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Tungnath temple in Uttarakhand, facts about tungnath temple, panch kedar in uttarakhand | सबसे ज्यादा ऊंचाई पर है तुंगनाथ मंदिर, शिव जी के भक्तों के साथ ही ट्रेकिंग पसंद करने वाले लोग भी पहुंचते हैं यहां


8 घंटे पहले

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उत्तराखंड में शिव जी के पांच खास मंदिर हैं, जिन्हें पंच केदार कहा जाता है। इनमें केदारनाथ, तुंगनाथ, रुद्रनाथ, मध्यमहेश्वर और कल्पेश्वर मंदिर शामिल हैं। तुंगनाथ मंदिर रुद्रप्रयाग जिले में करीब 3600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस कारण ये दुनिया में सबसे ऊंचाई पर बना शिव मंदिर है। तुंगनाथ दर्शन के लिए सोनप्रयाग पहुंचना होता है। इसके बाद गुप्तकाशी, उखीमठ, चोपटा होते हुए तुंगनाथ मंदिर पहुंच सकते हैं। सावन माह में यहां काफी शिव भक्त पहुंचते हैं।

मान्यता है कि ये मंदिर करीब हजार साल पुराना है और इस जगह का संबंध महाभारत काल से भी है। तुंगनाथ से करीब 1.5 किमी दूर चंद्रशिला पीक है। इसकी ऊंचाई करीब 4000 मीटर है। चोपटा से तुंगनाथ एक तरफ की ट्रेकिंग में करीब 1 से 1.30 घंटे का समय लगता है।

जब तुंगनाथ क्षेत्र में बर्फ जमी रहती है, तब यहां का नजारा कुछ इस तरह दिखाई देता है।

जब तुंगनाथ क्षेत्र में बर्फ जमी रहती है, तब यहां का नजारा कुछ इस तरह दिखाई देता है।

तुंगनाथ उत्‍तराखंड में गढ़वाल के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित एक पर्वत है। इसी पर्वत पर स्थित है तुंगनाथ मंदिर। मंदिर के बारे में कथा प्रचलित है कि इसे पांडवों ने बनाया था। कुरुक्षेत्र में हुए नरसंहार से पांडव काफी दुखी थे। वे शांति के लिए हिमालय क्षेत्र में आए थे। उस समय उन्होंने शिव जी को प्रसन्न करने के लिए इस मंदिर का निर्माण किया था। एक अन्य मान्‍यता के अनुसार माता पार्वती ने शिव जी को पाने के लिए इस क्षेत्र में तप किया था।

इन दिनों कोरोना की वजह से यहां पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या में काफी कमी आई है। फिर भी यहां ट्रेकिंग के शौकीन पहुंच रहे हैं। भक्तों के लिए मंदिर भी खुला है। महामारी से संबंधित नियमों का पालन करते हुए यहां की यात्रा की जा सकती है।

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