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The country’s 54th rich, was trading in the stock market even when he was in ICU | देश के 54वें अमीर, जब आईसीयू में थे तब भी शेयर बाजार में ट्रेडिंग कर रहे थे


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2 घंटे पहले

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राकेश झुनझुनवाला डी-मार्ट के संस्थापक राधाकिशन दमानी को अपना मित्र और गुुरु भी मानते हैं। दोनों की मुलाकात बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की गलियों में हुई थी। झुनझुनवाला खाली समय में किताबें पढ़ना पसंद करते हैं। साउथ इंडियन खाने के शौकीन हैं। - Dainik Bhaskar

राकेश झुनझुनवाला डी-मार्ट के संस्थापक राधाकिशन दमानी को अपना मित्र और गुुरु भी मानते हैं। दोनों की मुलाकात बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की गलियों में हुई थी। झुनझुनवाला खाली समय में किताबें पढ़ना पसंद करते हैं। साउथ इंडियन खाने के शौकीन हैं।

  • जन्म : 5 जुलाई 1960
  • शिक्षा : बीकॉम (सिडनहॅम कॉलेज, बॉम्बे यूनिवर्सिटी) और सीए
  • परिवार : पत्नी- रेखा झुनझुनवाला, बेटी निष्ठा और दो जुड़वां बेटे- आर्यमान-आर्यवीर
  • कुल संपत्ति- 34.20 हजार करोड़ रुपए (शुक्रवार तक, फोर्ब्स के अनुसार)

61 साल के राकेश झुनझुनवाला को भारत का वॉरेन बफे कहा जाता है। शेयर बाजार में निवेश से अकूत संपत्ति बनाने वालों में दुनिया में बफे का नाम लिया जाता है, तो भारत में लोग झुनझुनवाला को नज़ीर मानते हैं। 36 साल पहले जब सेंसेक्स 150 पॉइंट पर था, तब झुनझुनवाला शेयर बाजार में उतरे थे।

आज सेंसेक्स 52,586 पर है और 19,910 करोड़ रु. की स्टॉक नेटवर्थ के साथ झुनझुनवाला के पास 38 कंपनियों के शेयर्स हैं। फोर्ब्स की भारतीय अमीरोंं की सूची में 54वें नंबर पर मौजूद झुनझुनवाला अब सस्ती एयरलाइंस में निवेश करके बड़ा दांव खेलने जा रहे हैं। अकासा नाम की एयरलाइन में वह 260 करोड़ रुपए के निवेश के साथ कंपनी में 40% की हिस्सेदारी लेंगे।

चार सालों में वह 70 एयरक्राफ्ट्स बेड़े में शामिल करने जा रहे हैं। झुनझुनवाला के साथ-साथ उनकी पत्नी रेखा भी शेयर बाजार में निवेश करती हैं। उनके पास 4500 करोड़ रुपए मूल्य के 17 कंपनियों के स्टॉक्स हैं। वह डिजिटल मीडिया इंटरटेनमेंट कंपनी हंगामा के चेयरमैन होने के साथ कुछ कंपनी के बोर्ड में भी शामिल हैं। कुछ समय पहले झुनझुनवाला पर एप्टेक कंपनी में इनसाइडर ट्रेडिंग का भी आरोप लगा था। सेबी के साथ सेटलमेंट करके उन्होंने जुर्माना भी चुकाया था।

  • 260 करोड़ रुपए के निवेश से सस्ती एयरलाइंस ‘अकासा’ शुरू कर रहे हैं। अगले 4 सालों में 70 एयरक्राफ्ट जुटाने की योजना है।

पिता सरकारी कर्मचारी, भाई सीए, घर में होती थी शेयर बाजार और कंपनियों की बात
झुनझुनवाला हैदराबाद में जन्मे। इनकम टैक्स अधिकारी पिता राधेश्याम के तबादले के कारण परिवार मुंबई बस गया। उस वक्त वह दो साल के थे। घर में अक्सर पिता के दोस्तों का जमावड़ा लगता। वे सब शेयर बाजार की बात करते। बचपन में राकेश पिता से पूछते कि कंपनियों का शेयर मूल्य कैसे घटता-बढ़ता है।

पिता ने बाजार को समझने के लिए अखबार पढ़ने की नसीहत दी। राकेश ने पिता से ट्रेिंडंग करने की इच्छा जताई। लेकिन पिता ने पहले पढ़ाई पूरी करने के लिए कहा। सीए की पढ़ाई करने के बाद झुनझुनवाला ट्रेडिंग में उतरे। उसके बाद उन्होंने इन्वेस्टमेंट शुरू किया।

निवेश से पहले कंपनी का इंटीरियर और कर्मचारियों का व्यवहार देखते थे
एक साक्षात्कार में झुनझुनवाला बताते हैं कि सिर्फ कंपनी की बैलेंस शीट ही नहीं, वह निवेश से पहले कंपनी के दफ्तर जाकर वहां का डेकोर तक देखते थे। यहां तक कि कर्मचारियों के व्यवहार से भी कंपनी के भविष्य का अनुमान लगाते। गणित में पक्के झुनझुनवाला को उनकी निवेश की हुई कंपनियों के वित्तीय आंकड़ों के साथ-साथ, रिटर्न का अनुपात रटा होता है। उन्हें मोबाइल नंबर याद रखने की भी आदत है। झुनझुनवाला के मित्र उत्पल सेठ एक इंटरव्यू में बताते हैं कि 2015 में झुनझुनवाला ब्रीच कैंडी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे।

उस हालत में भी उन्होंने मार्केट की स्थिति जानने के लिए बिजनेस न्यूजचैनल लगाने को कहा, टेबल-कुर्सी लगवाई और हाथ में ब्लैकबेरी लेकर ट्रेडिंग करने बैठ गए थे। झुनझुनवाला अपने मित्रों का भी ख्याल रखते हैं, टाइटन इंडस्ट्रीज़ के एमडी भास्कर भट्ट के लिए कंपनी की हर एनालिस्ट मीटिंग में वह स्पेशल पान ले जाना नहीं भूलते हैं।

जब एक दिन में ही कमा लिए थे 900 करोड़ रुपए
झुनझुनवाला 1985 में शेयर बाजार में आए। शुरुआती निवेश 5 हजार रुपए का था। पहला क्लाइंट भाई के जरिए मिला। उसे 18% रिटर्न के वादे के साथ डेड़ लाख रुपए निवेश करने के लिए कहा। दूसरे क्लाइंट से 10 लाख रु. निवेश करवाया। महज एक साल में उन्होंने इससे 25 लाख रु. कमाए। पहला बड़ा निवेश टाटा टी पर किया। 43 रुपए का शेयर खरीदकर 143 में बेच दिया।

1989 में सेसा गोवा के स्टॉक से पैसा कमाया। 1992 में उन्होंने शॉर्ट सेलिंग (स्टॉक बेचकर बाद में खरीदना) से सबसे ज्यादा पैसा कमाया। झुनझुनवाला का पसंदीदा स्टॉक टाइटन रहा है। उन्होंने 2002 में इसे 2-3 रु. के बीच खरीदना शुरू किया था। अभी भी उनकी सबसे ज्यादा 7357 करोड़ रु. की होल्डिंग टाइटन में ही है। नवंबर 2017 में टाइटन के तिमाही नतीजों के बाद शेयर में आई तेजी से झुनझुनवाला ने एक दिन में ही 900 करोड़ रु. कमाए थे।

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