Most Popular

Social Media

Get The Latest Updates

Subscribe To Our Weekly Newsletter

No spam, notifications only about new products, updates.

Survey Started For Expansion Of Ram Janmabhoomi – अयोध्या: रामजन्मभूमि परिसर का विस्तार 108 एकड़ में करने की तैयारी, शुरू हुआ सर्वे


ख़बर सुनें

रामजन्मभूमि के 70 एकड़ परिसर के विस्तार के लिए बुधवार से सर्वे का कार्य शुरू हुआ। माना जा रहा है कि रामजन्मभूमि परिसर का विस्तार 108 एकड़ में किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। एक तरफ जहां प्रशासन नजूल की जमीनों को चिह्नित कर रहा है वहीं दूसरी तरफ श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट परिसर के आसपास के भूमि मालिकों से वार्ता करने में जुटा हुआ है।

राजस्व एवं तहसील प्रशासन की टीम ने बुधवार को रामजन्मभूमि परिसर के आसपास के क्षेत्रों का सर्वे किया। रामजन्मभूमि के पीछे स्थित दुराहीकुंआ मोहल्ले में रहने वाले लोगों का ब्यौरा दर्ज किया गया। क्षेत्र में कितने मकान हैं, मठ-मंदिर व अन्य धार्मिक स्थल हैं उनकी सूची तैयार की जा रही है। इसी बीच रामजन्मभूमि के आसपास स्थित नजूल की भूमि को भी चिह्नित किया जा रहा है।

रामजन्मभूमि के पश्चिम दिशा में स्थित नजूल की भूमि को चिह्नित किया जा चुका है। श्रीराम का मंदिर पांच एकड़ में निर्मित होना है। मंदिर का पूरा परिसर अब तक 70 एकड़ में सीमित था, पर मंदिर निर्माण समिति ने इसके विस्तार की योजना बनाई है। जिसे अब जमीन पर उतारने का कार्य आरंभ कर दिया गया है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ट्रस्ट ने अशर्फी भवन के पास स्थित एक जमीन की रजिस्ट्री एक करोड़ में करा ली है। यही नहीं परिसर से सटे फकीरे राम मंदिर के अधिग्रहण को लेकर ट्रस्ट की वार्ता चल रही है।

ट्रस्ट जल्द ही रामकोट के अन्य भवन व मंदिर स्वामियों से भी भूमि हासिल करने की कोशिश करेगा। चूंकि राममंदिर निर्माण शुरू होने के साथ रामलला के भक्तों की तादात भी बढ़ी है ऐसे में भक्तों के लिए जन सुविधाएं विकसित करने के लिए ट्रस्ट को परिसर के विस्तार की आवश्यकता महसूस हो रही है, जिसको लेकर ट्रस्ट ने प्रशासन के साथ मिलकर कवायद शुरू कर दी है।

रामजन्मभूमि के आसपास के क्षेत्रों में बुधवार से शुरू हुए सर्वे को लेकर लोगों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सर्वे टीम हर घर के बारे में जानकारी एकत्र कर रही है। घर, मंदिर, आश्रम आदि के कागज देखे जा रहे हैं। उनके कब्जे की जानकारी ली जा रही है। सूत्रों ने बताया कि जिनके पास कागज आदि नहीं हैं, उन्हें बेदखल करने की तैयारी है। इसके साथ ही नजूल की जमीन पर अवैध कब्जे को भी चिह्नित किया जा रहा है। अवैध कब्जे हटाने का अभियान भी शुरू कर दिया गया है।

रामजन्मभूमि परिसर में मंदिर सहित कई प्रकल्पों के निर्माण की योजना भी ट्रस्ट ने बना रखी है। ट्रस्ट का मानना है कि राममंदिर बनने के बाद वर्तमान की अपेक्षा दो गुना करीब एक लाख यात्री प्रतिदिन अयोध्या आएंगे। ऐसे में उनके लिए बेहतर व्यवस्था करने की तैयारी है। इसलिए यज्ञशाला, जन्मभूमि संग्रहालय, सत्संग भवन सभागार, अध्ययन-अनुसंधान क्षेत्र, रामलीला केंद्र, प्रोजेक्शन थिएटर, प्रदर्शनी कक्ष, बहुआयामी चलचित्रशाला, आदर्श गौशाला, सीता रसोई अन्न क्षेत्र, पार्किंग, अमानती कक्ष, आपातकालीन चिकित्सा सहायता केंद्र सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

