products, updates.

Sub Inspector Deepak Bhardwaj Shaheed Bijapur Naxal attack Tarrem police station area | नक्सली चारों तरफ से गोलियां बरसा रहे थे, SI दीपक साथियों को बचाने लगे; तभी ब्लास्ट हुआ और वे शहीद हो गए


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

जांजगीर/बीजापुर5 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
यह फोटो बीजापुर की है। - Dainik Bhaskar

यह फोटो बीजापुर की है।

  • बीजापुर के तर्रेम में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच शनिवार को हुई थी मुठभेड़
  • 24 जवानों के शहीद होने की खबर, इनमें एक SI और CRPF के इंस्पेक्टर भी शामिल

बस्तर के बीजापुर में शनिवार को नक्सलियों ने CRPF और पुलिस के 700 जवानों को घेरकर हमला कर दिया। इनमें छत्तीसगढ़ पुलिस के सब इंस्पेक्टर दीपक और उनकी टीम भी शामिल थी। दीपक खुद की फिक्र किए बिना अपने साथियों को फायरिंग से सुरक्षित निकालने में जुट गए। इसी दौरान उनके करीब एक ब्लास्ट हुआ और वह शहीद हो गए।

नक्सलियों के बड़े हमले की यह कहानी वहां मौजूद एक जवान ने दैनिक भास्कर को बताई है। उन्होंने बताया कि हम लोगों पर नक्सलियों ने अचानक हैवी फायरिंग शुरू कर दी। हमारे कुछ साथी घायल हो गए। हमने घायलों को बीच में रखा था और बाहर घेरा बनाकर नक्सलियों को गोलियों से जवाब देने लगे। दीपक साहब लगातार हैवी फायरिंग से हम सभी को निकाल रहे थे। 4 से 5 जवानों की जान बचाते हुए वो IED ब्लास्ट की चपेट में आ गए। इससे उनकी जान गई।

सर्चिंग के दौरान कहीं भी फायरिंग और ब्लास्ट का खतरा रहता था, लेकिन दीपक साथियों के साथ मुस्कुराते दिखते थे।

सर्चिंग के दौरान कहीं भी फायरिंग और ब्लास्ट का खतरा रहता था, लेकिन दीपक साथियों के साथ मुस्कुराते दिखते थे।

2013 में पुलिस में भर्ती हुए थे
हैवी फायरिंग और नक्सलियों से घिरे होने के बाद भी छत्तीसगढ़ पुलिस के सब इंस्पेक्टर दीपक का साहस उनके साथ रहा। वे बहादुरी से लड़ते हुए जवानों की मदद करते रहे। दीपक जांजगीर जिले के पिहरीद के रहने वाले थे। वह पहले भी नक्सलियों की मांद में घुसकर उनके खिलाफ कई ऑपरेशन कर चुके थे।

6 सितंबर 1990 को जन्मे दीपक ने 16 सितंबर 2013 को पुलिस फोर्स ज्वॉइन की थी। उनकी तैनाती बीजापुर में थी। वह नक्सलियों के जमावड़े के इनपुट पर तर्रेम के अंदरूनी इलाके में सर्चिंग पर साथी जवानों के साथ निकले थे।

दीपक जंगल के तौर-तरीकों में खुद को ढाल चुके थे। अपने साथियों को भी वह अक्सर मुश्किल हालात में पॉजिटिव रहने की सीख देते थे।

दीपक जंगल के तौर-तरीकों में खुद को ढाल चुके थे। अपने साथियों को भी वह अक्सर मुश्किल हालात में पॉजिटिव रहने की सीख देते थे।

पिता बेटे को ढूंढते रहे, दूर गांव में मिला शव
नक्सलियों से मुठभेड़ में दीपक अपनी टीम को लीड कर रहे थे। फायरिंग के बाद जवान लौटे तो पता चला कि दीपक समेत कुछ साथी लापता हैं। दीपक के घरवालों को भी यह जानकारी दी गई। उनके पिता राधेलाल भारद्वाज और मां परमेश्वरी तुरंत बीजापुर के लिए रवाना हो गए। दोपहर तक दीपक का कुछ पता नहीं चला। बैकअप टीप तर्रेम थाना क्षेत्र के जीवनागुड़ा इलाके में पहुंची तो दूर एक पेड़ के पास दीपक का शव मिला।

होली से पहले फोन किया था, कहा था- अभी बहुत बिजी हूं
दीपक के पिता बेटे के पार्थिव शरीर से लिपट गए। आंखों से बहते आंसू एक पल के लिए भी नहीं थमे। मुठभेड़ में शामिल जवान उन्हें हौसला देते रहे, मगर वे भी जानते थे कि पिता का दर्द उनके दिलासे के आगे कुछ नहीं। काफी देर बाद दीपक के पिता राधेलाल ने जांजगीर के पुलिस अधिकारियों से बात की।

उन्होंने फोन पर कहा कि होली के पहले बात हुई थी बेटे से। बोला था बहुत बिजी है अभी, इसलिए बात नहीं कर रहा। मेरा बेटा बहुत अच्छा था सर, मैं तो बर्बाद हो गया। मेरा बेटा नहीं रहा। नक्सलियों ने मार दिया उसे। मुझे तो कुछ समझ नहीं रहा सर ..एकदम अंधेरा-अंधेरा लग रहा, नहीं बात कर पाऊंगा सर ज्यादा आपसे।

दीपक की शादी 2019 में हुई थी। वह बास्केट बॉल के भी अच्छे खिलाड़ी थे।

दीपक की शादी 2019 में हुई थी। वह बास्केट बॉल के भी अच्छे खिलाड़ी थे।

पढ़ाई में होशियार थे, मैदान में सबसे आगे
दीपक के साथ मोर्चे पर तैनात रहे जवानों ने बताया जंगल के मुश्किल हालात में रहने के बाद भी हमने हमेशा दीपक को हंसते-मुस्कुराते देखा। कई बार सर्चिंग के दौरान मीलों पैदल चलने के दौरान दीपक गाने गाकर माहौल को हल्का कर देते थे।

स्कूल के समय में वह होशियार स्टूडेंट रहे। उन्होंने छठवीं से 12वीं तक की पढ़ाई नवोदय विद्यालय मल्हार से की थी। उनके साथ पढ़े राहुल भारद्वाज ने बताया कि दीपक का फोकस खेल और सिंगिंग पर भी था। वह बास्केट बॉल के अच्छे खिलाड़ी थे। उन्होंने स्कूल स्तर पर नेशनल लेवल की प्रतियोगिता खेली थी। 2019 में दीपक की शादी हुई थी।

खबरें और भी हैं…



Source link

Share:

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on linkedin
Share on whatsapp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *