लुटेरों के गिरोह का खुलासा, बीसीए-एलएलबी के छात्र कर रहे थे लूट, दबोचे गए

Crime-News-Lucknow

लखनऊ में अलीगंज पुलिस ने लुटेरों के ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जिसे बीसीए, एलएलबी और बीफार्मा के छात्र चला रहे थे। तीन बदमाश हत्थे चढ़े हैं। ये लूट में मिले एटीएम कार्ड, मोबाइल से कार्डलेस बैंकिंग कर खाते से रकम उड़ाते थे। पुलिस के मुताबिक शातिरों ने उत्तरी जोन की छह वारदातों में शामिल होने की बात कुबूली है। इन्हें जेल भेज दिया गया है।डीसीपी उत्तरी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के मुताबिक एलडीए स्टेडियम के पास दबोचे गए लुटेरों में जानकीपुरम में मेडिकल स्टोर चलाने वाला आशय आनंद, शेखर वर्मा और आशीष मिश्रा है। आशय ने बीफार्मा का कोर्स किया है। वहीं, शेखर वर्मा नोएडा के आईएमएस कॉलेज से बीसीए अंतिम वर्ष और आशीष ज्ञानोदय डिग्री कॉलेज से एलएलबी का छात्र है।

पुलिस ने तीनों से लूटा पर्स, छह मोबाइल, वारदात में इस्तेमाल दो स्कूटी, 8900 रुपये, दो तमंचे व कारतूस बरामद किया है। तीनों ने अलीगंज व महानगर में दो-दो, जानकीपुरम और मड़ियांव में एक-एक वारदात की बात कुबूली है। पुलिस ने बताया कि गिरोह चार साल से उत्तरी जोन में सक्रिय है।

पढ़े-लिखे और तकनीकी जानकार हैं तीनों

प्रभारी निरीक्षक अलीगंज फरीद अहमद के मुताबिक तीनों शातिर पढे़-लिखे और तकनीकी जानकार है। पूछताछ में बताया कि लूटे पर्स से मोबाइल, एटीएम कार्ड व नकदी मिलती था। रुपये तत्काल खर्च कर मोबाइल का सिम निकालकर अपने मोबाइल में डाल लेते थे।

इसके बाद एटीएम का ओटीपी हासिल कर कार्डलेस बैंकिंग का इस्तेमाल करते थे। इस तरीके से खाताधारक को रकम निकाले जाने की सूचना मेसेज से नहीं मिल पाती। जब वह खाते का स्टेटमेंट निकालता तो जानकारी होती।

कार्डलेस बैंकिंग में जो ओटीपी जनरेट किया जाता है, वहीं एटीएम का पिनकोड हो जाता है। ओटीपी व पिनकोड हासिल करने के बाद मोबाइल नाले में फेंक देते थे, ताकि किसी को पता न चल सके।

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