रामजन्मभूमि के 70 एकड़ परिसर के विस्तार के लिए बुधवार से सर्वे का कार्य शुरू हुआ। माना जा रहा है कि रामजन्मभूमि परिसर का विस्तार 108 एकड़ में किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। एक तरफ जहां प्रशासन नजूल की जमीनों को चिह्नित कर रहा है वहीं दूसरी तरफ श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट परिसर के आसपास के भूमि मालिकों से वार्ता करने में जुटा हुआ है।

राजस्व एवं तहसील प्रशासन की टीम ने बुधवार को रामजन्मभूमि परिसर के आसपास के क्षेत्रों का सर्वे किया। रामजन्मभूमि के पीछे स्थित दुराहीकुंआ मोहल्ले में रहने वाले लोगों का ब्यौरा दर्ज किया गया। क्षेत्र में कितने मकान हैं, मठ-मंदिर व अन्य धार्मिक स्थल हैं उनकी सूची तैयार की जा रही है। इसी बीच रामजन्मभूमि के आसपास स्थित नजूल की भूमि को भी चिह्नित किया जा रहा है।

रामजन्मभूमि के पश्चिम दिशा में स्थित नजूल की भूमि को चिह्नित किया जा चुका है। श्रीराम का मंदिर पांच एकड़ में निर्मित होना है। मंदिर का पूरा परिसर अब तक 70 एकड़ में सीमित था, पर मंदिर निर्माण समिति ने इसके विस्तार की योजना बनाई है। जिसे अब जमीन पर उतारने का कार्य आरंभ कर दिया गया है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ट्रस्ट ने अशर्फी भवन के पास स्थित एक जमीन की रजिस्ट्री एक करोड़ में करा ली है। यही नहीं परिसर से सटे फकीरे राम मंदिर के अधिग्रहण को लेकर ट्रस्ट की वार्ता चल रही है।

ट्रस्ट जल्द ही रामकोट के अन्य भवन व मंदिर स्वामियों से भी भूमि हासिल करने की कोशिश करेगा। चूंकि राममंदिर निर्माण शुरू होने के साथ रामलला के भक्तों की तादात भी बढ़ी है ऐसे में भक्तों के लिए जन सुविधाएं विकसित करने के लिए ट्रस्ट को परिसर के विस्तार की आवश्यकता महसूस हो रही है, जिसको लेकर ट्रस्ट ने प्रशासन के साथ मिलकर कवायद शुरू कर दी है।

रामजन्मभूमि के आसपास के क्षेत्रों में बुधवार से शुरू हुए सर्वे को लेकर लोगों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सर्वे टीम हर घर के बारे में जानकारी एकत्र कर रही है। घर, मंदिर, आश्रम आदि के कागज देखे जा रहे हैं। उनके कब्जे की जानकारी ली जा रही है। सूत्रों ने बताया कि जिनके पास कागज आदि नहीं हैं, उन्हें बेदखल करने की तैयारी है। इसके साथ ही नजूल की जमीन पर अवैध कब्जे को भी चिह्नित किया जा रहा है। अवैध कब्जे हटाने का अभियान भी शुरू कर दिया गया है।

रामजन्मभूमि परिसर में मंदिर सहित कई प्रकल्पों के निर्माण की योजना भी ट्रस्ट ने बना रखी है। ट्रस्ट का मानना है कि राममंदिर बनने के बाद वर्तमान की अपेक्षा दो गुना करीब एक लाख यात्री प्रतिदिन अयोध्या आएंगे। ऐसे में उनके लिए बेहतर व्यवस्था करने की तैयारी है। इसलिए यज्ञशाला, जन्मभूमि संग्रहालय, सत्संग भवन सभागार, अध्ययन-अनुसंधान क्षेत्र, रामलीला केंद्र, प्रोजेक्शन थिएटर, प्रदर्शनी कक्ष, बहुआयामी चलचित्रशाला, आदर्श गौशाला, सीता रसोई अन्न क्षेत्र, पार्किंग, अमानती कक्ष, आपातकालीन चिकित्सा सहायता केंद्र सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की योजना है।



Source link

Share:

Share on facebook
Share on twitter
Share on pinterest
Share on linkedin
Share on whatsapp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *